उत्तर प्रदेश में फर्जी शादीनामा बनाकर युवक से की लाखों की मांग
युवक ने बताया कि उनका महिला से कभी विवाह नहीं हुआ और अदालत में दायर हलफनामा पूरी तरह झूठा है। दुबई से तीन साल बाद लौटने पर युवक को इस मामले की जानकारी हुई। इसके बाद महिला ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।

UP News : उत्तर प्रदेश में अंबेडकरनगर के बसखारी क्षेत्र में रहने वाला एक युवक दुबई में काम कर रहा था। इस दौरान क्षेत्र की एक महिला, फरा खान उर्फ फरहाना खातून, ने उनके नाम पर फर्जी विवाह प्रमाणपत्र तैयार कराया। महिला ने अदालत में यह दावा किया कि वे दोनों विवाहित हैं और उनके वैवाहिक जीवन में युवक की सास हस्तक्षेप करती हैं।
फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी
युवक ने बताया कि उनका महिला से कभी विवाह नहीं हुआ और अदालत में दायर हलफनामा पूरी तरह झूठा है। दुबई से तीन साल बाद लौटने पर युवक को इस मामले की जानकारी हुई। इसके बाद महिला ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस ने जालसाजी और धमकी देने की एफआईआर दर्ज की
युवक ने पहले बसखारी थाना (28 नवंबर 2025) और बाद में एसपी कार्यालय (11 दिसंबर 2025) में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जालसाजी और धमकी देने की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह घटना धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज के माध्यम से आर्थिक लाभ लेने के मामलों का उदाहरण है।
UP News : उत्तर प्रदेश में अंबेडकरनगर के बसखारी क्षेत्र में रहने वाला एक युवक दुबई में काम कर रहा था। इस दौरान क्षेत्र की एक महिला, फरा खान उर्फ फरहाना खातून, ने उनके नाम पर फर्जी विवाह प्रमाणपत्र तैयार कराया। महिला ने अदालत में यह दावा किया कि वे दोनों विवाहित हैं और उनके वैवाहिक जीवन में युवक की सास हस्तक्षेप करती हैं।
फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी
युवक ने बताया कि उनका महिला से कभी विवाह नहीं हुआ और अदालत में दायर हलफनामा पूरी तरह झूठा है। दुबई से तीन साल बाद लौटने पर युवक को इस मामले की जानकारी हुई। इसके बाद महिला ने उनसे 20 लाख रुपये की मांग की और पैसे न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
पुलिस ने जालसाजी और धमकी देने की एफआईआर दर्ज की
युवक ने पहले बसखारी थाना (28 नवंबर 2025) और बाद में एसपी कार्यालय (11 दिसंबर 2025) में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंतत: कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने जालसाजी और धमकी देने की एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इस मामले में दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। यह घटना धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज के माध्यम से आर्थिक लाभ लेने के मामलों का उदाहरण है।












