हिन्दू मरे या मुसलमान, इन्हें हत्या से काम
भारत में एक बहुत पुरानी कहावत प्रचलित है। भारत के हर कोने में चलने वाली यह कहावत यह है कि- ‘‘हिन्दू मरे या मुसलमान, इन्हें हत्या से काम”। यह कहावत इन दिनों भारत की राजधानी दिल्ली में हुए तरूण हत्याकांड में चरितार्थ हो रही है।

Delhi News : भारत में एक बहुत पुरानी कहावत प्रचलित है। भारत के हर कोने में चलने वाली यह कहावत यह है कि- ‘‘हिन्दू मरे या मुसलमान, इन्हें हत्या से काम”। यह कहावत इन दिनों भारत की राजधानी दिल्ली में हुए तरूण हत्याकांड में चरितार्थ हो रही है। यह भी कहा जा सकता है कि दिल्ली के कुछ स्वार्थी तथा ठग टाईप के लोगों ने ‘‘हिन्दू मरे या मुसलमान, इन्हें हत्या से काम” वाली कहावत को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है। ठगी की आदत से मजबूर दिल्ली के कुछ लोगों ने तरूण के परिवार की मदद के नाम पर करोड़ों रूपए कमा लिए हैं।
दिल्ली के तरूण के नाम पर कमाई का बड़ा धंधा
आपको बता दें कि होली के त्यौहार पर दिल्ली में तरूण नामक युवक की हत्या कर दी गई थी। तरूण हत्याकांड के घटनाक्रम की बात करें तो होली के मौके पर पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में दो अलग-अलग समुदायों के परिवारों के बीच झगड़ा हो गया था। बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत एक मामूली घटना से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। इस झगड़े में 26 वर्षीय तरुण नामक युवक की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस जांच के अनुसार घटना के दौरान एक महिला सायरा पर गुब्बारा फेंका गया था। आरोप है कि इसके बाद उसने अपने परिवार के लोगों को बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हिंसा में तरुण की हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के बाद से कुछ लोगों ने तरूण हत्याकांड को अवैध कमाई करने का धंधा बना लिया है।
तरूण के परिवार की आड़ में गंदा धंधा
इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली के उत्तम नगर के चर्चित तरुण मर्डर केस पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कुछ लोग इस संवेदनशील घटना का सहारा लेकर तरुण के परिवार के नाम पर आम लोगों से पैसे इकठ्ठा कर रहे थे। पुलिस के अनुसार ऐसे ही एक बैंक खाते में महज दो दिनों के भीतर करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए थे। मामले की जानकारी मिलते ही द्वारका जिला पुलिस हरकत में आ गई और तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते को फ्रीज करा दिया। साथ ही इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील घटना के बाद सोशल मीडिया पर झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि इससे समाज में तनाव भी बढ़ सकता है। इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। उत्तम नगर की घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई तरह की पोस्ट और वीडियो वायरल होने लगे थे। इनमें से कई पोस्ट में अपुष्ट और भडक़ाऊ दावे किए जा रहे थे। द्वारका जिला पुलिस ने इन पोस्टों को गंभीरता से लिया और तुरंत उनकी जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स जानबूझकर भ्रामक सामग्री फैला रहे थे। पुलिस का कहना है कि ऐसी पोस्ट से न सिर्फ लोगों को गुमराह किया जा रहा था, बल्कि इससे इलाके में माहौल भी बिगड़ सकता था।
तरूण के नाम QR कोड से उगाही
जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया। 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक क्यूआर कोड दिखाते हुए लोगों से आर्थिक मदद की अपील की जा रही थी। वीडियो में दावा किया गया था कि यह पैसा तरुण के परिवार की मदद के लिए जमा किया जा रहा है। लेकिन जब पुलिस ने इस मामले की जांच की तो पता चला कि यह फंड जुटाने की कोशिश संदिग्ध थी। जांच में सामने आया कि महज दो दिनों के भीतर उस बैंक खाते में करीब 37 लाख रुपये जमा हो चुके थे। जैसे ही पुलिस को इस संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली, तुरंत संबंधित बैंक शाखा के प्रबंधक से संपर्क किया गया। पुलिस ने बैंक को निर्देश दिया कि उस खाते में होने वाले सभी क्रेडिट और डेबिट लेनदेन को तुरंत रोक दिया जाए. इसके साथ ही खाते में जमा पूरी राशि को फ्रीज कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि आम लोगों द्वारा भेजा गया पैसा सुरक्षित रह सके और किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके। दिल्ली की द्वारका जिला पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने या लोगों को गुमराह करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस ने दोहराया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने या लोगों को भडक़ाने वाली किसी भी ऑनलाइन गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Delhi News
