महाशिवरात्रि की रात क्यों है सबसे खास? जानें पूजा, मंत्र और शुभ समय

Mahashivratri: महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी को मनाया जा रहा है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह की स्मृति में व्रत, रात्रि जागरण और चार प्रहर की विशेष पूजा की जाती है। यहां जानें महाशिवरात्रि की सही तिथि, पूजा मुहूर्त, निशीथ काल का समय, जलाभिषेक के शुभ घंटे और व्रत की सरल विधि।

Mahashivratri
महाशिवरात्रि
locationभारत
userअसमीना
calendar15 Feb 2026 09:31 AM
bookmark

फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी की यह पवित्र रात सिर्फ एक पर्व नहीं बल्कि शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का उत्सव है। महाशिवरात्रि वह खास अवसर है जब पूरा देश “हर हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठता है। मान्यता है कि इसी रात भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। साल भर में 12 शिवरात्रियां आती हैं लेकिन महाशिवरात्रि का महत्व सबसे अधिक माना जाता है। इस दिन व्रत, रात्रि जागरण और चार प्रहर की पूजा का विशेष विधान है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी को मनाई जा रही है और इस दिन कई शुभ योग भी बन रहे हैं जो पूजा के फल को और भी शुभ बना देते हैं।

चार प्रहर पूजन का शुभ मुहूर्त

महाशिवरात्रि की रात को चार प्रहर में पूजा करने का विशेष महत्व है। हर प्रहर में भगवान शिव का अभिषेक और मंत्र जाप किया जाता है।

प्रथम प्रहर

शाम 6:11 बजे से रात 9:23 बजे तक

द्वितीय प्रहर

रात 9:23 बजे से 16 फरवरी को 12:35 बजे तक

तृतीय प्रहर

रात 12:35 बजे से सुबह 3:47 बजे तक

चतुर्थ प्रहर

सुबह 3:47 बजे से 6:59 बजे तक

चारों प्रहर में शिवलिंग पर जल, दूध या गंगाजल चढ़ाकर “ॐ नमः शिवाय” का जाप करना अत्यंत शुभ माना गया है।

निशीथ काल का महत्व

महाशिवरात्रि की पूजा का सबसे पवित्र समय निशीथ काल होता है।

निशीथ काल मुहूर्त

रात 12:09 बजे से 1:01 बजे तक (16 फरवरी)

इस समय शिव पूजन करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है।

जलाभिषेक के शुभ समय

यदि आप दिन में अभिषेक करना चाहते हैं तो ये समय उत्तम रहेंगे-

सुबह 8:24 से 9:48 बजे तक

सुबह 9:48 से 11:11 बजे तक

सुबह 11:11 से 12:35 बजे तक (अमृत सर्वोत्तम समय)

शाम 6:11 से 7:47 बजे तक

श्रद्धा से जल अर्पित करने मात्र से भी भोलेनाथ प्रसन्न हो जाते हैं।

बन रहे हैं शुभ योग

इस वर्ष महाशिवरात्रि पर कई शुभ योग बन रहे हैं जैसे-

व्यतीपात योग- 15 फरवरी सुबह 3:18 बजे से 16 फरवरी रात 2:47 बजे तक

सर्वार्थ सिद्धि योग- सुबह 7:00 बजे से शाम 7:48 बजे तक

इसके अलावा प्रीति, आयुष्मान, सौभाग्य, शिव, शुक्ल, शोभन, चंद्रमंगल और राजयोग जैसे कई शुभ संयोग बन रहे हैं।

