देश के 7 बड़े शहरों में पानी हुआ दूषित, ग्रेटर नोएडा भी शामिल
इंदौर में गंदा पानी पीने से 20 लोगों की जान चली गई लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ इंदौर की समस्या नहीं है। देश के कई बड़े शहरों में भी पानी दूषित पाया गया है। गांधीनगर, हैदराबाद और ग्रेटर नोएडा जैसी जगहों में लोग बीमार हो रहे हैं।

पानी को जिंदगी कहा जाता है लेकिन जब यही पानी जान लेने लगे तो हालात कितने डरावने हो सकते हैं इसका ताजा उदाहरण मध्य प्रदेश का इंदौर है। यहां गंदा पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई और कई लोग अब भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इंदौर की इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है क्योंकि यह समस्या सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है। हैरानी की बात यह है कि देश के कई बड़े और विकसित शहरों में भी लोगों तक दूषित पानी पहुंच रहा है।
7 बड़े शहरों में पानी बना खतरा
जांच रिपोर्ट्स और मीडिया खबरों के मुताबिक, देश के कम से कम सात बड़े शहरों में पानी की क्वालिटी चिंता का विषय बन चुकी है। गुजरात के गांधीनगर से लेकर तेलंगाना के हैदराबाद, उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा, मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल और हरियाणा के रोहतक व झज्जर तक गंदे पानी की शिकायतें सामने आई हैं। कई जगहों पर पानी की टेस्टिंग फेल हुई है जिसमें सीवेज और बैक्टीरिया पाए गए हैं।
गांधीनगर और हैदराबाद में बिगड़े हालात
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी पीने से टाइफाइड के 100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। सिविल अस्पताल में भर्ती दो लोगों की मौत ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। वहीं, हैदराबाद में अलग-अलग इलाकों से लिए गए पानी के सैंपल में से कई सैंपल बेहद खराब पाए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, पानी में सीवेज, कोलीफॉर्म बैक्टीरिया और इंडस्ट्रियल वेस्ट तक मिला है जो सीधे तौर पर सेहत के लिए खतरनाक है।
ग्रेटर नोएडा में बीमार पड़ रहे लोग
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में भी गंदा पानी लोगों को बीमार कर रहा है। यहां कई लोग उल्टी, बुखार, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालांकि, स्थानीय प्राधिकरण ने पाइपलाइन में सीवेज पानी मिलने की बात से इनकार किया है, लेकिन लोगों की तबीयत और अस्पतालों में बढ़ते मरीज कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
रोहतक और झज्जर में बदबूदार पानी से परेशानी
हरियाणा के रोहतक और झज्जर जिलों में भी लोगों ने नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत की है। हालात ऐसे हैं कि कई परिवार रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए टैंकर का पानी खरीदने को मजबूर हैं या फिर दूर-दराज के इलाकों से पानी मंगवा रहे हैं। यह स्थिति आम लोगों की जेब और सेहत दोनों पर भारी पड़ रही है।
इंदौर और भोपाल में कोलाई बैक्टीरिया का खतरा
मध्य प्रदेश में इंदौर के साथ-साथ भोपाल के ग्राउंड वॉटर में भी कोलाई बैक्टीरिया पाए गए हैं। यही बैक्टीरिया इंदौर में हुई मौतों की बड़ी वजह माने जा रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए भोपाल नगर निगम ने जमीन के नीचे से आने वाले पानी की सप्लाई पर रोक लगा दी है, ताकि लोगों को किसी बड़े खतरे से बचाया जा सके।
गंदा पानी कैसे बन रहा है जानलेवा
दूषित पानी पीने से लोग दस्त, उल्टी, हैजा, टाइफाइड और डायरिया जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कुछ मामलों में गिलियन बैरे सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारी भी देखने को मिल रही है जो नसों पर असर डालती है। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को होता है जिनका शरीर जल्दी डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता है।
शरीर कैसे देता है दूषित पानी से बीमारी का संकेत
जब शरीर गंदे पानी से बीमार पड़ता है, तो इसके संकेत साफ नजर आने लगते हैं। लगातार दस्त और उल्टी, तेज बुखार, कमजोरी, चक्कर आना और पेशाब कम होना इसके आम लक्षण हैं। कुछ मामलों में आंखों या शरीर में पीलापन भी दिख सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में यह लक्षण तेजी से बिगड़ सकते हैं इसलिए इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।
बीमारी की हालत में घर पर क्या कर सकते हैं
