कोलकाता। आम चुनाव में अभी लगभग 12 महीने शेष हैं, लेकिन चुनाव की सरगर्मियां ऊफान पर हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात के बाद नीतीश कुमार सक्रिय हो गए हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभी नीतीश कुमार की भूमिका का ऐलान नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि उन्हें विपक्षी दलों को एकजुट करने की अहम जिम्मेदारी दी गई है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पश्चिम बंगाल की अपनी समकक्ष ममता बनर्जी से इस सप्ताह की शुरुआत में कोलकाता में मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि नीतीश के सोमवार या मंगलवार को राज्य सचिवालय नबन्ना स्थित ममता बनर्जी के कार्यालय में उनसे मिलने की संभावना है। दोनों नेता 2024 के लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का मुकाबला करने की रणनीति पर बंद कमरे में चर्चा कर सकते हैं। माना जा रहा है कि नीतीश कुमार उन्हें यह संदेश देने की कोशिश करेंगे कि आम चुनाव में विपक्षी दलों के बिखराव का फायदा बीजेपी को ही होगा। मौजूदा हालात को देखते हुए विपक्षी एकता बेहद जरूरी है।
इससे पहले ममता बनर्जी ने समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव और ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के साथ पिछले महीने इसी तरह की बैठकें की थीं। इस बात की भी उम्मीद की जा रही है कि अखिलेश और नवीन से हुई बातचीत के आधार पर ही आगे बढ़ने की रणनीति तय की जाएगी। इस बात के भी कयास लगाए जा रहे हैं कि ममता बनर्जी को ही इन दोनों नेताओं को अपने पाले में लाने की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
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