महाशिवरात्रि की सरल पूजन विधि

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।

साफ वस्त्र पहनें और शिव मंदिर जाएं।

शिवलिंग पर जल, दूध या गन्ने के रस से अभिषेक करें।

बेलपत्र, धतूरा, भांग, फल और मिठाई अर्पित करें।

“ॐ नमः शिवाय” और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।

शिव चालीसा पढ़ें और आरती करें।

रात में जागरण करना भी शुभ माना जाता है।

महाशिवरात्रि के शक्तिशाली मंत्र

महामृत्युंजय मंत्र

ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।

उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

रुद्र गायत्री मंत्र

ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि।

तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥

महाशिवरात्रि की कथा

गरुड़ पुराण में एक कथा मिलती है। एक शिकारी जंगल में शिकार की तलाश में गया लेकिन उसे कुछ नहीं मिला। रात में वह एक तालाब के किनारे बेल वृक्ष के नीचे बैठ गया जहां शिवलिंग स्थापित था। अनजाने में उसके हाथ से बेलपत्र और जल शिवलिंग पर गिर गए। इस तरह उससे अनजाने में शिव पूजा हो गई। जब मृत्यु के बाद यमदूत उसे लेने आए तो शिवगणों ने उसकी रक्षा की। इस कथा से सीख मिलती है कि सच्ची श्रद्धा से किया गया छोटा सा कार्य भी भगवान शिव को प्रिय होता है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

भारत-पाक मैच पर वारिस पठान का सीधा हमला

पठान ने अपने बयान में पुलवामा हमले, 26/11 मुंबई हमले, पहलगाम और हालिया रेड फोर्ट ब्लास्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों, विशेषकर जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया है।

AIMIM national spokesperson Waris Pathan
वारिस पठान का तीखा तंज (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar14 Feb 2026 05:00 PM
bookmark

India Pakistan Match Controversy: आल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने आईसीसी टी20 विश्व कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले मैच को लेकर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद का दर्द झेल चुके देश के लिए पाकिस्तान से क्रिकेट मैच खेलना शहीदों का अपमान और एक शर्मनाक कृत्य है।

पाक समर्थित आतंकवाद का किया जिक्र

पठान ने अपने बयान में पुलवामा हमले, 26/11 मुंबई हमले, पहलगाम और हालिया रेड फोर्ट ब्लास्ट का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि इन सभी घटनाओं में पाकिस्तान आधारित आतंकी संगठनों, विशेषकर जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया है। उन्होंने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले और लाल किले पर हुए विस्फोट में जैश-ए-मोहम्मद का नाम आ रहा है। हमने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव जैसे अभियान चलाए, लेकिन इसके बाद भी भारत पाकिस्तान के साथ मैच खेल रहा है।

BCCI और अमित शाह को संबोधित

वारिस पठान ने सीधे तौर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, जय शाह और बीसीसीआई का नाम लेते हुए उनकी राष्ट्रवाद पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगा अमित शाह, जय शाह और बीसीसीआई में अगर थोड़ा भी राष्ट्रवास या देशभक्ति बची हुई है, तो भारत को पाकिस्तान से मैच नहीं खेलना चाहिए।

'बहनों के सिंदूर को याद करें'

पठान ने पहलगाम हमले में मारे गए पर्यटकों के परिजनों का जिक्र करते हुए भावुक अंदाज में कहा कि हम क्या जवाब देंगे उन बहनों को, जिनका पहलगाम में सिंदूर उजाड़ दिया गया? पाकिस्तान के आतंकवादियों ने मजहब के नाम पर वहां के पर्यटकों को उनकी बीवी-बच्चों के सामने गोली मार दी। कुछ चुनिंदा रुपयों के लिए मैच खेलना... वारिस पठान ऐसे रुपयों पर थूकता है, जहां मेरे देश की मान-मर्यादा का सवाल हो।

'देश देख रहा है कौन है सच्चा राष्ट्रवादी'

उन्होंने यह भी कहा कि देश ने पाकिस्तान के साथ व्यापारिक संबंध खत्म किए, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कलाकारों पर प्रतिबंध लगाए, लेकिन क्रिकेट मैच खेलना दोहरी नीति है। पठान ने कहा कि देश देख रहा है कि कौन बड़ा राष्ट्रवादी है और कौन बड़ा देशभक्त। पाकिस्तान एक छोटा-सा मुल्क है, भारत को खड़ा होकर कहना चाहिए था कि हमें तेरे साथ कोई रिश्ता नहीं रखना है। यही जज्बा होना चाहिए था। उन्होंने मैच को तुरंत रोकने की मांग की है। India Pakistan Match Controversy

