यौन उत्पीड़न से तंग पत्नी ने की पति की हत्या, सूरत में सनसनी

पति की हत्या के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। लगातार पति ताकत बढ़ाने वाली दवाओं का सेवन कर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता और यौन उत्पीड़न से परेशान महिला ने अपने पति की हत्या कर दी।

Wife fed up with sexual harassment
भाई की शिकायत से खुला हत्या का मामला (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Jan 2026 07:41 PM
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Gujarat News : गुजरात के सूरत शहर में पति की हत्या के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है। लगातार शारीरिक और यौन उत्पीड़न से परेशान एक महिला ने अपने पति की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 37 वर्षीय महिला और उसका पति मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले थे। मृतक मुंबई में मजदूरी करता था और महीने में एक बार सूरत स्थित घर आता था। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसका पति ताकत बढ़ाने वाली दवाओं का सेवन कर उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाता था, जिससे उसे गंभीर चोटें आती थीं।

दो बार की गई हत्या की कोशिश

पुलिस निरीक्षक एन.के. कमलिया ने बताया कि महिला ने अपने पति की हत्या के लिए दो बार प्रयास किया। पहली बार 1 जनवरी की रात उसने हल्दी वाले दूध में चूहे मारने की दवा मिलाकर पति को पिला दी, लेकिन उसकी जान नहीं गई। इसके बाद 5 जनवरी को, जब पति की तबीयत पहले से ही खराब थी, महिला ने गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।

बीमारी बताकर छिपाने की कोशिश

हत्या के बाद महिला ने इसे बीमारी से हुई मौत बताने का प्रयास किया और पति को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामला तब संदिग्ध हुआ जब मृतक का भाई शव को बिहार ले जाकर अंतिम संस्कार करना चाहता था, लेकिन पत्नी सूरत में ही अंतिम संस्कार पर अड़ी रही।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुली पोल

पत्नी के व्यवहार पर संदेह होने पर मृतक के भाई ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर के अंश और गला घोंटने के निशान मिलने के बाद पुलिस ने महिला से सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच जारी है। Gujarat News

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अजीत पंवार की मौत के मामले में आया बड़ा मोड़

भाजपा सांसद द्वारा अजीत पंवार की मौत के मामले की जांच की मांग यह इशारा कर रही है कि वास्तव में अजीत पंवार की मौत के मामले में कोई बड़ी गड़बड़ी हो सकती है।

अजीत पवार
अजीत पवार
locationभारत
userआरपी रघुवंशी
calendar28 Jan 2026 06:20 PM
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Ajit Pawar : महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पंवार की मौत के मामले में बहुत बड़ा मोड़ आ गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ लोकसभा क्षेत्र से सांसद अरूण गोविल ने अजीत पंवार की मौत के मामले की जांच कराने की मांग की है। भाजपा सांसद द्वारा अजीत पंवार की मौत के मामले की जांच की मांग यह इशारा कर रही है कि वास्तव में अजीत पंवार की मौत के मामले में कोई बड़ी गड़बड़ी हो सकती है।

अजीत पंवार की मौत के मामले में क्या बोले भाजपा सांसद?

महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पंवार की मौत के कारण चारों तरफ शोक व्याप्त है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मेरठ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के सांसद अरूण गोविल का एक बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। टीवी के रामायण सीरियल में राम की भूमिका निभाने वाले भाजपा सांसद अरूण गोविल ने अजीत पंवार की मौत की जांच कराने की मांग की है। अजीत पंवार की मौत पर शोक व्यक्त करते हुए भाजपा सांसद अरूण गोविल ने इस मामले की गहनता से जांच कराने की मांग की है। मीडिया से बात करते हुए गोविल ने इस नुकसान को 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण' और 'दुखद' बताया. साथ ही विमान के साथ क्या हुआ, इसकी पूरी जांच की मांग की है. अरुण गोविल ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, 'यह वाकई बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है. इतने अच्छे नेता को खोना दुखद है. इस दुखद घटना के कारण को समझने के लिए जांच होना बहुत जरूरी है.' अजित पवार के निधन के बाद सांसद और बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत ने भी पवार की मौत पर दुख व्यक्त किया था. उन्होंने इसे 'भयानक' बताया. कंगना ने नई दिल्ली में संसद के बाहर मीडिया से कहा, 'ओह माय गॉड. यह बहुत भयानक है. यह इतनी भयानक खबर है. भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्द कम पड़ रहे हैं. अपने इमोशंस को अलाइन करके, मैं बाद में स्टेटमेंट दूंगी.'

