लखनऊ में स्थापित हुआ ब्रह्मोस मिसाइल उत्पादन केंद्र
भारत
चेतना मंच
30 Nov 2025 10:31 PM
भारत के रक्षा क्षेत्र में एक अहम कदम उठाते हुए, ब्रह्मोस एयरोस्पेस यूनिट ने अपने पहले बैच के सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइलों (BrahMos Missile) का उत्पादन पूरा कर लिया है। इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर इन मिसाइलों को रवाना किया। यह यूनिट उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के तहत स्थापित किया गया है, जो भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। -UP News
'भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, रक्षा तकनीक का उत्पादक है': राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस अवसर पर पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर तो सिर्फ ट्रेलर था, पाकिस्तान की पूरी जमीन ब्रह्मोस (BrahMos Missile) की रेंज में है।" उन्होंने ब्रह्मोस को भारत की बढ़ती स्वदेशी सैन्य शक्ति का प्रतीक बताया और इसे दुनिया की सबसे श्रेष्ठ मिसाइलों में शामिल किया। सिंह ने कहा कि ब्रह्मोस अब भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना तीनों की रीढ़ बन चुका है। राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि "अब भारत की जीत कोई घटना नहीं, बल्कि एक आदत बन चुकी है, जिसे हमें और मजबूत करना है।" इस यूनिट के उद्घाटन से यह साबित हो गया है कि भारत अब न सिर्फ उपभोक्ता बल्कि रक्षा तकनीक का उत्पादक देश बन चुका है।
योगी आदित्यनाथ: लखनऊ अब तकनीकी रूप से सशक्त शहर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस यूनिट की स्थापना को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में अहम कदम बताया। उन्होंने कहा, "लखनऊ अब सिर्फ तहज़ीब का शहर नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी का शहर बन गया है।" योगी ने यह भी बताया कि ब्रह्मोस यूनिट (BrahMos Missile) से सैकड़ों युवाओं को रोजगार मिलेगा और आने वाले वर्षों में यह राज्य के लिए 200 करोड़ रुपये तक जीएसटी राजस्व का स्रोत बन सकता है।
भारत की सुरक्षा में मील का पत्थर: रक्षा विशेषज्ञ
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारत के रक्षा इतिहास का एक बड़ा मोड़ है। ब्रह्मोस मिसाइलों (BrahMos Missile) के उत्पादन से न केवल भारत अपनी सुरक्षा जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि यह देश अपनी तकनीकी विशेषज्ञता से मित्र देशों की रक्षा क्षमताओं को भी मजबूती दे सकेगा।
यह घटनाक्रम भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता, आत्मनिर्भरता और रक्षा क्षेत्र में अग्रणी बनने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है, जो न केवल देश की सुरक्षा बल्कि उसकी वैश्विक स्थिति को भी मजबूत करेगा।