नव वर्ष में जनपदवासियों को मिलेगा सौगातों का पिटारा
अब संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी 2026 में नोएडा की इस सबसे बड़ी एविएशन सौगात को उड़ान देने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ सकते हैं। शुरुआत कार्गो फ्लाइट्स से होने और उसके बाद कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने की संभावना है।

Noida News : नववर्ष 2026 की शुरुआत नोएडा के लिए विकास की नई लिस्ट लेकर आई है। इस साल नोएडा-ग्रेटर नोएडा को ऐसे कई बड़े तोहफे मिलने वाले हैं, जो शहर की रोजमर्रा की जिंदगी और आने वाले कल दोनों का नक्शा बदल सकते हैं। इस नए साल में नोएडा-ग्रेटर नोएडा रीजन में जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सेक्टर-96 में प्राधिकरण का नया मुख्यालय, मेट्रो विस्तार की अहम योजनाएं, ई-बस नेटवर्क, स्काइवॉक, चिल्ला एलिवेटेड रोड और लिंक रोड/अंडरपास जैसे प्रोजेक्ट्स शहर की रफ्तार को नई दिशा देने का दावा कर रहे हैं। उम्मीद है कि इन योजनाओं से ट्रैफिक दबाव घटेगा, सफर आसान होगा और नोएडा की पहचान एक कनेक्टेड, क्लीन और फ्यूचर-रेडी सिटी के तौर पर और मजबूत होगी।
नोएडा एयरपोर्ट पर पहली कामर्शियल और कार्गो फ्लाईट
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और टर्मिनल के साथ ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी लंबे समय से चल रही है। लेकिन सिक्योरिटी क्लीयरेंस और लाइसेंसिंग की प्रक्रियाओं में देरी के कारण इसकी लॉन्चिंग की घड़ी बार-बार आगे खिसकती रही। अब संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी 2026 में नोएडा की इस सबसे बड़ी एविएशन सौगात को उड़ान देने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ सकते हैं। शुरुआत कार्गो फ्लाइट्स से होने और उसके बाद कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने की संभावना है। उम्मीद की जा रही है कि यह एयरपोर्ट सिर्फ नोएडा-ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी नहीं बढ़ाएगा, बल्कि पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को नया पंख देकर पूरे रीजन को एक मजबूत लॉजिस्टिक्स और बिजनेस हब में बदलने की क्षमता रखता है।
बोड़ाकी तक मेट्रो को मंजूरी
नोएडा-ग्रेटर नोएडा रीजन की कनेक्टिविटी तस्वीर इस साल एक बड़ा मोड़ लेने जा रही है। एक्वा लाइन को ग्रेटर नोएडा में मेट्रो डिपो से बोड़ाकी तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की चर्चा है। करीब 2.6 किमी के इस विस्तार से बोड़ाकी में प्रस्तावित रेलवे जंक्शन तक मेट्रो पहुंचने का रास्ता खुलेगा, जिससे हजारों यात्रियों को इंटरचेंज और आवागमन में बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि शहर की दो और अहम मेट्रो योजनाएं बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 और सेक्टर-61 से नॉलेज पार्क-5 अब भी केंद्र की हरी झंडी का इंतजार कर रही हैं, जिसके चलते इन प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है।
मिलेंगी ई-बस बढ़ेगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इस साल ई-बस सेवा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके लिए कंपनियों को लेकर दोबारा टेंडर और संचालन के लिए एसपीवी मॉडल की बात सामने आई है। दावा है कि ऑन-डिमांड जरूरत के हिसाब से ई-बसें अलग-अलग रूटों पर चलाई जाएंगी, जिससे शहर के अंदर आवागमन का दबाव कम हो सकता है।
सेक्टर-51-52 मेट्रो स्काइवॉक