अगर दूषित पानी की वजह से तबीयत खराब हो जाए तो शरीर में पानी की कमी न होने देना सबसे जरूरी है। नींबू पानी, नारियल पानी या इलेक्ट्रोलाइट शरीर को राहत दे सकते हैं। अदरक और तुलसी पेट की गड़बड़ी और उल्टी में मददगार साबित होते हैं। खाने में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन जैसे दही-चावल, खिचड़ी या केला बेहतर रहता है। सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।
पानी को जिंदगी कहा जाता है लेकिन जब यही पानी जान लेने लगे तो हालात कितने डरावने हो सकते हैं इसका ताजा उदाहरण मध्य प्रदेश का इंदौर है। यहां गंदा पानी पीने से 20 लोगों की मौत हो गई और कई लोग अब भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे हैं। इंदौर की इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है क्योंकि यह समस्या सिर्फ एक शहर तक सीमित नहीं है। हैरानी की बात यह है कि देश के कई बड़े और विकसित शहरों में भी लोगों तक दूषित पानी पहुंच रहा है।
7 बड़े शहरों में पानी बना खतरा
जांच रिपोर्ट्स और मीडिया खबरों के मुताबिक, देश के कम से कम सात बड़े शहरों में पानी की क्वालिटी चिंता का विषय बन चुकी है। गुजरात के गांधीनगर से लेकर तेलंगाना के हैदराबाद, उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा, मध्य प्रदेश के इंदौर और भोपाल और हरियाणा के रोहतक व झज्जर तक गंदे पानी की शिकायतें सामने आई हैं। कई जगहों पर पानी की टेस्टिंग फेल हुई है जिसमें सीवेज और बैक्टीरिया पाए गए हैं।
गांधीनगर और हैदराबाद में बिगड़े हालात
गुजरात की राजधानी गांधीनगर में दूषित पानी पीने से टाइफाइड के 100 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। सिविल अस्पताल में भर्ती दो लोगों की मौत ने हालात की गंभीरता को और बढ़ा दिया है। वहीं, हैदराबाद में अलग-अलग इलाकों से लिए गए पानी के सैंपल में से कई सैंपल बेहद खराब पाए गए। रिपोर्ट्स के अनुसार, पानी में सीवेज, कोलीफॉर्म बैक्टीरिया और इंडस्ट्रियल वेस्ट तक मिला है जो सीधे तौर पर सेहत के लिए खतरनाक है।
ग्रेटर नोएडा में बीमार पड़ रहे लोग
उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में भी गंदा पानी लोगों को बीमार कर रहा है। यहां कई लोग उल्टी, बुखार, पेट दर्द और दस्त जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालांकि, स्थानीय प्राधिकरण ने पाइपलाइन में सीवेज पानी मिलने की बात से इनकार किया है, लेकिन लोगों की तबीयत और अस्पतालों में बढ़ते मरीज कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
रोहतक और झज्जर में बदबूदार पानी से परेशानी
हरियाणा के रोहतक और झज्जर जिलों में भी लोगों ने नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायत की है। हालात ऐसे हैं कि कई परिवार रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए टैंकर का पानी खरीदने को मजबूर हैं या फिर दूर-दराज के इलाकों से पानी मंगवा रहे हैं। यह स्थिति आम लोगों की जेब और सेहत दोनों पर भारी पड़ रही है।
इंदौर और भोपाल में कोलाई बैक्टीरिया का खतरा
मध्य प्रदेश में इंदौर के साथ-साथ भोपाल के ग्राउंड वॉटर में भी कोलाई बैक्टीरिया पाए गए हैं। यही बैक्टीरिया इंदौर में हुई मौतों की बड़ी वजह माने जा रहे हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए भोपाल नगर निगम ने जमीन के नीचे से आने वाले पानी की सप्लाई पर रोक लगा दी है, ताकि लोगों को किसी बड़े खतरे से बचाया जा सके।
गंदा पानी कैसे बन रहा है जानलेवा
दूषित पानी पीने से लोग दस्त, उल्टी, हैजा, टाइफाइड और डायरिया जैसी बीमारियों का शिकार हो रहे हैं। कुछ मामलों में गिलियन बैरे सिंड्रोम जैसी गंभीर बीमारी भी देखने को मिल रही है जो नसों पर असर डालती है। सबसे ज्यादा खतरा बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को होता है जिनका शरीर जल्दी डिहाइड्रेशन का शिकार हो जाता है।
शरीर कैसे देता है दूषित पानी से बीमारी का संकेत
जब शरीर गंदे पानी से बीमार पड़ता है, तो इसके संकेत साफ नजर आने लगते हैं। लगातार दस्त और उल्टी, तेज बुखार, कमजोरी, चक्कर आना और पेशाब कम होना इसके आम लक्षण हैं। कुछ मामलों में आंखों या शरीर में पीलापन भी दिख सकता है। बच्चों और बुजुर्गों में यह लक्षण तेजी से बिगड़ सकते हैं इसलिए इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।
बीमारी की हालत में घर पर क्या कर सकते हैं
अगर दूषित पानी की वजह से तबीयत खराब हो जाए तो शरीर में पानी की कमी न होने देना सबसे जरूरी है। नींबू पानी, नारियल पानी या इलेक्ट्रोलाइट शरीर को राहत दे सकते हैं। अदरक और तुलसी पेट की गड़बड़ी और उल्टी में मददगार साबित होते हैं। खाने में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन जैसे दही-चावल, खिचड़ी या केला बेहतर रहता है। सबसे जरूरी बात यह है कि सिर्फ उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं।












