काशी विश्वनाथ में बदलेगी वर्दी की भाषा, महाशिवरात्रि पर होगा विशेष स्वागत
इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग भी दिलाई है, ताकि भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता रहे और देश-विदेश से आने वाले भक्तों को उत्तर प्रदेश की मेहमाननवाजी का आत्मीय अनुभव मिल सके।

UP News : उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में इस बार महाशिवरात्रि के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का अंदाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग मॉडल अपनाने का फैसला किया है। योजना के मुताबिक मंदिर के प्रवेश द्वारों पर तैनात जवान श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन करेंगे और उन्हें सम्मानपूर्वक सर/मैडम कहकर मार्गदर्शन देंगे। इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग भी दिलाई है, ताकि भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता रहे और देश-विदेश से आने वाले भक्तों को उत्तर प्रदेश की मेहमाननवाजी का आत्मीय अनुभव मिल सके।
महाशिवरात्रि पर बदलेगा पुलिस का अंदाज
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का कहना है कि वर्दी का रिश्ता केवल कानून-व्यवस्था से नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और भरोसे से भी है। महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में देश ही नहीं, दुनिया भर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। लंबी यात्रा, सुरक्षा जांच और घंटों की कतारें कई बार लोगों को थका देती हैं, कभी-कभी तनाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर परिस्थिति में संयमित, विनम्र और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को धैर्य से समझाकर व्यवस्था में सहयोग लें। नई व्यवस्था के तहत, जब श्रद्धालु लंबी लाइन पार कर मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे, तो सुरक्षा कर्मी उन्हें प्रणाम मुद्रा में सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाएंगे, ताकि काशी में आने वाले हर भक्त को सुरक्षा के साथ आत्मीयता का अनुभव भी मिल सके।
व्यवहार पर भी रहेगी नजर
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने यह भी तय किया है कि मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों के व्यवहार की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। यानी व्यवस्था के साथ-साथ व्यवहार की लाइव मॉनिटरिंग भी होगी। निर्देश हैं कि किसी भी स्तर पर दुर्व्यवहार सामने आने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। महाशिवरात्रि के दौरान विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता, मार्गदर्शन और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कराने पर जोर रहेगा। UP News
UP News : उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में इस बार महाशिवरात्रि के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का अंदाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग मॉडल अपनाने का फैसला किया है। योजना के मुताबिक मंदिर के प्रवेश द्वारों पर तैनात जवान श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन करेंगे और उन्हें सम्मानपूर्वक सर/मैडम कहकर मार्गदर्शन देंगे। इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग भी दिलाई है, ताकि भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता रहे और देश-विदेश से आने वाले भक्तों को उत्तर प्रदेश की मेहमाननवाजी का आत्मीय अनुभव मिल सके।
महाशिवरात्रि पर बदलेगा पुलिस का अंदाज
वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का कहना है कि वर्दी का रिश्ता केवल कानून-व्यवस्था से नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और भरोसे से भी है। महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में देश ही नहीं, दुनिया भर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। लंबी यात्रा, सुरक्षा जांच और घंटों की कतारें कई बार लोगों को थका देती हैं, कभी-कभी तनाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर परिस्थिति में संयमित, विनम्र और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को धैर्य से समझाकर व्यवस्था में सहयोग लें। नई व्यवस्था के तहत, जब श्रद्धालु लंबी लाइन पार कर मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे, तो सुरक्षा कर्मी उन्हें प्रणाम मुद्रा में सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाएंगे, ताकि काशी में आने वाले हर भक्त को सुरक्षा के साथ आत्मीयता का अनुभव भी मिल सके।
व्यवहार पर भी रहेगी नजर
वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने यह भी तय किया है कि मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों के व्यवहार की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। यानी व्यवस्था के साथ-साथ व्यवहार की लाइव मॉनिटरिंग भी होगी। निर्देश हैं कि किसी भी स्तर पर दुर्व्यवहार सामने आने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। महाशिवरात्रि के दौरान विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता, मार्गदर्शन और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कराने पर जोर रहेगा। UP News












