एक ही छत के नीचे होगी पिज्जा हट और KFC की दुनिया, होगी सबसे बड़ी डील

भारत के फास्ट-फूड मार्केट में केएफसी और पिज़्ज़ा हट की ऑपरेटर कंपनी का ऐतिहासिक मर्जर होने जा रहा है। देवयानी इंटरनेशनल और सफायर फूड्स के विलय से देश का सबसे बड़ा क्विक‑सर्विस रेस्टोरेंट ऑपरेटर बन जाएगा। इस डील से शेयर बाजार में तेजी देखी गई है और निवेशकों की नजरें अब इस मुनाफे के अवसर पर टिकी हैं।

Fast food market
फास्ट-फूड मार्केट में बड़ा धमाका
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Jan 2026 02:14 PM
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भारत के फास्ट-फूड बाजार में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। केएफसी और पिज्जा हट की ऑपरेटर कंपनी सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड जल्द ही देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड में मर्जर होने जा रही है। यह डील फास्ट-फूड इंडस्ट्री के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा मर्जर माना जा रहा है।

खबरों के मुताबिक, यह मर्जर ऐसे समय हो रहा है जब भारत में फास्ट-फूड फ्रेंचाइजी घटती बिक्री और घटते मार्जिन के दबाव का सामना कर रही हैं। बढ़ती महंगाई के चलते ग्राहक बाहर खाने की बजाय घर पर ही खाना ऑर्डर करना पसंद कर रहे हैं।

जारी की जाएगी 177 शेयर

डील के तहत देवयानी इंटरनेशनल, सफायर फूड्स के प्रत्येक 100 शेयरों के बदले 177 शेयर जारी करेगी। कंपनी को ज्वॉइंट यूनिट के ऑपरेशन के दूसरे पूरे वर्ष से 210 करोड़ रुपए से 225 करोड़ रुपए तक का सालाना फायदा मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्रुप की कंपनी आर्कटिक इंटरनेशनल मौजूदा प्रमोटरों से सफायर फूड्स की लगभग 18.5 प्रतिशत पेड-अप इक्विटी खरीदने जा रही है। इस प्रक्रिया में वित्तीय निवेशक को हिस्सेदारी सौंपने का विकल्प भी शामिल है।

मर्जर की मंजूरी और समयसीमा

प्रस्तावित मर्जर को लागू होने के लिए कई नियामक और वैधानिक स्वीकृतियों की जरूरत है। इसमें स्टॉक एक्सचेंज, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण और दोनों कंपनियों के शेयरधारक तथा लेनदार शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सभी स्वीकृतियां प्राप्त करने में लगभग 12 से 15 महीने का समय लगेगा जिसके बाद मर्जर प्रभावी हो जाएगा।

भारत में सबसे बड़ा क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR)

लेनदेन पूरा होने के बाद देवयानी इंटरनेशनल दोनों कंपनियों के संचालन को मिलाकर भारत के सबसे बड़े क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट संचालकों में शामिल हो जाएगी। देवयानी इंटरनेशनल के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष रवि जयपुरिया ने कहा, "यह मर्जर हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है। अब डीआईएल को पूरे भारतीय बाजार में केएफसी और पिज्जा हट ब्रांडों के लिए फ्रेंचाइज अधिकार मिल गए हैं। इसके साथ ही हमारी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति, विशेषकर श्रीलंका में और भी मजबूत होगी।"

शेयर बाजार में तेजी

इस ऐलान के तुरंत बाद देवयानी इंटरनेशनल के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का शेयर करीब 8% बढ़कर 159.45 रुपए पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार के दौरान यह 156.90 रुपए पर खुला था। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मर्जर से कंपनी की बाजार स्थिति और वित्तीय मजबूती में काफी सुधार आएगा।

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E to E Trans Infra IPO ने निवेशकों को किया मालामाल, टूटे सभी रिकॉर्ड्स!

E to E Trans Infra IPO: E to E Trans Infra IPO ने NSE SME प्लेटफॉर्म पर धमाकेदार लिस्टिंग दी है, शेयर 99.48% प्रीमियम पर लिस्ट हुए हैं। निवेशकों का पैसा लिस्टिंग के साथ लगभग दोगुना हो गया है। IPO में भारी सब्सक्रिप्शन और रिटेल, NII व QIB निवेशकों का जबरदस्त उत्साह देखा गया।

E to E Trans Infra IPO
E2ERAIL ने NSE SME पर मचाया धमाका
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Jan 2026 01:35 PM
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रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर की प्रमुख कंपनी ई टू ई ट्रांस इंफ्रा लिमिटेड (E2ERAIL) ने अपने SME IPO के साथ निवेशकों के लिए आज का दिन यादगार बना दिया। कंपनी के शेयर बाजार में कदम रखते ही लगभग 99.48% प्रीमियम पर लिस्ट हुए जिससे IPO में शेयर लेने वाले निवेशकों का पैसा लगभग दोगुना हो गया। इस तरह की शानदार शुरुआत को वित्तीय विशेषज्ञ ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग के रूप में देख रहे हैं।

IPO लिस्टिंग पर निवेशकों को बड़ा फायदा

ई टू ई ट्रांस इंफ्रा के शेयर कल से NSE SME प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग शुरू हो गई। कंपनी ने IPO के लिए 174 रुपये प्रति शेयर का ऊपरी प्राइस बैंड तय किया था  लेकिन बाजार में भारी मांग के कारण शेयर सीधे 347.10 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए। इसका मतलब है कि IPO में निवेशकों को प्रति शेयर 173.10 रुपये का सीधा फायदा मिला।

निवेशकों का उत्साह और भारी सब्सक्रिप्शन

इस IPO को लेकर निवेशकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया। IPO कुल 526.56 गुना सब्सक्राइब हुआ था। रिटेल निवेशकों ने 544.28 गुना आवेदन किया, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) ने 872.09 गुना आवेदन किए, क्वालीफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) में 236.30 गुना आवेदन मिले। कंपनी ने IPO के जरिए लगभग 84.22 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा था लेकिन निवेशकों ने इस अवसर के लिए हजारों करोड़ रुपये की बोलियां लगाईं।

ई टू ई ट्रांस इंफ्रा कंपनी क्या करती है?

