काशी विश्वनाथ में बदलेगी वर्दी की भाषा, महाशिवरात्रि पर होगा विशेष स्वागत

इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग भी दिलाई है, ताकि भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता रहे और देश-विदेश से आने वाले भक्तों को उत्तर प्रदेश की मेहमाननवाजी का आत्मीय अनुभव मिल सके।

वाराणसी पुलिस की नई पहल
वाराणसी पुलिस की नई पहल
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Feb 2026 11:26 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी काशी में इस बार महाशिवरात्रि के मौके पर सुरक्षा व्यवस्था का अंदाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। काशी विश्वनाथ धाम में उमड़ने वाली भारी भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने सिर्फ सख्ती नहीं, बल्कि संवेदनशील पुलिसिंग मॉडल अपनाने का फैसला किया है। योजना के मुताबिक मंदिर के प्रवेश द्वारों पर तैनात जवान श्रद्धालुओं का हाथ जोड़कर अभिवादन करेंगे और उन्हें सम्मानपूर्वक सर/मैडम कहकर मार्गदर्शन देंगे। इस पहल को प्रभावी बनाने के लिए वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने पुलिसकर्मियों को सॉफ्ट स्किल ट्रेनिंग भी दिलाई है, ताकि भीड़ प्रबंधन के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता रहे और देश-विदेश से आने वाले भक्तों को उत्तर प्रदेश की मेहमाननवाजी का आत्मीय अनुभव मिल सके।

महाशिवरात्रि पर बदलेगा पुलिस का अंदाज

वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल का कहना है कि वर्दी का रिश्ता केवल कानून-व्यवस्था से नहीं, बल्कि सेवा, सहयोग और भरोसे से भी है। महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में देश ही नहीं, दुनिया भर से श्रद्धालु पहुंचते हैं। लंबी यात्रा, सुरक्षा जांच और घंटों की कतारें कई बार लोगों को थका देती हैं, कभी-कभी तनाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में उत्तर प्रदेश पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि हर परिस्थिति में संयमित, विनम्र और सकारात्मक व्यवहार बनाए रखें और जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को धैर्य से समझाकर व्यवस्था में सहयोग लें। नई व्यवस्था के तहत, जब श्रद्धालु लंबी लाइन पार कर मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे, तो सुरक्षा कर्मी उन्हें प्रणाम मुद्रा में सम्मानपूर्वक आगे बढ़ाएंगे, ताकि काशी में आने वाले हर भक्त को सुरक्षा के साथ आत्मीयता का अनुभव भी मिल सके।

व्यवहार पर भी रहेगी नजर

वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट ने यह भी तय किया है कि मंदिर परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों के व्यवहार की निगरानी सीसीटीवी कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। यानी व्यवस्था के साथ-साथ व्यवहार की लाइव मॉनिटरिंग भी होगी। निर्देश हैं कि किसी भी स्तर पर दुर्व्यवहार सामने आने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। महाशिवरात्रि के दौरान विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं, दिव्यांगजनों और दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं के प्रति संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर उन्हें प्राथमिकता के आधार पर सहायता, मार्गदर्शन और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कराने पर जोर रहेगा। UP News

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उत्तर प्रदेश में देसी हुई महंगी… कीमत सुनते ही उड़ जाएंगे होश!

योगी सरकार की कैबिनेट ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, और इसके बाद देसी शराब की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। नई दरें लागू होते ही उपभोक्ताओं को हर बोतल पर करीब 5 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।

उत्तर प्रदेश में महंगी हुई देसी शराब
उत्तर प्रदेश में महंगी हुई देसी शराब
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Feb 2026 09:54 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। उत्तर प्रदेश से जुडी यह बड़ी खबर हर उत्तरप्रदेश वासी को जाननी चाहिए। अगर आप उत्तर प्रदेश में रहते है और शराब के शौकीन है, तो यह खबर आपके लिए है। 1 अप्रैल से देसी शराब की बोतल खरीदना पहले से महंगा पड़ने वाला है। योगी सरकार की कैबिनेट ने नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है, और इसके बाद देसी शराब की कीमतों में बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है। नई दरें लागू होते ही उपभोक्ताओं को हर बोतल पर करीब 5 रुपये अतिरिक्त चुकाने होंगे।