अजीत पंवार की मौत पर इमोशनल हुए रितेश देशमुख

कंगना रनौत से पहले एक्टर रितेश देशमुख ने भी सोशल मीडिया पर इमोशनल नोट लिखा था. रितेश और अजित पवार के परिवारों के अच्छी दोस्ती थी. ऐसे में उन्होंने लिखा, 'अजित दादा को इस दुखद दुर्घटना में खोने की खबर से गहरा सदमा लगा है और दिल टूट गया है. महाराष्ट्र के सबसे डायनामिक लीडर्स में से एक, उनके पास नॉन-परफॉरमेंस के लिए जीरो टॉलरेंस था और वे हमेशा अपने आसपास के लोगों को बेहतर करने के लिए प्रेरित करते थे. वे कभी शब्दों को नरम नहीं करते थे, उनकी हाजिरजवाबी का कोई मुकाबला नहीं था, और पूरे राज्य से उन्हें बहुत प्यार मिलता था. उनकी असमय मौत से बड़ा नुकसान हुआ है और एक ऐसा खालीपन छूट गया है जो भरना मुश्किल है. मुझे उनसे कई बार मिलने का सौभाग्य मिला, उनकी दयालुता को हमेशा याद रखूंगा. पवार परिवार, उनके प्रियजनों और लाखों समर्थकों को मेरी गहरी संवेदनाएं.'

कैसे चली गई अजीत पंवार की जान?

आपको बता दें कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजित पवार बुधवार, 28 जनवरी को अपने चार्टर्ड प्लेन के क्रैश होने से जान गंवा बैठे. प्लेन बारामती एयरपोर्ट के लैंडिंग रनवे के पास क्रैश हुआ, जिसमें अजित पवार के साथ उनके साथी यात्री भी शामिल थे. घटनास्थल की तस्वीरों में प्लेन में आग लगी हुई और धुआं उठता दिख रहा है. पवार बारामती में जिला परिषद चुनाव के लिए पब्लिक रैली में शामिल होने जा रहे थे. उनके साथ दो अन्य लोग, एक पीएसओ और एक अटेंडेंट के साथ-साथ दो क्रू मेंबर थे. उत्तर प्रदेश के मेरठ से भाजपा सांसद अरूण गोविल के बयान के बाद इस विमान दुर्घटना पर सवाल उठने लगे हैं। : महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजीत पंवार की मौत के मामले में बहुत बड़ा मोड़ आ गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ लोकसभा क्षेत्र से सांसद अरूण गोविल


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मध्य प्रदेश: मदरसों में गीता पढ़ाने के बयान से राजनीति तेज

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और एडीजी राजा बाबू सिंह द्वारा मदरसों में कुरान के साथ भगवद गीता पढ़ाने के सुझाव ने प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है।

Teaching the Gita in madrasas
मदरसों में गीता पढ़ाने के मुद्दे पर गरमाई सियासत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar28 Jan 2026 06:10 PM
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madhya pradesh news : गणतंत्र दिवस के अवसर पर एडीजी सिंह ने सीहोर जिले के दोहरा स्थित मदरसा इस्लामिया मदीनतुल उलूम के छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद के दौरान यह बात कही थी। एडीजी राजा बाबू सिंह ने कहा कि जिस तरह कुरान इंसान को सही राह दिखाती है, उसी तरह भगवद गीता जीवन मूल्यों, कर्तव्यबोध और नैतिकता की शिक्षा देती है। उन्होंने मदरसों में धार्मिक ग्रंथों के साथ-साथ गीता के अध्ययन की जरूरत पर जोर दिया।

मदरसा संचालक का समर्थन

एडीजी के बयान पर मदरसा संचालक अमीन उल्लाह ने संतुलित प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ज्ञान किसी एक धर्म तक सीमित नहीं होता। जिस ग्रंथ से समाज और देश को आगे बढ़ाने की सीख मिले, उसका अध्ययन किया जाना चाहिए। अमीन उल्लाह ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अब तक गीता का अध्ययन नहीं किया है, लेकिन व्यक्तिगत रूप से पहले स्वयं गीता पढ़ेंगे, उसके बाद ही बच्चों को पढ़ाने को लेकर कोई निर्णय लिया जाएगा।

भाजपा का समर्थन

बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने एडीजी राजा बाबू सिंह के सुझाव का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भगवद गीता मानवता की रक्षा का सबसे बड़ा उदाहरण है, जिससे आत्मबल और सामाजिक समरसता का ज्ञान मिलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब मदरसों में हिंदू बच्चों को उर्दू पढ़ाई जा सकती है, तो गीता पढ़ाने पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उनके अनुसार गीता सभी को पढ़नी और पढ़ानी चाहिए।

कांग्रेस का विरोध

वहीं कांग्रेस ने इस बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है। कांग्रेस नेता अब्बास हफीज ने कहा कि एडीजी को मदरसों की पढ़ाई पर टिप्पणी करने के बजाय प्रदेश की कानून व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में हत्या, लूट और अपराध की घटनाएं हो रही हैं और ऐसे में एडीजी का इस तरह का बयान गैरजरूरी है। मदरसों में तालीम देने का काम मौलानाओं का है, जिसे वे बखूबी निभा रहे हैं।

सियासी बहस तेज

कुल मिलाकर एडीजी के गीता पाठ संबंधी सुझाव, मदरसा संचालक के सकारात्मक रुख और राजनीतिक दलों की तीखी प्रतिक्रियाओं के बाद यह मुद्दा पूरी तरह सियासी रंग ले चुका है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि गीता अध्ययन के बाद मदरसे में बच्चों को इसका पाठ पढ़ाया जाएगा या नहीं। madhya pradesh news