नोएडा में मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए स्काइवॉक प्रोजेक्ट को भी इस साल की बड़ी सौगातों में गिना जा रहा है। योजना के मुताबिक यह स्काइवॉक करीब 530 मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा होगा, जिससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में सुरक्षित और मौसम से बेहतर ढकी हुई वॉकवे कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इसकी अनुमानित लागत करीब 43 करोड़ रुपये बताई जा रही है और लक्ष्य है कि काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो। माना जा रहा है कि स्काइवॉक के शुरू होने से नोएडा में मेट्रो स्टेशनों के आसपास की भीड़, अव्यवस्थित क्रॉसिंग और ट्रैफिक टकराव जैसी दिक्कतें भी काफी हद तक कम होंगी।
दिल्ली बॉर्डर से महामाया तक जाम घटाने की तैयारी
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक ट्रैफिक जाम कम करने के उद्देश्य से 5.5 किमी लंबा, 6 लेन चिल्ला एलिवेटेड रोड निर्माणाधीन है। प्राधिकरण के अनुसार यह परियोजना 892 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है और लक्ष्य है कि दिसंबर 2027 से पहले इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके। यह एलिवेटेड रोड मयूर विहार/पूर्वी दिल्ली से आने वाले वाहनों को सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तक पहुंचाने में मदद करेगी।
एलजी चौक से एक्सप्रेसवे लिंक रोड की योजना
नोएडा-ग्रेटर नोएडा को नई कनेक्टिविटी देने के लिए एलजी गोलचक्कर से शारदा विश्वविद्यालय होते हुए नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे तक लिंक रोड की योजना पर काम आगे बढ़ने की बात कही जा रही है। हालांकि नमोली गांव के पास जमीन को लेकर विवाद/आपत्तियों का मुद्दा सामने आया है। इधर हिंडन ब्रिज/एप्रोच रोड का काम पूरा होने की बात है, जो एलजी चौक से सेक्टर-145 तक कनेक्टिविटी को मजबूती देता है।
गौर चौक अंडरपास
ग्रेटर नोएडा के गौर चौक पर 92 करोड़ रुपये की लागत से अंडरपास निर्माण चल रहा है। डेडलाइन पहले जून 2025, फिर दिसंबर 2025 बताई गई थी, अब प्राधिकरण के अनुसार यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली/पीएनजी लाइन) और पेड़ों के स्थानांतरण में समय लगने से जनवरी 2026 में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने से गौर चौक क्षेत्र में जाम से राहत की उम्मीद है।
नोएडा प्राधिकरण का नया प्रशासनिक भवन तैयार
नोएडा के सेक्टर-96 में प्राधिकरण की नई प्रशासनिक बिल्डिंग को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब 390 करोड़ रुपये की लागत वाली यह आधुनिक इमारत बनकर तैयार हो चुकी है। योजना यह है कि प्राधिकरण के अलग-अलग रीजनल ऑफिस अब इसी परिसर में शिफ्ट किए जाएं, ताकि नागरिकों को फाइलों और दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी कम हो। अफसरों का दावा है कि इस बदलाव के बाद नोएडा में विकास कार्यों और जन-सुविधाओं से जुड़े कई काम वन-रूफ सर्विस मॉडल पर एक ही छत के नीचे तेज़, पारदर्शी और ज्यादा व्यवस्थित तरीके से निपटाए जा सकेंगे।
स्पोर्टस कांप्लेक्स का निर्माण