1 अप्रैल से बढ़ेंगे देसी शराब के दाम

सरकारी फैसले के मुताबिक 36% अल्कोहल वाली देसी शराब अब तक 165 रुपये में मिलती थी, 1 अप्रैल से बढ़कर 173 रुपये हो जाएगी। हालांकि राहत की बात यह है कि अन्य किस्म की शराब (अन्य श्रेणियां) के दामों में फिलहाल कोई बदलाव घोषित नहीं किया गया है। नई नीति के जरिए उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आबकारी से 71,278 करोड़ रुपये का राजस्व लक्ष्य तय किया है। यानी सरकार की नजर साफ तौर पर बिक्री, लाइसेंसिंग और सिस्टम को और सख्त-व्यवस्थित करके कमाई बढ़ाने पर है। नीति में शहरी इलाकों को लेकर भी बड़ा बदलाव किया गया है। शहरी क्षेत्र में देसी शराब दुकानों का कोटा घटाया जाएगा। वहीं, प्रदेशभर में शराब की फुटकर दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा जिसे पारदर्शिता बढ़ाने और सेटिंग-सिस्टम पर लगाम के तौर पर देखा जा रहा है। नई आबकारी नीति में अंग्रेजी शराब की फुटकर दुकानों की लाइसेंस फीस 7.5% बढ़ा दी गई है। इसका असर खासकर बड़े शहरों और हाई-सेल जोन में कारोबार करने वाले लाइसेंसधारकों पर पड़ेगा और संभावना है कि बाजार में इसकी लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ता तक भी पहुंचे।

नोएडा से लखनऊ तक लो-अल्कोहल पेय को नए लाइसेंस

उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरी केंद्र नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में लो अल्कोहलिक स्ट्रेंथ बेवरेज (जैसे बियर, वाइन और RTD) की बिक्री के लिए नए तरीके से लाइसेंस दिए जा सकेंगे। यह कदम शहरों में अलग-अलग कैटेगरी के पेय की उपलब्धता और रेगुलेटेड सेलिंग को बढ़ाने की दिशा में माना जा रहा है। नीति के तहत उत्तर प्रदेश में निर्मित शराब और आबकारी से जुड़े अन्य उत्पादों के निर्यात का रास्ता भी और स्पष्ट किया गया है।  UP News

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'ये मेरा बेटा नहीं…’ शक की सनक में पिता बना हैवान, तालाब में फेंकी लाश

उत्तर प्रदेश के बरेली जिले स्तिथ भुता थाना क्षेत्र में शक और वहम ने एक पिता को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने अपने ही एक साल के बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने मासूम का शव गांव के पास तालाब में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की।

भुता थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात
भुता थाना क्षेत्र में दिल दहला देने वाली वारदात
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar13 Feb 2026 09:28 AM
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UP News : उत्तर प्रदेश की धरती से एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले स्तिथ भुता थाना क्षेत्र में शक और वहम ने एक पिता को इस कदर अंधा कर दिया कि उसने अपने ही एक साल के बेटे की गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने मासूम का शव गांव के पास तालाब में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपी पिता सोमपाल को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया।

शक ने ले ली मासूम की जान

पुलिस के मुताबिक सोमपाल शराब पीने का आदी है और घर में अक्सर झगड़ा करता था। वह लंबे समय से पत्नी पर शक करता था और बार-बार यही कहता था कि छोटा बेटा वरुण उसकी शक्ल का नहीं है। इसी संदेह ने परिवार की शांति छीन ली और आखिरकार एक मासूम की जिंदगी तक पहुंच गया। पीड़िता रामबेटी ने पुलिस को बताया कि वह पिछले करीब दो महीने से अपने मायके पीलीभीत के बीसलपुर थाना क्षेत्र के गांव बोनी में रह रही थी। आरोप है कि बुधवार को सोमपाल अचानक वहां पहुंचा और बड़े बेटे अरुण तथा एक साल के वरुण को जबरन अपने साथ ले गया। रामबेटी ने विरोध किया, लेकिन वह नहीं माना और बच्चों को लेकर बरेली के गांव अठाना चला गया। उसी रात किसी समय सोमपाल ने कथित तौर पर छोटे बेटे वरुण की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को गांव के पास तालाब में फेंक दिया, ताकि मामला दब जाए। अगले दिन जब बच्चे का कुछ पता नहीं चला तो परिवार वालों को अनहोनी की आशंका हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और तालाब में तलाश कराई। कुछ देर बाद मासूम वरुण का शव बरामद कर लिया गया। शव देखते ही मां बेसुध हो गई और पूरे गांव में मातम पसर गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

कोर्ट ने भेजा जेल

पीड़िता रामबेटी की शिकायत मिलते ही पुलिस हरकत में आई और हत्या का मुकदमा दर्ज कर आरोपी की घेराबंदी शुरू कर दी। गांव के बाहर खेतों में छिपे सोमपाल को पुलिस ने पकड़ लिया। पूछताछ में उसने कबूल किया कि शक ने उसे उकसाया और गुस्से में उसने मासूम की जान ले ली। औपचारिक कानूनी प्रक्रिया के बाद उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया। UP News

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