Delhi News : भारत में एक बहुत पुरानी कहावत प्रचलित है। भारत के हर कोने में चलने वाली यह कहावत यह है कि- ‘‘हिन्दू मरे या मुसलमान, इन्हें हत्या से काम”। यह कहावत इन दिनों भारत की राजधानी दिल्ली में हुए तरूण हत्याकांड में चरितार्थ हो रही है। यह भी कहा जा सकता है कि दिल्ली के कुछ स्वार्थी तथा ठग टाईप के लोगों ने ‘‘हिन्दू मरे या मुसलमान, इन्हें हत्या से काम” वाली कहावत को भी बहुत पीछे छोड़ दिया है। ठगी की आदत से मजबूर दिल्ली के कुछ लोगों ने तरूण के परिवार की मदद के नाम पर करोड़ों रूपए कमा लिए हैं।
दिल्ली के तरूण के नाम पर कमाई का बड़ा धंधा
आपको बता दें कि होली के त्यौहार पर दिल्ली में तरूण नामक युवक की हत्या कर दी गई थी। तरूण हत्याकांड के घटनाक्रम की बात करें तो होली के मौके पर पश्चिमी दिल्ली के उत्तम नगर इलाके में दो अलग-अलग समुदायों के परिवारों के बीच झगड़ा हो गया था। बताया जाता है कि विवाद की शुरुआत एक मामूली घटना से हुई थी, लेकिन देखते ही देखते मामला हिंसक झड़प में बदल गया। इस झगड़े में 26 वर्षीय तरुण नामक युवक की हत्या कर दी गई थी। जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया। पुलिस जांच के अनुसार घटना के दौरान एक महिला सायरा पर गुब्बारा फेंका गया था। आरोप है कि इसके बाद उसने अपने परिवार के लोगों को बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि हिंसा में तरुण की हत्या कर दी गई। इस हत्याकांड के बाद से कुछ लोगों ने तरूण हत्याकांड को अवैध कमाई करने का धंधा बना लिया है।
तरूण के परिवार की आड़ में गंदा धंधा
इस मामले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की जांच में एक बड़ा खुलासा हुआ है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता ने बताया कि दिल्ली के उत्तम नगर के चर्चित तरुण मर्डर केस पुलिस की जांच में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कुछ लोग इस संवेदनशील घटना का सहारा लेकर तरुण के परिवार के नाम पर आम लोगों से पैसे इकठ्ठा कर रहे थे। पुलिस के अनुसार ऐसे ही एक बैंक खाते में महज दो दिनों के भीतर करीब 37 लाख रुपये जमा हो गए थे। मामले की जानकारी मिलते ही द्वारका जिला पुलिस हरकत में आ गई और तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंक खाते को फ्रीज करा दिया। साथ ही इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी संवेदनशील घटना के बाद सोशल मीडिया पर झूठी या भ्रामक जानकारी फैलाना न सिर्फ गैरकानूनी है, बल्कि इससे समाज में तनाव भी बढ़ सकता है। इसलिए इस तरह की गतिविधियों पर सख्ती से कार्रवाई की जा रही है। उत्तम नगर की घटना के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई तरह की पोस्ट और वीडियो वायरल होने लगे थे। इनमें से कई पोस्ट में अपुष्ट और भडक़ाऊ दावे किए जा रहे थे। द्वारका जिला पुलिस ने इन पोस्टों को गंभीरता से लिया और तुरंत उनकी जांच शुरू की। जांच में सामने आया कि कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स जानबूझकर भ्रामक सामग्री फैला रहे थे। पुलिस का कहना है कि ऐसी पोस्ट से न सिर्फ लोगों को गुमराह किया जा रहा था, बल्कि इससे इलाके में माहौल भी बिगड़ सकता था।
तरूण के नाम QR कोड से उगाही
जांच के दौरान पुलिस के सामने एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया। 10 मार्च 2026 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें एक क्यूआर कोड दिखाते हुए लोगों से आर्थिक मदद की अपील की जा रही थी। वीडियो में दावा किया गया था कि यह पैसा तरुण के परिवार की मदद के लिए जमा किया जा रहा है। लेकिन जब पुलिस ने इस मामले की जांच की तो पता चला कि यह फंड जुटाने की कोशिश संदिग्ध थी। जांच में सामने आया कि महज दो दिनों के भीतर उस बैंक खाते में करीब 37 लाख रुपये जमा हो चुके थे। जैसे ही पुलिस को इस संदिग्ध लेनदेन की जानकारी मिली, तुरंत संबंधित बैंक शाखा के प्रबंधक से संपर्क किया गया। पुलिस ने बैंक को निर्देश दिया कि उस खाते में होने वाले सभी क्रेडिट और डेबिट लेनदेन को तुरंत रोक दिया जाए. इसके साथ ही खाते में जमा पूरी राशि को फ्रीज कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया ताकि आम लोगों द्वारा भेजा गया पैसा सुरक्षित रह सके और किसी भी तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सके। दिल्ली की द्वारका जिला पुलिस ने साफ कहा है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर अफवाह फैलाने या लोगों को गुमराह करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। कानून के तहत ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस ने दोहराया है कि सार्वजनिक शांति भंग करने या लोगों को भडक़ाने वाली किसी भी ऑनलाइन गतिविधि को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। Delhi News












