आज इन 16 स्टॉक्स पर है सबकी नजर, मिल सकता है तगड़ा मुनाफा

आज के कारोबारी सत्र में बाजार में कई प्रमुख स्टॉक्स पर नजर रहेगी। TCS, Tata Capital, IRFC और Shaily Engineering जैसे स्टॉक्स में आज अहम बिजनेस अपडेट आए हैं। कुछ कंपनियों ने फंड रेजिंग, बड़े ऑर्डर और ग्लोबल साझेदारी की घोषणाएं की हैं।

Stocks to Watch
16 स्टॉक्स पर नजर
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 01:21 AM
bookmark

आज (26 फरवरी) के कारोबारी सत्र में बाजार में कई बड़े और मिडकैप स्टॉक्स पर नजर रहेगी। कुछ कंपनियों ने फंड रेजिंग, बड़े ऑर्डर और ग्लोबल साझेदारी जैसे अहम ऐलान किए हैं। वहीं कुछ स्टॉक्स पर डिविडेंड, बोर्ड मीटिंग और नियामकीय अपडेट का असर दिख सकता है। आइए जानते हैं आज के 16 प्रमुख शेयरों के बारे में जिन पर खास ध्यान देने की जरूरत है।

Tata Consultancy Services (TCS)

TCS ने GitLab Inc. के साथ साझेदारी की है। इसके तहत एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट में AI आधारित ऑर्केस्ट्रेशन और एजेंटिक ऑटोमेशन को शामिल किया जाएगा। यह सहयोग TCS की AI आधारित एंटरप्राइज ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता को GitLab के DevSecOps प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ता है।

Tata Capital

Tata Capital Housing Finance ने 650.02 करोड़ रुपये के राइट्स इश्यू को मंजूरी दी है। इसमें 10 रुपये फेस वैल्यू वाले इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे। यह इक्विटी एक या अधिक चरणों में जारी की जा सकती है।

Suryoday Small Finance Bank

Suryoday Small Finance Bank ने 1,000 करोड़ रुपये तक फंड जुटाने की योजना बनाई है। इसके लिए बैंक ने शेयरधारकों से विशेष प्रस्ताव के जरिए मंजूरी मांगी है। फंड इक्विटी शेयर, इक्विटी लिंक्ड सिक्योरिटी या वारंट के जरिए जुटाया जा सकता है।

Indian Railway Finance Corporation (IRFC)

IRFC ने Sumitomo Mitsui Banking Corporation और MUFG Bank के साथ लोन एग्रीमेंट साइन किया है। इसके जरिए कंपनी JPY के बराबर 400 मिलियन डॉलर का बाहरी वाणिज्यिक उधार (ECB) जुटाएगी। इससे पहले दिसंबर 2025 में 300 मिलियन डॉलर का ECB उठाया गया था।

KSB Limited

KSB Limited का दिसंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 10.8% बढ़कर 81 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 8% बढ़कर 784 करोड़ रुपये पहुंचा। बोर्ड ने 2 रुपये फेस वैल्यू वाले प्रति शेयर पर 4.40 रुपये का फाइनल डिविडेंड सिफारिश किया है। रिकॉर्ड डेट 8 मई 2026 तय की गई है।

Shaily Engineering Plastics

Shaily Engineering Plastics को एक बड़ी घरेलू फार्मा कंपनी से 423 करोड़ रुपये का मैन्युफैक्चरिंग और कमर्शियल सप्लाई एग्रीमेंट मिला है। यह करार पेन इंजेक्टर की सप्लाई के लिए है और चार साल तक चलेगा।

Lupin Ltd

Lupin Ltd के महाराष्ट्र कार्यालय में GST विभाग ने निरीक्षण और तलाशी की कार्रवाई शुरू की है। कंपनी ने कहा कि जांच में सहयोग किया जा रहा है और इसका वित्तीय या संचालन पर कोई असर नहीं होगा।

KFin Technologies और CAMS

MFCentral ने नई नेतृत्व नियुक्तियों की घोषणा की है। राजेश कृष्णमूर्ति को नया CEO और सुप्रतिम बंद्योपाध्याय को नॉन एग्जीक्यूटिव चेयरमैन बनाया गया है। यह कदम संगठन को मजबूत बनाने के लिए लिया गया है।