ई टू ई ट्रांस इंफ्रा मुख्य रूप से रेलवे सेक्टर के लिए सिस्टम इंटीग्रेशन और इंजीनियरिंग सॉल्यूशन प्रदान करती है। कंपनी की विशेषज्ञता क्षेत्रों में सिग्नलिंग सिस्टम, टेलीकम्युनिकेशन, ट्रैक प्रोजेक्ट्स, इलेक्ट्रिफिकेशन शामिल हैं। कंपनी ने हैदराबाद और नागपुर मेट्रो जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में भी योगदान दिया है और कुछ अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी सेवाएं दी हैं। रेलवे सेक्टर में सरकारी निवेश और आधुनिकीकरण के कारण कंपनी के पास काम की कमी नहीं है जो इसे भविष्य में और भी मजबूत बनाता है।

(डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी केवल सूचना के लिए है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। निवेश करने से पहले हमेशा वित्तीय विशेषज्ञ से सलाह लें।)

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Auto Sales Report India 2025: कौन सी कंपनी ने मारी बाजी, कौन पिछड़ा?

दिसंबर 2025 का महीना देश के ऑटो सेक्टर में बेहद शानदार रहा। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स, हुंडई, टोयोटा, किआ और स्कोडा जैसी कंपनियों ने बिक्री में जबरदस्त बढ़त दिखाई। मारुति सुजुकी की कुल बिक्री 2,17,854 यूनिट रही जबकि टाटा मोटर्स ने पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों में 14% से लेकर 40% तक की वृद्धि दर्ज की।

Maruti Suzuki
Auto Sales Report India
locationभारत
userअसमीना
calendar02 Jan 2026 01:11 PM
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साल 2025 का दिसंबर महीना देश के ऑटो सेक्टर में कई बड़ी कंपनियों के लिए बेहद सफल साबित हुआ। मारुति सुजुकी, टाटा, हुंडई, टोयोटा, किआ और स्कोडा जैसी कंपनियों ने बिक्री में शानदार बढ़त दिखाई है जो भारतीय ऑटो इंडस्ट्री की मजबूती और बाजार में बढ़ती मांग का सबूत है। इस दौरान छोटी कारों से लेकर यूटिलिटी वाहनों और इलेक्ट्रिक वाहनों तक सभी सेगमेंट में बिक्री के नए रिकॉर्ड बनते दिखे।

मारुति सुजुकी की कुल बिक्री

मारुति सुजुकी इंडिया की कुल बिक्री दिसंबर 2025 में 2,17,854 यूनिट रही जो पिछले साल इसी महीने 1,78,248 यूनिट थी। घरेलू यात्री वाहनों की बिक्री भी 1,78,646 यूनिट तक पहुंच गई जबकि छोटी कारों जैसे ऑल्टो और एस-प्रेसो की बिक्री 14,225 यूनिट रही। कॉम्पैक्ट कारों जैसे बलेनो, सेलेरियो, डिजायर और स्विफ्ट की बिक्री 78,704 यूनिट रही और यूटिलिटी वाहन जैसे ब्रेजो, एर्टिगा, ग्रैंड विटारा, जिम्नी और एक्सएल6 की बिक्री 73,818 यूनिट तक पहुंची। हालांकि निर्यात में कमी आई और यह 25,739 यूनिट रहा।

टाटा मोटर्स ने दिखाई जबरदस्त बढ़त

टाटा मोटर्स ने भी पैसेंजर और कमर्शियल वाहनों दोनों में जबरदस्त बढ़त दिखाई। पैसेंजर वाहनों की बिक्री 50,519 यूनिट रही जबकि इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री 6,906 यूनिट तक पहुंची। कंपनी की कमर्शियल व्हीकल (CV) बिक्री 42,508 यूनिट रही जिसमें हेवी कमर्शियल व्हीकल (HCV) ट्रकों की बिक्री 12,483 यूनिट और इंटरमीडिएट, लाइट और मीडियम CV ट्रकों की बिक्री 7,959 यूनिट रही।

हुंडई मोटर इंडिया का भी शानदार प्रदर्शन

हुंडई मोटर इंडिया ने भी शानदार प्रदर्शन किया और कुल 58,702 गाड़ियां बेचीं। इसमें घरेलू बिक्री 42,416 यूनिट और निर्यात 16,286 यूनिट रही जो सालाना आधार पर 26.5% अधिक है। यह दर्शाता है कि भारत में बनी हुंडई कारों की मांग देश और विदेश दोनों जगह लगातार मजबूत है।

दिसंबर रहा बेहद खास

टोयोटा किर्लोस्कर मोटर ने दिसंबर 2025 में बिक्री 39,333 यूनिट दर्ज की जो पिछले साल के 29,529 यूनिट की तुलना में 33% अधिक है। घरेलू बिक्री 34,157 यूनिट और निर्यात 5,176 यूनिट रही। किआ इंडिया की बिक्री दिसंबर में दो गुना बढ़कर 18,659 यूनिट हो गई जबकि स्कोडा ऑटो इंडिया ने पूरे साल 2025 में कुल 72,665 यूनिट बेचीं। JSW MG Motor की बिक्री सालाना 19% बढ़कर 70,554 यूनिट हुई और ऑडी इंडिया ने 2025 में 4,510 लक्जरी वाहन बेचे।