नोएडा अब सिर्फ आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, स्पोर्ट्स हब बनने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। सेक्टर-123 में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण का रोडमैप इस साल की अहम योजनाओं में शामिल बताया जा रहा है। करीब 70 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला यह प्रोजेक्ट युवा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक मैदान, ट्रेनिंग सेटअप और बेहतर सुविधाओं का नया प्लेटफॉर्म तैयार करने का दावा करता है। Noida News
Noida News : नववर्ष 2026 की शुरुआत नोएडा के लिए विकास की नई लिस्ट लेकर आई है। इस साल नोएडा-ग्रेटर नोएडा को ऐसे कई बड़े तोहफे मिलने वाले हैं, जो शहर की रोजमर्रा की जिंदगी और आने वाले कल दोनों का नक्शा बदल सकते हैं। इस नए साल में नोएडा-ग्रेटर नोएडा रीजन में जेवर का नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, सेक्टर-96 में प्राधिकरण का नया मुख्यालय, मेट्रो विस्तार की अहम योजनाएं, ई-बस नेटवर्क, स्काइवॉक, चिल्ला एलिवेटेड रोड और लिंक रोड/अंडरपास जैसे प्रोजेक्ट्स शहर की रफ्तार को नई दिशा देने का दावा कर रहे हैं। उम्मीद है कि इन योजनाओं से ट्रैफिक दबाव घटेगा, सफर आसान होगा और नोएडा की पहचान एक कनेक्टेड, क्लीन और फ्यूचर-रेडी सिटी के तौर पर और मजबूत होगी।
नोएडा एयरपोर्ट पर पहली कामर्शियल और कार्गो फ्लाईट
जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और टर्मिनल के साथ ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी लंबे समय से चल रही है। लेकिन सिक्योरिटी क्लीयरेंस और लाइसेंसिंग की प्रक्रियाओं में देरी के कारण इसकी लॉन्चिंग की घड़ी बार-बार आगे खिसकती रही। अब संकेत मिल रहे हैं कि जनवरी 2026 में नोएडा की इस सबसे बड़ी एविएशन सौगात को उड़ान देने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ सकते हैं। शुरुआत कार्गो फ्लाइट्स से होने और उसके बाद कमर्शियल उड़ानों के शुरू होने की संभावना है। उम्मीद की जा रही है कि यह एयरपोर्ट सिर्फ नोएडा-ग्रेटर नोएडा की कनेक्टिविटी नहीं बढ़ाएगा, बल्कि पश्चिमी यूपी की अर्थव्यवस्था को नया पंख देकर पूरे रीजन को एक मजबूत लॉजिस्टिक्स और बिजनेस हब में बदलने की क्षमता रखता है।
बोड़ाकी तक मेट्रो को मंजूरी
नोएडा-ग्रेटर नोएडा रीजन की कनेक्टिविटी तस्वीर इस साल एक बड़ा मोड़ लेने जा रही है। एक्वा लाइन को ग्रेटर नोएडा में मेट्रो डिपो से बोड़ाकी तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की चर्चा है। करीब 2.6 किमी के इस विस्तार से बोड़ाकी में प्रस्तावित रेलवे जंक्शन तक मेट्रो पहुंचने का रास्ता खुलेगा, जिससे हजारों यात्रियों को इंटरचेंज और आवागमन में बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि शहर की दो और अहम मेट्रो योजनाएं बोटेनिकल गार्डन से सेक्टर-142 और सेक्टर-61 से नॉलेज पार्क-5 अब भी केंद्र की हरी झंडी का इंतजार कर रही हैं, जिसके चलते इन प्रोजेक्ट्स की समय-सीमा फिलहाल अनिश्चित बनी हुई है।
मिलेंगी ई-बस बढ़ेगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट
नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इस साल ई-बस सेवा शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। इसके लिए कंपनियों को लेकर दोबारा टेंडर और संचालन के लिए एसपीवी मॉडल की बात सामने आई है। दावा है कि ऑन-डिमांड जरूरत के हिसाब से ई-बसें अलग-अलग रूटों पर चलाई जाएंगी, जिससे शहर के अंदर आवागमन का दबाव कम हो सकता है।
सेक्टर-51-52 मेट्रो स्काइवॉक