SBI Life Insurance

SBI Life Insurance ने FY26 के लिए 2.70 रुपये प्रति इक्विटी शेयर का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है। यह 27% फेस वैल्यू पर बैठता है। भुगतान 27 मार्च 2026 तक शेयरधारकों को किया जाएगा।

Sanofi India

Sanofi India का दिसंबर तिमाही में शुद्ध मुनाफा 32.4% घटकर 61.7 करोड़ रुपये रह गया। कंपनी की आय 18.4% गिरकर 420 करोड़ रुपये और EBITDA 91 करोड़ रुपये रही।

Emmvee Photovoltaic Power Ltd

Emmvee ने कहा कि अमेरिका की ओर से भारत से सोलर इंपोर्ट पर लगाए गए काउंटरवेलिंग ड्यूटी का कारोबार पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कंपनी का फोकस भारत के तेजी से बढ़ते रिन्यूएबल एनर्जी बाजार पर है।

डिविडेंड और स्टॉक स्प्लिट

आज चार कंपनियों की बोर्ड मीटिंग तय है। Pashupati Cotspin शेयर स्प्लिट पर विचार करेगी। Engineers India, Vesuvius India और John Cockerill India डिविडेंड प्रस्ताव पर फैसला लेंगी।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

चांदी ने एक साल में लगाई लंबी छलांग, गोल्ड को भी पछाड़ा

Silver Price 2026 में चांदी ने एक साल में 276% की छलांग लगाई। हाल ही में कीमतों में करेक्शन भी आया है। Geojit की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक सप्लाई डिफिसिट और मजबूत निवेश मांग कीमतों को सपोर्ट दे रहे हैं। ज्वैलरी मांग में गिरावट के बावजूद औद्योगिक और फिजिकल निवेश मांग में इजाफा देखने को मिल सकता है।

Silver Rate
ज्वैलरी मांग में गिरावट
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 12:49 AM
bookmark

साल 2026 की शुरुआत में चांदी ने एक नया रिकॉर्ड बनाया। जनवरी में इसका भाव 100 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया और कई ऑल टाइम हाई दर्ज किए गए। हालांकि इसके बाद करेक्शन आया और कीमतों में लगभग 14 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके बावजूद सालाना आधार पर चांदी की कीमतों में 276 प्रतिशत तक की मजबूती बनी हुई है।

वैश्विक सप्लाई और डिमांड का हाल

Geojit Investments Limited की रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 में भी चांदी की वैश्विक सप्लाई मांग से कम रहेगी। यह लगातार छठा साल है जब बाजार में डिफिसिट की स्थिति बनी रहेगी। कुल मांग अधिक रहने की वजह से वैश्विक स्तर पर तंगी बनी रह सकती है। माइन प्रोडक्शन में हल्की बढ़ोतरी और रीसाइक्लिंग में 7 प्रतिशत का इजाफा हुआ है लेकिन कुल जरूरत इससे ज्यादा है।

ज्वैलरी और औद्योगिक मांग में बदलाव

जियोजीत की रिपोर्ट बताती है कि साल 2026 में ज्वैलरी मांग में 9 प्रतिशत और सिल्वरवेयर में 17 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल सकती है। सोलर सेक्टर में खपत कम होने की वजह से औद्योगिक मांग में 2 प्रतिशत की गिरावट आ सकती है। हालांकि डेटा सेंटर, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और एआई जैसे सेक्टर लंबी अवधि की मांग को सहारा देंगे।

निवेश मांग में वृद्धि

फिजिकल निवेश की मांग इस साल लगभग 20 प्रतिशत बढ़कर 227 मिलियन औंस तक पहुंच सकती है। यह पिछले तीन साल का उच्च स्तर है। निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी से चांदी के भाव को सपोर्ट मिलेगा और बाजार में स्थिरता आएगी।

