उत्तर प्रदेश में घरेलू विवाद में भाभी ने देवर का प्राइवेट पार्ट काटा
भारत
चेतना मंच
02 Dec 2025 03:19 AM
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज जिले के मऊआईमा थाना क्षेत्र के मलखानपुर गांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक युवक पर उसकी ही भाभी ने हमला कर उसका प्राइवेट पार्ट काट डाला। यह चौंकाने वाली घटना 16 अक्टूबर की रात को उस समय हुई, जब युवक सो रहा था। UP News
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज जिले के मऊआईमा थाना क्षेत्र के मलखानपुर गांव के 20 वर्षीय उमेश (परिवर्तित नाम), अपनी भाभी मंजू की छोटी बहन के साथ प्रेम संबंध में था। दोनों के बीच करीबियों के चलते शादी का वादा भी हुआ था। लेकिन जब परिवार को इस रिश्ते के बारे में जानकारी हुई, तो उन्होंने रिश्तेदारी में यह शादी करने से मना कर दिया।इसके बाद उमेश ने भी शादी से इनकार कर दिया और बताया कि वह किसी और से विवाह करना चाहता है। इस बात से मंजू की बहन मानसिक रूप से परेशान हो गई और डिप्रेशन में चली गई। अपनी बहन की हालत देखकर मंजू ने अपने देवर से बदला लेने की योजना बना डाली।
जाने, हमले की रात क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार, 16 अक्टूबर की रात मंजू ने किचन से चाकू उठाया और उमेश के कमरे में पहुंच गई। जब उमेश गहरी नींद में था, तब उस पर ताबड़तोड़ चाकू से वार किए और उसका प्राइवेट पार्ट काट डाला। उमेश की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे और मंजू मौके से फरार हो गई। उमेश को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने डेढ़ घंटे तक ऑपरेशन कर स्थिति को संभाला।
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज जिले में इलाज कर रहे डॉक्टर गिरीश मिश्रा ने बताया कि युवक की हालत अब स्थिर है, लेकिन पूरी तरह ठीक होने में करीब 7 से 8 महीने लग सकते हैं।
FIR दर्ज, आरोपी महिला गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के प्रयागराज जिले के मऊआईमा थाना क्षेत्र के मलखानपुर गांव के घटना के बाद परिजनों ने अज्ञात के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। पुलिस जांच में जब भाभी मंजू का नाम सामने आया, तो उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। मंजू ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। अब पुलिस ने मंजू के खिलाफ IPC की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और उसे जेल भेजने की तैयारी की जा रही है।
यह मामला न केवल घरेलू रिश्तों की जटिलता को उजागर करता है, बल्कि यह भी दिखाता है कि भावनात्मक चोट कितनी गंभीर हिंसा में बदल सकती है। ऐसे मामलों में परिवारों को संवाद और काउंसलिंग का सहारा लेना चाहिए, ताकि कोई कदम उठाने से पहले सभी पक्षों को समझा जा सके।