उत्तर प्रदेश बना ग्रोथ इंजन, टॉप 10 कर्जदार राज्यों की लिस्ट से बाहर

Indian Economy: भारतीय अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है, लेकिन RBI की FY2025 रिपोर्ट बताती है कि कई बड़े राज्यों पर कर्ज का भारी बोझ है। पश्चिम बंगाल, पंजाब, बिहार, केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा सिर्फ ब्याज भुगतान में खर्च हो रहा है।

Indian Economy
कर्ज में डूबे राज्य
locationभारत
userअसमीना
calendar31 Jan 2026 01:57 PM
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भारतीय अर्थव्यवस्था 2026 में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। IMF और वर्ल्ड बैंक जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने भारत की ग्रोथ को मजबूत बताया है लेकिन इसी तेज विकास के बीच कई भारतीय राज्यों पर कर्ज का भारी बोझ भी सामने आया है। खास बात यह है कि RBI की इस टॉप 10 लिस्ट में उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) का नाम शामिल नहीं है जो देश के सबसे बड़े राज्यों में से एक होने के बावजूद एक बड़ी राहत की खबर मानी जा रही है।

किन राज्यों पर सबसे ज्यादा कर्ज का दबाव?

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के FY2025 के आंकड़ों के मुताबिक, देश के कई बड़े राज्यों को अपने टैक्स और नॉन-टैक्स रेवेन्यू का बड़ा हिस्सा सिर्फ कर्ज के ब्याज भुगतान में खर्च करना पड़ रहा है। लेकिन उत्तर प्रदेश इस टॉप-10 कर्ज में डूबे राज्यों की सूची से बाहर है जबकि पश्चिम बंगाल, पंजाब, बिहार और केरल जैसे राज्य इसमें शामिल हैं।

पश्चिम बंगाल सबसे ऊपर

FY2025 में पश्चिम बंगाल पर सबसे ज्यादा ब्याज भुगतान का बोझ रहा। राज्य ने जहां 1.09 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू जुटाया वहीं 45 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा सिर्फ ब्याज चुकाने में खर्च कर दिए यानी कुल राजस्व का करीब 42%। यहां भी ध्यान देने वाली बात यह है कि उत्तर प्रदेश इस तरह के भारी ब्याज बोझ वाले राज्यों में शामिल नहीं है।

पंजाब और बिहार भी लिस्ट में लेकिन UP नहीं

दूसरे स्थान पर पंजाब रहा जिसने अपने कुल रेवेन्यू का 34% हिस्सा ब्याज भुगतान में खर्च किया। वहीं बिहार ने भी 33% राजस्व सिर्फ कर्ज चुकाने में लगा दिया। इन दोनों राज्यों की तुलना में उत्तर प्रदेश का नाम इस हाई-डेट लिस्ट में न होना उसकी बेहतर फाइनेंशियल मैनेजमेंट को दिखाता है।

केरल और तमिलनाडु पर भी कर्ज का असर

केरल ने FY2025 में 1.03 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू जुटाया लेकिन 28% हिस्सा ब्याज में चला गया। तमिलनाडु जो टैक्स कलेक्शन में मजबूत माना जाता है वहां भी 28% रेवेन्यू ब्याज भुगतान में खर्च हुआ। इसके उलट उत्तर प्रदेश इन कर्ज-ग्रस्त राज्यों में शामिल नहीं है जो एक बड़ा पॉजिटिव संकेत है।

हरियाणा, राजस्थान और आंध्र प्रदेश की मुश्किलें

हरियाणा ने 27%, राजस्थान ने करीब 38,000 करोड़ रुपये और आंध्र प्रदेश ने 29,000 करोड़ रुपये ब्याज भुगतान में खर्च किए। ये सभी राज्य टॉप-10 कर्ज में डूबे राज्यों में आते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश का नाम इस पूरी सूची में कहीं नहीं है जो उसे बाकी बड़े राज्यों से अलग खड़ा करता है।

मध्य प्रदेश और कर्नाटक भी टॉप-10 में

मध्य प्रदेश ने अपने कुल रेवेन्यू का 22% और कर्नाटक ने करीब 19% हिस्सा ब्याज भुगतान में खर्च किया। इसके बावजूद ये दोनों राज्य भी कर्ज के दबाव में हैं। यहां फिर साफ हो जाता है कि उत्तर प्रदेश इस टॉप-10 कर्ज संकट वाली सूची से बाहर है।

उत्तर प्रदेश क्यों नहीं है इस लिस्ट में?

विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश का इस लिस्ट में शामिल न होना बेहतर रेवेन्यू मैनेजमेंट, नियंत्रित कर्ज नीति और केंद्र सरकार की योजनाओं के सही इस्तेमाल का नतीजा हो सकता है। जहां कई राज्य अपने विकास बजट का बड़ा हिस्सा ब्याज में गंवा रहे हैं वहीं उत्तर प्रदेश अपेक्षाकृत संतुलित वित्तीय स्थिति में नजर आता है। RBI के FY2025 के आंकड़े साफ दिखाते हैं कि भारत की तेज ग्रोथ के बावजूद कई राज्य कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं। पश्चिम बंगाल, पंजाब, बिहार, केरल, तमिलनाडु, हरियाणा, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और कर्नाटक इस लिस्ट में शामिल हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश का इस सूची में शामिल न होना उसके लिए एक बड़ी आर्थिक उपलब्धि मानी जा सकती है।

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Magh Purnima 2026: पूजा विधि और दान जो बदल सकता है आपका भाग्य

Magh Purnima 2026 हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी पर्व है जिसे स्नान, दान और पूजा के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। साल 2026 में माघ पूर्णिमा 1 फरवरी को मनाई जाएगी।

Magh Purnima
माघ पूर्णिमा
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userअसमीना
calendar31 Jan 2026 11:08 AM
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हिंदू धर्म में कुछ तिथियां ऐसी होती हैं जिनका पुण्य फल साधारण कर्मों से कहीं अधिक होता है। माघ पूर्णिमा उन्हीं विशेष पर्वों में से एक है। यह दिन स्नान, दान, जप, तप और मोक्ष प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों में कहा गया है कि माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। यही कारण है कि इस दिन प्रयागराज संगम सहित सभी पवित्र नदियों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। साल 2026 में माघ पूर्णिमा 1 फरवरी (रविवार) को मनाई जाएगी। आइए विस्तार से जानते हैं इस पावन तिथि का महत्व, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और इस दिन क्या करें और क्या न करें।

माघ पूर्णिमा का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व

माघ माह को हिंदू पंचांग में सबसे पवित्र महीनों में गिना गया है। मान्यता है कि इस पूरे माह में देवता पृथ्वी पर निवास करते हैं और पूर्णिमा के दिन स्वयं प्रयागराज संगम में स्नान करने आते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट हो जाते हैं और मनुष्य को मोक्ष की ओर अग्रसर होने का मार्ग मिलता है। माघ पूर्णिमा के साथ ही कल्पवास की परंपरा का भी समापन होता है जो इसके महत्व को और बढ़ा देता है।

गंगा स्नान को अश्वमेध यज्ञ के समान क्यों माना गया है?

मत्स्य पुराण और अन्य धर्मग्रंथों में उल्लेख मिलता है कि माघ मास के दौरान सभी तीर्थ गंगाजल में निवास करते हैं। विशेष रूप से माघ पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने का पुण्य फल अश्वमेध यज्ञ के बराबर माना गया है। कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन नियम, श्रद्धा और संयम के साथ स्नान और दान करता है उसे न केवल शारीरिक और मानसिक कष्टों से मुक्ति मिलती है बल्कि उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यही कारण है कि यह दिन मोक्षदायी माना गया है।

Magh Purnima 2026 की तिथि और शुभ मुहूर्त

साल 2026 में माघ पूर्णिमा की तिथि और समय इस प्रकार है-

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 31 जनवरी 2026, रात से

पूर्णिमा तिथि समाप्त: 1 फरवरी 2026, शाम तक

उदयातिथि के अनुसार: माघ पूर्णिमा का व्रत और स्नान 1 फरवरी 2026 (रविवार) को किया जाएगा

स्नान का सर्वोत्तम समय: ब्रह्म मुहूर्त (सुबह 05:15 से 06:10 बजे तक)

ब्रह्म मुहूर्त में किया गया स्नान सबसे अधिक फलदायी माना जाता है।

माघ पूर्णिमा पूजा विधि

माघ पूर्णिमा के दिन पूजा विधि सरल है लेकिन इसे श्रद्धा और नियम से करना अत्यंत आवश्यक है। सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें। यदि पवित्र नदी में स्नान संभव न हो तो घर पर नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें और तांबे के लोटे में जल, लाल फूल और अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें। इसके बाद भगवान विष्णु या सत्यनारायण भगवान की पूजा करें। उन्हें पीले फूल, फल, पंचामृत और तुलसी दल अर्पित करें। पूजा के दौरान “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः” मंत्र का जाप करें। अंत में आरती करें और दान अवश्य करें क्योंकि बिना दान के यह पूजा अधूरी मानी जाती है।

माघ पूर्णिमा पर क्या करें और क्या न करें?

इस दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना अत्यंत शुभ माना जाता है।

माघ पूर्णिमा पर क्या करें?

इस दिन चंद्रमा को दूध और जल का अर्घ्य दें, इससे मानसिक शांति प्राप्त होती है।

पितरों के नाम से तर्पण करना भी अत्यंत फलदायी माना गया है।

माघ पूर्णिमा पर क्या न करें?