MCX और तकनीकी रुख

चीन ने 1 जनवरी 2026 से चांदी के निर्यात पर कड़े नियंत्रण लागू किए हैं। अमेरिका ने चांदी को क्रिटिकल मिनरल्स सूची में शामिल किया है। इन कदमों से चांदी की रणनीतिक अहमियत बढ़ गई है। इसका असर वैश्विक सप्लाई पर भी पड़ सकता है। MCX में चांदी का 2,55,000 रुपये प्रति किलो का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर कीमत इसके नीचे गिरती है, तो शॉर्ट टर्म में दबाव बढ़ सकता है। वहीं लंदन स्पॉट और MCX सिल्वर रेंज बाउंड रह सकते हैं। लॉन्ग टर्म ट्रेंड पॉजिटिव है और संभावित ट्रेडिंग रेंज 62 से 100 डॉलर प्रति औंस के बीच मानी गई है।

गोल्ड-सिल्वर रेशियो

जनवरी में गोल्ड-सिल्वर रेशियो 50 से नीचे चला गया था जो 2012 के बाद पहली बार हुआ। फिलहाल यह करीब 58.83 के आसपास है। कम रेशियो दर्शाता है कि चांदी ने गोल्ड के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया है। डिजिटलाइजेशन, एआई विस्तार, डेटा सेंटर की मांग और भू-राजनीतिक तनाव जैसी थीम्स चांदी को सहारा दे सकती हैं। इसके साथ ही अमेरिकी फेड की नीति, डॉलर की चाल और वैश्विक लिक्विडिटी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

Disclaimer: यूजर्स को चेतना मंच की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

सरकार ने क्यों छोड़ा ग्रीन शू ऑप्शन, मार्केट में क्या हुआ ऐसा?

IRFC के ऑफर फॉर सेल (OFS) में सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं किया। अब हिस्सेदारी बिक्री केवल 2% तक सीमित रहेगी। OFS का फ्लोर प्राइस 104 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संस्थागत निवेशकों ने पहले दिन 94.98% सब्सक्रिप्शन दिखाया। शेयर NSE पर फ्लोर प्राइस के आसपास बंद हुआ।

IRFC
IRFC OFS क्या है?
locationभारत
userअसमीना
calendar26 Feb 2026 12:26 AM
bookmark

Indian Railway Finance Corporation (IRFC) के ऑफर फॉर सेल (OFS) में भारत सरकार ने ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल नहीं करने का फैसला लिया है। इसका मतलब है कि अब सरकार सिर्फ 2% हिस्सेदारी ही बेच पाएगी। पहले योजना थी कि जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त 2% हिस्सेदारी भी बेची जा सकती थी जिससे कुल बिक्री 4% तक जा सकती थी लेकिन अब यह विकल्प बंद कर दिया गया है।

OFS की डिटेल और फ्लोर प्राइस

IRFC OFS का फ्लोर प्राइस 104 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए यह इश्यू 25 फरवरी से खुला और रिटेल निवेशक 26 फरवरी से इसमें बोली लगा सकते हैं। पहले दिन ही संस्थागत निवेशकों ने काफी रुचि दिखाई और आरक्षित 23.52 करोड़ शेयरों में से करीब 94.98% के लिए बोली लगाई। इन बोलियों की कुल वैल्यू लगभग 2,326 करोड़ रुपये रही।

सरकार की हिस्सेदारी

31 दिसंबर तक सरकार की IRFC में 86.36% हिस्सेदारी थी। कंपनी जनवरी 2021 में 26 रुपये प्रति शेयर के IPO प्राइस पर लिस्ट हुई थी और इसके बाद इसका शेयर ऑल टाइम हाई 229 रुपये तक पहुंचा। यह OFS सरकार की विनिवेश योजना का हिस्सा है और न्यूनतम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों को पूरा करने में मदद करता है।

शेयर का प्रदर्शन

25 फरवरी को IRFC का शेयर NSE पर लगभग 5% गिरकर 104.43 रुपये पर बंद हुआ जो OFS के फ्लोर प्राइस के बहुत करीब है। इसका मतलब है कि निवेशकों की रुचि मजबूत रही लेकिन शेयर का भाव अभी भी फ्लोर प्राइस के आसपास ही रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। चेतना मंच की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

संबंधित खबरें