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

केंद्र का बड़ा फैसला, 1.60 लाख करोड़ की परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी

कैबिनेट में एक बड़ा फैसला लिया है, जिसमें लगभग 1.60 लाख करोड़ की परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें रेलवे नेटवर्क के बड़े विस्तार, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और स्टार्टअप्स के लिए नया फंड शामिल है।

modi  (2)
मोदी राजनाथ और अमित शाह के साथ
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar14 Feb 2026 04:24 PM
bookmark

Centre's Decision : भारतीय केंद्र सरकार ने 14 फरवरी 2026 को अपनी कैबिनेट में एक बड़ा फैसला लिया है, जिसमें लगभग 1.60 लाख करोड़ की परियोजनाओं और योजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसमें रेलवे नेटवर्क के बड़े विस्तार, शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और स्टार्टअप्स के लिए नया फंड शामिल है।

रेल और कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स

कैबिनेट ने देश की परिवहन व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण रेल और सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें शामिल हैं अंबाला-दिल्ली, कासारा-मनमाड और बॉलारी-होसापेटे जैसे मुख्य सेक्शनों पर तीसरी और चौथी लाइनें जोड़ी जाएँगी। असम में गोपुर-नुमालिगढ़ टनल, जो रेल और सड़क दोनों के लिए होगी, यह निर्माण काफी बड़ा और तकनीकी रूप से उन्नत है। नोएडा मेट्रो के एक हिस्से का विस्तार और कई राष्ट्रीय राजमार्गों की चौड़ीकरण परियोजनाएँ भी शामिल हैं। इन निर्णयों से यातायात और माल गति दोनों में सुधार आने की उम्मीद है और देश के अलग-अलग हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

शहरी सुधार का बड़ा कदम

सरकार ने शहरों के विकास को तेज करने के लिए 1 लाख करोड़ का अर्बन चैलेंज फंड भी मंजूर किया है। यह एक बड़ा वित्तीय साधन है जो शहरी परियोजनाओं के लिए बाजार आधारित निवेश और निजी भागीदारी को प्रोत्साहित करेगा। इसका उद्देश्य है शहरों को अधिक समृद्ध और टिकाऊ ढंग से विकसित करना, बेहतर पानी, स्वच्छता, सड़कों और परिवहन जैसी आवश्यक सुविधाएँ बनाना,

और सरकारी वित्तीय सहायता के साथ निजी निवेश को भी आकर्षित करना। यह योजना अगले पांच सालों में लगभग 4 लाख करोड़ का निवेश खड़ा करने का लक्ष्य रखती है, जिसका लाभ छोटे और बड़े दोनों तरह के शहर उठा सकेंगे।

नवाचार के लिए पूंजी

कैबिनेट ने 10,000 करोड़ के स्टार्टअप फंड आॅफ फंड्स को भी हरी झंडी दी है। यह फंड खासकर डीप टेक, हाई टेक उद्योगों और शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता देगा। इसका लक्ष्य है दीर्घकालिक पूंजी जुटाना, घरेलू उद्यम पूंजी बाजार को मजबूत बनाना और उन कंपनियों को समर्थन देना जिनका उदय भविष्य में तेजी से हो सकता है। यह फंड पहले लॉन्च किए गए स्टार्टअप इंडियापहल का दूसरा चरण है, और इसका मकसद नवाचार आधारित रोजगार और नई व्यापार संभावनाओं को बढ़ाना है। यह पैकेज सिर्फ एक बड़ी रकम के बारे में नहीं है यह देश की आर्थिक रणनीति का एक बड़ा हिस्सा है। सरकार का मानना है कि इससे लॉजिस्टिक्स की लागत घटेगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और नवाचार आधारित विकास को नई गति मिलेगी। Centre's Decision


संबंधित खबरें