माघ पूर्णिमा के दिन तामसिक भोजन जैसे मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन से दूर रहें।

इसके अलावा किसी का अपमान, झूठ और क्रोध करने से बचें।

माघ पूर्णिमा पर दान का विशेष महत्व

शास्त्रों के अनुसार, माघ पूर्णिमा के दिन किया गया दान अनंत गुना फल देता है। इस दिन काले तिल, गुड़, कंबल, घी और अनाज का दान विशेष रूप से शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, माघ पूर्णिमा पर तिल का दान करने से शनि और राहु से जुड़े दोषों से मुक्ति मिलती है और जीवन में स्थिरता आती है।

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प्लेन क्रैश होते ही क्यों खोजा जाता है Black Box? 90% लोग नहीं जानते जवाब

Black Box: जानिए ब्लैक बॉक्स क्या है, यह कैसे काम करता है और प्लेन क्रैश के बाद हादसे की असली वजह पता लगाने में इसकी अहम भूमिका क्या है। CVR और FDR से रिकॉर्ड होने वाली सभी जानकारी, ब्लैक बॉक्स की मजबूती और दुर्घटना जांच की पूरी प्रक्रिया यहां समझें।

Black Box
ब्लैक बॉक्स क्या है
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userअसमीना
calendar28 Jan 2026 01:33 PM
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क्या आपने कभी यह नोटिस किया है कि जब भी कोई विमान दुर्घटनाग्रस्त होता है तो सबसे पहली चीज जो खोजी जाती है वह है ब्लैक बॉक्स। चाहे हादसा छोटा हो या बड़ा ब्लैक बॉक्स ही वह डिवाइस होता है जो हादसे की असली वजह बताने में मदद करता है। हाल ही में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश होने के बाद भी ब्लैक बॉक्स खोजा जा रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हादसा कैसे हुआ। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ब्लैक बॉक्स असल में क्या होता है, इसमें क्या रिकॉर्ड रहता है और यह कैसे काम करता है? चलिए जानते हैं।

ब्लैक बॉक्स क्या है? (What is a Black Box)

ब्लैक बॉक्स एक खास डिवाइस है जो हर विमान में लगाया जाता है। इसका काम फ्लाइट से जुड़ी सारी महत्वपूर्ण जानकारी को रिकॉर्ड करना है। नाम में “ब्लैक” होने के बावजूद इसका रंग चमकीला नारंगी होता है ताकि इसे क्रैश के बाद आसानी से ढूंढा जा सके। यह विमान हादसों की जांच में सबसे अहम तकनीक माना जाता है।

ब्लैक बॉक्स के दो मुख्य हिस्से

ब्लैक बॉक्स दो हिस्सों में काम करता है जिनमें शामिल है-

1. CVR (Cockpit Voice Recorder)

यह हिस्सा पायलट और सह-पायलट की कॉकपिट बातचीत, अलार्म और अन्य आवाजें रिकॉर्ड करता है। इन रिकॉर्डिंग्स से यह पता लगाया जा सकता है कि क्रैश से पहले पायलटों के बीच क्या बातचीत हुई और क्या अलार्म बज रहे थे।

2. FDR (Flight Data Recorder)

यह हिस्सा पूरी फ्लाइट का तकनीकी डेटा रिकॉर्ड करता है। इसमें विमान की ऊंचाई, गति, दिशा, इंजन की स्थिति और अन्य महत्वपूर्ण टेक्निकल जानकारी रहती है। FDR के डेटा से यह समझा जा सकता है कि विमान किस वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ।

ब्लैक बॉक्स इतना मजबूत क्यों होता है?

ब्लैक बॉक्स को इस तरह से बनाया जाता है कि यह क्रैश के बाद भी सुरक्षित रहे। इसकी संरचना इतनी मजबूत होती है कि उच्च तापमान, जोरदार टक्कर और पानी में डूबने जैसी परिस्थितियों में भी यह डेटा सुरक्षित रहता है। यही वजह है कि दुनिया भर में हुए कई विमान हादसों की जांच में ब्लैक बॉक्स ने अहम भूमिका निभाई है।

ब्लैक बॉक्स से कैसे खुलता है हादसे का राज?

जब ब्लैक बॉक्स पाया जाता है तो जांच एजेंसियां इसमें रिकॉर्ड की गई सारी जानकारियों को पढ़ती हैं। CVR से पायलटों की आखिरी बातचीत और अलार्म की आवाजें समझी जाती हैं जबकि FDR से तकनीकी गड़बड़ियों, विमान की गति और दिशा के बारे में जानकारी मिलती है। इन दोनों रिकॉर्डिंग्स की मदद से पता लगाया जाता है कि हादसे का कारण तकनीकी खराबी थी, मौसम था या इंसानी गलती।

ब्लैक बॉक्स में सिग्नल भी होता है

ब्लैक बॉक्स में एक छोटा सिग्नलिंग यंत्र भी लगा होता है जो हादसे के बाद इसे खोजने में मदद करता है। यह सिग्नल ब्लैक बॉक्स की लोकेशन बताता है ताकि रेस्क्यू टीम तुरंत इसे ढूंढ सके और जांच शुरू कर सके।

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