माघ मेले में प्रतिमा विवाद पर गरमाई राजनीति, योगी सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

बृहस्पतिवार को माता प्रसाद पांडेय प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र स्थित सेक्टर-6 में बने मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में पहुंचे। यहां उन्होंने बताया कि मेला प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब शिविर में नेताजी की प्रतिमा नहीं लगाई जाएगी।

sapa (1)
माघ मेला क्षेत्र में मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar01 Jan 2026 06:43 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने माघ मेले में सपा संस्थापक नेताजी मुलायम सिंह यादव की प्रतिमा को लेकर उठे विवाद पर योगी सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी की बढ़ती जनस्वीकृति से सरकार घबराई हुई है और इसी वजह से दमनात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को माता प्रसाद पांडेय प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र स्थित सेक्टर-6 में बने मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में पहुंचे। यहां उन्होंने बताया कि मेला प्रशासन द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब शिविर में नेताजी की प्रतिमा नहीं लगाई जाएगी। हालात को देखते हुए संस्थान ने प्रतिमा के स्थान पर श्री राधा-कृष्ण की मूर्ति स्थापित करने का निर्णय लिया है।

महाकुंभ में अनुमति, माघ मेले में आपत्ति

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पूर्व में महाकुंभ मेले के दौरान नेताजी की प्रतिमा स्थापित की गई थी, तब किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई गई। लेकिन इस बार माघ मेले में प्रशासन ने इसे राजनीतिक बताते हुए रोक लगा दी। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए सरकार की नीयत पर सवाल खड़े किए।

संदीप यादव पर कार्रवाई को बताया राजनीतिक बदले की भावना

माता प्रसाद पांडेय ने सपा नेता और शिविर संस्थापक संदीप यादव के खिलाफ दर्ज मुकदमों को भी राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया। उन्होंने कहा कि संदीप यादव कोई अपराधी नहीं बल्कि एक सक्रिय राजनीतिक कार्यकर्ता हैं, जो शहर उत्तरी विधानसभा से चुनाव भी लड़ चुके हैं। उनके खिलाफ दर्ज मामलों को लोकतांत्रिक आंदोलनों से जुड़ा बताते हुए उन्होंने कहा कि इसी तरह के मुकदमे कभी भाजपा नेताओं पर भी दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने आशंका जताई कि संदीप यादव पर आगे गैंगस्टर एक्ट भी लगाया जा सकता है, जो सत्ता के दुरुपयोग का उदाहरण है। हालांकि, गुंडा एक्ट की कार्रवाई के बाद संदीप यादव के भूमिगत होने को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं है।

माघ मेले की व्यवस्थाओं पर उठाए सवाल

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के माघ मेले के खर्च संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि सरकार जितना खर्च दिखा रही है, उतनी सुविधाएं जमीन पर नजर नहीं आ रहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारी बजट के बावजूद मेला व्यवस्थाएं अधूरी हैं और सरकार दावे पूरे करने में विफल रही है। उन्होंने यह भी कहा कि महाकुंभ के दौरान किए गए बड़े-बड़े वादों के बावजूद वे स्वयं मेले के भीतर तक नहीं जा सके और अरैल क्षेत्र से ही लौटना पड़ा।

साधु-संतों और नाविकों की समस्याओं का मुद्दा

नेता प्रतिपक्ष ने माघ मेले में साधु-संतों द्वारा किए जा रहे विरोध को गंभीर बताते हुए कहा कि यह आम जनता का नहीं, बल्कि धार्मिक संतों का असंतोष है, जिसे सरकार को गंभीरता से सुनना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने नाविकों की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि माघ मेले में मोटर बोट का अधिक उपयोग पारंपरिक नाविकों की रोजी-रोटी को प्रभावित करता है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ाता है। उन्होंने सुझाव दिया कि मोटर बोट का इस्तेमाल केवल आपात स्थितियों तक सीमित रखा जाना चाहिए। माता प्रसाद पांडेय ने स्पष्ट किया कि मुलायम सिंह यादव स्मृति सेवा संस्थान के शिविर में किसी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि नहीं हो रही है। यहां धार्मिक अनुष्ठान, श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

यूपी रेरा ने 7 नई रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स को दी मंजूरी, बनेंगी 1,024 यूनिट्स

इन परियोजनाओं के माध्यम से पांच जिलों नोएडा, लखनऊ, मथुरा, बरेली और मेरठ में कुल 1,024 आवासीय और व्यावसायिक यूनिटों का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं की अनुमानित कुल लागत 416.94 करोड़ है।

up rera (6)
यूपी रेरा
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar01 Jan 2026 06:12 PM
bookmark