नोएडा में मेट्रो यात्रियों की सुविधा के लिए स्काइवॉक प्रोजेक्ट को भी इस साल की बड़ी सौगातों में गिना जा रहा है। योजना के मुताबिक यह स्काइवॉक करीब 530 मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा होगा, जिससे यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचने में सुरक्षित और मौसम से बेहतर ढकी हुई वॉकवे कनेक्टिविटी मिल सकेगी। इसकी अनुमानित लागत करीब 43 करोड़ रुपये बताई जा रही है और लक्ष्य है कि काम निर्धारित समय-सीमा में पूरा हो। माना जा रहा है कि स्काइवॉक के शुरू होने से नोएडा में मेट्रो स्टेशनों के आसपास की भीड़, अव्यवस्थित क्रॉसिंग और ट्रैफिक टकराव जैसी दिक्कतें भी काफी हद तक कम होंगी।
दिल्ली बॉर्डर से महामाया तक जाम घटाने की तैयारी
दिल्ली-नोएडा बॉर्डर से महामाया फ्लाईओवर तक ट्रैफिक जाम कम करने के उद्देश्य से 5.5 किमी लंबा, 6 लेन चिल्ला एलिवेटेड रोड निर्माणाधीन है। प्राधिकरण के अनुसार यह परियोजना 892 करोड़ रुपये की लागत से बनाई जा रही है और लक्ष्य है कि दिसंबर 2027 से पहले इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो सके। यह एलिवेटेड रोड मयूर विहार/पूर्वी दिल्ली से आने वाले वाहनों को सीधे नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे तक पहुंचाने में मदद करेगी।
एलजी चौक से एक्सप्रेसवे लिंक रोड की योजना
नोएडा-ग्रेटर नोएडा को नई कनेक्टिविटी देने के लिए एलजी गोलचक्कर से शारदा विश्वविद्यालय होते हुए नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेसवे तक लिंक रोड की योजना पर काम आगे बढ़ने की बात कही जा रही है। हालांकि नमोली गांव के पास जमीन को लेकर विवाद/आपत्तियों का मुद्दा सामने आया है। इधर हिंडन ब्रिज/एप्रोच रोड का काम पूरा होने की बात है, जो एलजी चौक से सेक्टर-145 तक कनेक्टिविटी को मजबूती देता है।
गौर चौक अंडरपास
ग्रेटर नोएडा के गौर चौक पर 92 करोड़ रुपये की लागत से अंडरपास निर्माण चल रहा है। डेडलाइन पहले जून 2025, फिर दिसंबर 2025 बताई गई थी, अब प्राधिकरण के अनुसार यूटिलिटी शिफ्टिंग (बिजली/पीएनजी लाइन) और पेड़ों के स्थानांतरण में समय लगने से जनवरी 2026 में पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है। इसके शुरू होने से गौर चौक क्षेत्र में जाम से राहत की उम्मीद है।
नोएडा प्राधिकरण का नया प्रशासनिक भवन तैयार
नोएडा के सेक्टर-96 में प्राधिकरण की नई प्रशासनिक बिल्डिंग को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। बताया जा रहा है कि करीब 390 करोड़ रुपये की लागत वाली यह आधुनिक इमारत बनकर तैयार हो चुकी है। योजना यह है कि प्राधिकरण के अलग-अलग रीजनल ऑफिस अब इसी परिसर में शिफ्ट किए जाएं, ताकि नागरिकों को फाइलों और दफ्तरों के चक्कर लगाने की परेशानी कम हो। अफसरों का दावा है कि इस बदलाव के बाद नोएडा में विकास कार्यों और जन-सुविधाओं से जुड़े कई काम वन-रूफ सर्विस मॉडल पर एक ही छत के नीचे तेज़, पारदर्शी और ज्यादा व्यवस्थित तरीके से निपटाए जा सकेंगे।
स्पोर्टस कांप्लेक्स का निर्माण
नोएडा अब सिर्फ आईटी और इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, स्पोर्ट्स हब बनने की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। सेक्टर-123 में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण का रोडमैप इस साल की अहम योजनाओं में शामिल बताया जा रहा है। करीब 70 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाला यह प्रोजेक्ट युवा खिलाड़ियों के लिए आधुनिक मैदान, ट्रेनिंग सेटअप और बेहतर सुविधाओं का नया प्लेटफॉर्म तैयार करने का दावा करता है। Noida News












