दिल्ली के 66 मोहल्लों में मंडरा रहा बड़ा संकट, आपका इलाका तो शामिल नहीं
दिल्ली में पानी की किल्लत ने 66 मोहल्लों को प्रभावित किया है। यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़कर 6 पीपीएम हो गया है। मुनक नहर की रिपेयरिंग के कारण दिल्ली को पानी की आपूर्ति आधी मिल रही है। हैदरपुर, द्वारका, नांगलोई, बवाना और ओखला वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों का उत्पादन प्रभावित हुआ है।

दिल्लीवासियों को अगले कुछ दिनों तक पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़कर 6 पीपीएम हो गया है, जिससे वजीराबाद और चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों का पानी उत्पादन पहले से ही कम हो गया है। साथ ही, हरियाणा के मुनक नहर से दिल्ली को मिलने वाला पानी आधा रह गया है क्योंकि नहर की रिपेयरिंग चल रही है। इसके कारण नॉर्थ, नॉर्थ-वेस्ट, साउथ और साउथ-वेस्ट दिल्ली में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
मुनक नहर से पानी की स्थिति
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, दिल्ली को जितने पानी की जरूरत है उसका लगभग 80% हरियाणा से मुनक नहर के जरिए आता है। मुनक नहर दो ब्रांच में बंटती है पहला करियर लाइन चैनल (CLC) से 440 एमजीडी और दूसरा दिल्ली सब-ब्रांच (DSB) से 227 एमजीडी। कुल मिलाकर दिल्ली को 667 एमजीडी पानी मिलता है लेकिन रिपेयरिंग के कारण अब सिर्फ आधा पानी ही मिल रहा है।
पांच मुख्य वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए
इस स्थिति से पांच मुख्य वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए हैं। हैदरपुर प्लांट-1 से शालीमार बाग, पीतमपुरा, लॉरेंस रोड, मंगोलपुरी और रोहिणी सेक्टर-29 जैसे इलाके प्रभावित होंगे। हैदरपुर प्लांट-2 के कारण रोहिणी सेक्टर-7, 11, 17, 18 और 19, मायापुरी, जनकपुरी, दिल्ली कैंट और वसंत विहार में पानी की कमी रहेगी। द्वारका प्लांट से द्वारका के सभी सेक्टर, मधुविहार और एयरपोर्ट क्षेत्र प्रभावित होंगे। बवाना प्लांट से सुल्तानपुर डबास, कुतुबगढ़ और बवाना एरिया में कमी होगी। वजीराबाद प्लांट की कमी मजनूं का टीला, आईटीओ, राजघाट, सुभाष पार्क और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में नजर आएगी।
अधिक पानी छोड़ने की अपील
अमोनिया के बढ़ते स्तर के कारण दिल्ली सरकार ने हरियाणा को पत्र लिखा है और हथिनी कुंड बैराज से यमुना में अधिक पानी छोड़ने की अपील की है। इसके साथ ही ईस्टर्न और वेस्टर्न कैनाल का पानी यमुना में डायवर्ट करने की भी मांग की गई है। इससे यमुना में पानी की मात्रा बढ़कर अमोनिया का स्तर कम हो सकेगा और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों का उत्पादन धीरे-धीरे सामान्य होगा।
दिल्लीवालों के लिए जरूरी सूचना
दिल्लीवासियों के लिए जरूरी है कि वे पानी की बचत करें। बड़े पैमाने पर पानी भरने के बजाय केवल जरूरी कामों में ही इस्तेमाल करें। बोतल और स्टोर का इंतजाम पहले से कर लें और सरकारी सूचना और अपडेट्स पर नजर रखें। इस समय दिल्लीवासियों को संयम और सतर्कता की आवश्यकता है। मुनक नहर की रिपेयरिंग और यमुना में अमोनिया के बढ़ते स्तर के कारण यह संकट पैदा हुआ है। प्रशासन हर संभव उपाय कर रहा है लेकिन नागरिकों का सहयोग ही इस चुनौती का समाधान कर सकता है।
दिल्लीवासियों को अगले कुछ दिनों तक पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़कर 6 पीपीएम हो गया है, जिससे वजीराबाद और चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों का पानी उत्पादन पहले से ही कम हो गया है। साथ ही, हरियाणा के मुनक नहर से दिल्ली को मिलने वाला पानी आधा रह गया है क्योंकि नहर की रिपेयरिंग चल रही है। इसके कारण नॉर्थ, नॉर्थ-वेस्ट, साउथ और साउथ-वेस्ट दिल्ली में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।
मुनक नहर से पानी की स्थिति
दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, दिल्ली को जितने पानी की जरूरत है उसका लगभग 80% हरियाणा से मुनक नहर के जरिए आता है। मुनक नहर दो ब्रांच में बंटती है पहला करियर लाइन चैनल (CLC) से 440 एमजीडी और दूसरा दिल्ली सब-ब्रांच (DSB) से 227 एमजीडी। कुल मिलाकर दिल्ली को 667 एमजीडी पानी मिलता है लेकिन रिपेयरिंग के कारण अब सिर्फ आधा पानी ही मिल रहा है।
पांच मुख्य वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए
इस स्थिति से पांच मुख्य वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए हैं। हैदरपुर प्लांट-1 से शालीमार बाग, पीतमपुरा, लॉरेंस रोड, मंगोलपुरी और रोहिणी सेक्टर-29 जैसे इलाके प्रभावित होंगे। हैदरपुर प्लांट-2 के कारण रोहिणी सेक्टर-7, 11, 17, 18 और 19, मायापुरी, जनकपुरी, दिल्ली कैंट और वसंत विहार में पानी की कमी रहेगी। द्वारका प्लांट से द्वारका के सभी सेक्टर, मधुविहार और एयरपोर्ट क्षेत्र प्रभावित होंगे। बवाना प्लांट से सुल्तानपुर डबास, कुतुबगढ़ और बवाना एरिया में कमी होगी। वजीराबाद प्लांट की कमी मजनूं का टीला, आईटीओ, राजघाट, सुभाष पार्क और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में नजर आएगी।
अधिक पानी छोड़ने की अपील
अमोनिया के बढ़ते स्तर के कारण दिल्ली सरकार ने हरियाणा को पत्र लिखा है और हथिनी कुंड बैराज से यमुना में अधिक पानी छोड़ने की अपील की है। इसके साथ ही ईस्टर्न और वेस्टर्न कैनाल का पानी यमुना में डायवर्ट करने की भी मांग की गई है। इससे यमुना में पानी की मात्रा बढ़कर अमोनिया का स्तर कम हो सकेगा और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों का उत्पादन धीरे-धीरे सामान्य होगा।
दिल्लीवालों के लिए जरूरी सूचना
दिल्लीवासियों के लिए जरूरी है कि वे पानी की बचत करें। बड़े पैमाने पर पानी भरने के बजाय केवल जरूरी कामों में ही इस्तेमाल करें। बोतल और स्टोर का इंतजाम पहले से कर लें और सरकारी सूचना और अपडेट्स पर नजर रखें। इस समय दिल्लीवासियों को संयम और सतर्कता की आवश्यकता है। मुनक नहर की रिपेयरिंग और यमुना में अमोनिया के बढ़ते स्तर के कारण यह संकट पैदा हुआ है। प्रशासन हर संभव उपाय कर रहा है लेकिन नागरिकों का सहयोग ही इस चुनौती का समाधान कर सकता है।