UP News : उत्तर प्रदेश रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने हाल ही में सात नई रियल एस्टेट परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं के माध्यम से पांच जिलों नोएडा, लखनऊ, मथुरा, बरेली और मेरठ में कुल 1,024 आवासीय और व्यावसायिक यूनिटों का निर्माण किया जाएगा। इन परियोजनाओं की अनुमानित कुल लागत 416.94 करोड़ है।

शहरवार विवरण

* नोएडा: 2 व्यावसायिक प्रोजेक्ट्स, कुल लागत 181.36 करोड़, 298 यूनिट्स। उद्देश्य व्यावसायिक गतिविधियों और निवेश को बढ़ावा देना।

* मथुरा: 2 आवासीय प्रोजेक्ट्स, कुल लागत 154.92 करोड़, 565 यूनिट्स। यह परियोजनाएँ मथुरा में आवासीय विकास को गति देंगी।

* लखनऊ: 1 व्यावसायिक प्रोजेक्ट, लागत 27.65 करोड़, 30 यूनिट्स। इससे संगठित व्यावसायिक ढांचे को मजबूती मिलेगी।

* बरेली: 1 आवासीय प्रोजेक्ट, लागत 24.56 करोड़, 106 यूनिट्स। शहर में आवासीय विकास को बढ़ावा मिलेगा।

* मेरठ: 1 मिश्रित प्रोजेक्ट (आवासीय + व्यावसायिक), लागत 28.45 करोड़, 25 यूनिट्स। इसका लक्ष्य संतुलित शहरी विकास है।

आर्थिक और सामाजिक लाभ

यूपी रेरा के अध्यक्ष संजय भूसरेड्डी ने कहा कि ये परियोजनाएँ न केवल आवासीय और व्यावसायिक संरचना को मजबूत करेंगी, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेंगी। 416.94 करोड़ के निवेश से निर्माण क्षेत्र के श्रमिकों, इंजीनियरों, तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य संबंधित उद्योगों को लाभ मिलेगा। साथ ही यह निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करेगा। यूपी रेरा ने परियोजनाओं में पारदर्शिता, समयबद्ध पूर्णता और गृह खरीदारों के हितों की सुरक्षा पर जोर दिया है, साथ ही जिम्मेदार और गुणवत्तापूर्ण निवेश को बढ़ावा देने का संकल्प व्यक्त किया है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

क्लीन सिटी इंदौर में दूषित पानी से मौतें, सरकार पर अखिलेश यादव का तीखा प्रहार

यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र की है, जहाँ 25 और 26 दिसंबर को स्थानीय लोगों ने दूषित पानी का सेवन किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी समस्याओं से पीड़ित हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

akhilesh (17)
अखिलेश यादव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar01 Jan 2026 05:32 PM
bookmark

UP News : मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में दूषित पेयजल के कारण लोगों की जान जाने का मामला गंभीर होता जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि करीब 149 लोग बीमार बताए जा रहे हैं। इनमें से कई मरीजों की हालत नाजुक बनी हुई है और उनका इलाज अलग-अलग अस्पतालों में किया जा रहा है। यह घटना इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र की है, जहाँ 25 और 26 दिसंबर को स्थानीय लोगों ने दूषित पानी का सेवन किया था। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग उल्टी, दस्त और डायरिया जैसी समस्याओं से पीड़ित हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

अखिलेश यादव ने उठाए सरकार पर सवाल

इस घटना को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि देश में कई शहरों को सफाई के नाम पर पुरस्कार दिए जाते हैं और इंदौर भी उन्हीं में शामिल है। बावजूद इसके, अगर पीने का पानी ही जानलेवा साबित हो रहा है, तो ऐसे पुरस्कारों का क्या मतलब रह जाता है। उन्होंने आगे कहा कि जब सरकार से इस मुद्दे पर जवाब मांगा जाता है, तो जिम्मेदारी लेने के बजाय टालमटोल किया जाता है। अखिलेश यादव ने नदियों की सफाई को लेकर किए गए वादों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों की स्थिति आज भी चिंताजनक बनी हुई है।

प्रशासन में मचा हड़कंप

घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में अफरा-तफरी मच गई है। प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई की जांच की जा रही है और संभावित कारणों की तलाश जारी है। आशंका जताई जा रही है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। गौरतलब है कि इंदौर को 2017 से लगातार 8 बार देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया जा चुका है। ऐसे शहर में दूषित पानी से मौतों की खबर ने स्वच्छता व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले से जुड़ा एक मंत्री का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर लोग तीखी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

संबंधित खबरें