
सार
Muzaffarnagar News : उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद की अध्यापिका तृप्ति त्यागी की करतूत पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है। अधिकतर लोग इस घटना को धार्मिक कट्टरवाद से जोड़कर देख रहे हैं। लोगों का कहना है कि किसी भी सभ्य समाज में इस प्रकार की घटनाओं के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए।
विस्तार
Muzaffarnagar News : आपको बता दें कि यूपी के मुजफ्फरनगर जिले में एक हैरत अंगेज घटना पूरी दुनिया में मीडिया की सुर्खियों में आ गई है। कोतवाली खतौली क्षेत्र के खुब्बापुर गांव के नेहा पब्लिक स्कूल में हुई शर्मनाक घटना में पांच का पहाड़ा नहीं सुनाने पर शिक्षिका ने अल्पसंख्यक समुदाय के यूकेजी के छात्र को सहपाठियों से पिटवाया। उन्होंने समुदाय के बच्चों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी भी की। वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
यूकेजी का छात्र कक्षा में पहाड़ा नहीं सुना पाया, तो स्कूल संचालक शिक्षिका तृप्ति ने छात्र पर धार्मिक टिप्पणी करते हुए सहपाठियों से पिटाई कराना शुरू कर दिया। बच्चों ने पीठ पर मुक्के व गाल पर चांटे मारे, तो शिक्षिका ने आदेश दिया कि जोर से मारो। गाल लाल होने पर कहा, कमर में मारो। इस दौरान, मासूम छात्र रोता रहा, पर शिक्षिका का दिल नहीं पसीजा। वायरल वीडियो में शिक्षिका के साथ एक युवक बात करता नजर आ रहा है, इस दौरान वह आपत्तिजनक टिप्पणियां कर रही है।
खतौली के सीओ डा. रवि शंकर ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई है। शिक्षिका घर में ही स्कूल चलाती है। उसने बच्चे की दूसरे बच्चों से पिटाई कराई है। मामले में तहरीर ली जा रही है।
बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शुभम शुक्ला ने 34 सेकंड के वीडियो को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी है। थाना प्रभारी निखिल त्यागी ने शिक्षिका के घर पहुंचकर पड़ताल की। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा, मासूम बच्चों के मन में भेदभाव का जहर घोलना, स्कूल जैसे पवित्र स्थान को नफरत का बाजार बनाना है। एक शिक्षक देश के लिए इससे बुरा कुछ नहीं कर सकता। Muzaffarnagar News