उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाली वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

रुपईडीहा क्षेत्र के कुछ युवकों ने एक वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। वीडियो में एक युवक कथित रूप से उग्र भाषा का प्रयोग करते हुए धर्म के नाम पर धमकी देता नजर आता है। अन्य युवक उसके साथ खड़े दिखाई देते हैं और धार्मिक नारे लगाए जाते हैं।

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सतर्क पुलिस प्रशासन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Feb 2026 06:38 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित आपत्तिजनक वीडियो को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। वीडियो में तीन युवक कथित तौर पर सांप्रदायिक तनाव भड़काने वाली बातें करते दिखाई दे रहे हैं। मामला सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं।

क्या है पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, रुपईडीहा क्षेत्र के कुछ युवकों ने एक वीडियो रिकॉर्ड कर उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया। वीडियो में एक युवक कथित रूप से उग्र भाषा का प्रयोग करते हुए धर्म के नाम पर धमकी देता नजर आता है। अन्य युवक उसके साथ खड़े दिखाई देते हैं और धार्मिक नारे लगाए जाते हैं। वीडियो रिकॉर्ड करते समय वहां और लोगों की मौजूदगी का भी अंदेशा जताया जा रहा है। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित युवकों को पुलिस चौकी लाया गया था। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। इस कदम से क्षेत्र में चर्चा और नाराजगी का माहौल बन गया। कुछ लोगों का आरोप है कि मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया।

उच्च अधिकारियों का हस्तक्षेप

विवाद बढ़ने के बाद मामला पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) के संज्ञान में पहुंचा। उन्होंने जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि वीडियो में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाली सामग्री पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि प्रारंभिक स्तर पर सख्त कदम क्यों नहीं उठाए गए।

कानून-व्यवस्था के मद्देनजर संवेदनशील समय

घटना ऐसे समय सामने आई है जब त्योहारों को देखते हुए प्रशासन शांति बनाए रखने के प्रयास कर रहा है। विभिन्न इलाकों में शांति समिति की बैठकें आयोजित की जा रही हैं। ऐसे में इस प्रकार की सामग्री का प्रसारित होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। UP News


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उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर अहम फैसला : ओबीसी आरक्षण का फैसला समर्पित आयोग करेगा

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाले आरक्षण का निर्धारण एक समर्पित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए सरकार विशेष रूप से एक डेडिकेटेड ओबीसी आयोग का गठन करेगी, जो प्रदेश में पिछड़े वर्ग की वास्तविक स्थिति का आकलन करने हेतु रैपिड सर्वे कराएगा।

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पंचायत चुनाव
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Feb 2026 06:12 PM
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UP News : उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर एक अहम फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को मिलने वाले आरक्षण का निर्धारण एक समर्पित आयोग की रिपोर्ट के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए सरकार विशेष रूप से एक डेडिकेटेड ओबीसी आयोग का गठन करेगी, जो प्रदेश में पिछड़े वर्ग की वास्तविक स्थिति का आकलन करने हेतु रैपिड सर्वे कराएगा।

सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य 

यह कदम न्यायालय की आपत्तियों और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए उठाया जा रहा है। दरअसल, स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है। इसी क्रम में सरकार पहले ठोस आंकड़े जुटाएगी और फिर उसी के आधार पर आरक्षण का प्रतिशत और सीटों का निर्धारण किया जाएगा।

आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा

रैपिड सर्वे के माध्यम से यह पता लगाया जाएगा कि प्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में पिछड़े वर्ग की जनसंख्या और सामाजिक स्थिति क्या है। आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा, जिसके बाद आरक्षण से संबंधित अंतिम निर्णय लिया जाएगा। माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने तक पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी नहीं की जाएगी। सरकार का तर्क है कि इस प्रक्रिया से आरक्षण को लेकर भविष्य में कानूनी विवादों की संभावना कम होगी और चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी एवं संवैधानिक ढंग से संपन्न हो सकेगी। इस फैसले से यह स्पष्ट है कि पंचायत चुनाव अब आंकड़ों पर आधारित आरक्षण व्यवस्था के तहत ही कराए जाएंगे, जिससे सामाजिक न्याय और कानूनी वैधता दोनों सुनिश्चित हो सकें।


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गांव के छोरे की अनोखी विदाई : हेलीकॉप्टर से ससुराल पहुँची दुल्हन, देखने उमड़ी भीड़

इस शादी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि दुल्हन को पारंपरिक गाड़ी की बजाय हेलीकॉप्टर से ससुराल लाया गया। गांव के छोरे विक्रम सिंह का बचपन से ही ख्वाब था कि अपनी दुलहनिया को हेलीकाप्टर से व्याह कर लाऊं, जिसे उसने अपनी शादी में पूरा करके दिखा दिया।

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दुल्हन को पारंपरिक गाड़ी की बजाय हेलीकॉप्टर से ससुराल लाया
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar12 Feb 2026 05:42 PM
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UP News : हाथरस जिले के चंदपा क्षेत्र के गांव नगला खिरनी में एक विवाह समारोह खास आकर्षण का केंद्र बन गया। इस शादी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि दुल्हन को पारंपरिक गाड़ी की बजाय हेलीकॉप्टर से ससुराल लाया गया। गांव के छोरे विक्रम सिंह का बचपन से ही ख्वाब था कि अपनी दुलहनिया को हेलीकाप्टर से व्याह कर लाऊं, जिसे उसने अपनी शादी में पूरा करके दिखा दिया।

हेलीकाप्टर से दुल्हन की विदाई देखने बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

गांव निवासी कैलाश सिंह के बेटे विक्रम सिंह का विवाह मथुरा जिले के तेहरा (मांट) गांव की रहने वाली गायत्री राघव के साथ हुआ। विवाह की रस्में मंगलवार को संपन्न हुईं। अगले दिन दोपहर में दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से की गई। जैसे ही हेलीकॉप्टर गांव में उतरा, उसे देखने के लिए आसपास के इलाकों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए।

अनोखी विदाई कीे पूरे क्षेत्र में हो रही चर्चा 

गांव में इस तरह का दृश्य पहली बार देखने को मिला, जिससे लोगों में उत्साह और जिज्ञासा साफ दिखाई दी। भीड़ को नियंत्रित रखने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई थी। दूल्हे विक्रम सिंह वर्तमान में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। इस अनोखी विदाई ने पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना दिया और यह शादी लोगों के बीच लंबे समय तक यादगार बनी रहेगी।UP News



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