वर्ष 2025 की मतदाता सूची में यह संख्या 15.44 करोड़ थी, यानी लगभग 4 करोड़ मतदाता गायब हैं, जिन्हें जोड़ा जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह अधिकांशत: बीजेपी के समर्थक हो सकते हैं। इसलिए इन्हें सूची में शामिल करना पार्टी के लिए निर्णायक हो सकता है।

UP News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कार्यकतार्ओं को निर्देश दिया है कि वे एसआईआर प्रक्रिया को पूरी निष्ठा और व्यवस्थित तरीके से लागू करें। यूपी में 18 वर्ष से ऊपर के मतदाताओं की संख्या 16 करोड़ है, लेकिन एसआईआर के बाद केवल 12 करोड़ नाम सूची में दिखाई दे रहे हैं। वर्ष 2025 की मतदाता सूची में यह संख्या 15.44 करोड़ थी, यानी लगभग 4 करोड़ मतदाता गायब हैं, जिन्हें जोड़ा जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह अधिकांशत: बीजेपी के समर्थक हो सकते हैं। इसलिए इन्हें सूची में शामिल करना पार्टी के लिए निर्णायक हो सकता है।
* जिन मतदाताओं ने फॉर्म नहीं भरा, उनकी जानकारी तुरंत प्राप्त कर फॉर्म भरवाना।
* हर बूथ को सशक्त बनाना आवश्यक है। लगभग 200-250 घरों का विवरण कार्यकर्ता आसानी से देख सकते हैं।
* सूची में संदिग्ध या असामान्य नामों की पहचान करना, जैसे परिवार में पिता और दादा की असामान्य रूप से कम उम्र।
* चुनाव के समय केवल जनता को पार्टी की उपलब्धियों और कामों से अवगत कराने पर ध्यान देना, बाकी काम पहले ही निपटा लिया जाए।
योगी आदित्यनाथ ने 2017 के बाद हुए बदलावों को गिनाया। उत्तर प्रदेश में दंगे कम हुए और राज्य सुरक्षित और स्थिर बना। इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार हुआ, जैसे एक्सप्रेसवे और तीर्थस्थलों का विकास। रोजगार और नौकरियों में वृद्धि हुई, डेढ़ करोड़ युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया और लगभग 9 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली। निवेश और विकास की प्रक्रिया में तेजी आई।
नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को पार्टी की नई यात्रा का नेतृत्वकर्ता बताया गया। विपक्ष की ताकत को कम बताया गया, लेकिन कार्यकतार्ओं से सतर्क और मेहनती रहने की अपेक्षा जताई गई। पार्टी की उदारता और सहिष्णुता का गलत इस्तेमाल न होने देना आवश्यक। मुख्य रणनीति तीन आधारों पर टिकी है, छूटे हुए समर्थक मतदाताओं को सूची में जोड़ना। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाना। चुनाव प्रचार का केंद्र बीजेपी की उपलब्धियों पर रखना। इस योजना के माध्यम से मुख्यमंत्री का लक्ष्य 2027 विधानसभा चुनाव में पार्टी को तीन-चौथाई बहुमत दिलाना है।