फोर्ब्स के रियल-टाइम बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ लगभग $104.6 अरब आंकी गई है। बाजार पूंजीकरण और कारोबार के विस्तार के लिहाज से भी रिलायंस लगातार देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार रहती है।

Indian Billionaires : भारत में दौलतमंदों की सूची लगातार लंबी होती जा रही है। नए-नए अरबपति उभर रहे हैं और बड़े कारोबारी समूहों की संपत्ति में भी तेज उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। इसके बावजूद देश के टॉप-10 रईसों की सूची में पहला और दूसरा स्थान लंबे समय से मुकेश अंबानी और गौतम अडानी के कब्जे में है, जबकि सावित्री जिंदल तीसरे पायदान पर रहते हुए भारत की सबसे अमीर महिला के रूप में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा रही हैं। सबसे दिलचस्प तथ्य यह है कि वैश्विक स्तर पर चर्चित $100 अरब क्लब में भारत से फिलहाल सिर्फ एक ही नाम पहुंच पाया है।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी इस वक्त भारत के ऐसे इकलौते अरबपति बताए जा रहे हैं, जिनकी दौलत $100 बिलियन क्लब की दहलीज पार कर चुकी है। फोर्ब्स के रियल-टाइम बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक उनकी नेटवर्थ लगभग $104.6 अरब आंकी गई है। बाजार पूंजीकरण और कारोबार के विस्तार के लिहाज से भी रिलायंस लगातार देश की सबसे बड़ी कंपनियों में शुमार रहती है।
भारत के सबसे अमीर लोगों की रैंकिंग में गौतम अडानी लंबे समय से दूसरे पायदान पर मजबूती से बने हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति लगभग $62.3 अरब आंकी गई है। अडानी समूह की 10 कंपनियां शेयर बाजार में सूचीबद्ध हैं, जिससे उनका कारोबारी विस्तार कई सेक्टरों में साफ दिखाई देता है। हिंडनबर्ग प्रकरण के बाद भले ही समूह पर भारी दबाव आया, लेकिन समय के साथ अडानी ग्रुप ने खुद को संभालते हुए बाजार में धीरे-धीरे वापसी के संकेत दिए हैं और यही वजह है कि उनकी पकड़ देश के टॉप-रईसों की सूची में अब भी कायम नजर आती है।
भारत की महिला अरबपतियों में सावित्री जिंदल का नाम सबसे ऊपर चमकता है। 75 वर्ष की उम्र में भी उनकी कारोबारी पकड़ उतनी ही मजबूत मानी जाती है। साल 2005 से वे ओपी जिंदल ग्रुप की बागडोर संभाल रही हैं और संपत्ति के लिहाज से देश के अमीरों की सूची में तीसरे पायदान पर काबिज हैं। आंकड़ों के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति करीब $36.4 अरब आंकी गई है और इसी वजह से उन्हें भारत की सबसे अमीर महिला के तौर पर पहचानी जाती है।
टॉप-10 अमीरों की सूची में चौथे स्थान पर HCL के संस्थापक शिव नादर का नाम आता है। रिपोर्ट के मुताबिक उनकी संपत्ति लगभग $35.8 अरब आंकी गई है। हालांकि, शिव नादर की पहचान सिर्फ दौलत तक सीमित नहीं है, उन्हें देश के सबसे बड़े दानदाताओं में भी खास जगह हासिल है। हुरुन परोपकार सूची 2025 में उन्होंने करीब 2708 करोड़ रुपये का दान देकर शीर्ष स्थान पाया था। यह भी बड़ी बात है कि शिव नादर और उनका परिवार पिछले पांच वर्षों में चार बार सबसे अधिक दान देने वालों की सूची में टॉप पर रहा है। वैश्विक स्तर पर देखें तो HCL का कारोबार 60 देशों में फैला है।
फोर्ब्स बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक भारत के 10 सबसे अमीरों की सूची में आगे ये दिग्गज भी शामिल हैं -