दिल्ली के 66 मोहल्लों में मंडरा रहा बड़ा संकट, आपका इलाका तो शामिल नहीं

दिल्ली में पानी की किल्लत ने 66 मोहल्लों को प्रभावित किया है। यमुना में अमोनिया का स्तर बढ़कर 6 पीपीएम हो गया है। मुनक नहर की रिपेयरिंग के कारण दिल्ली को पानी की आपूर्ति आधी मिल रही है। हैदरपुर, द्वारका, नांगलोई, बवाना और ओखला वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों का उत्पादन प्रभावित हुआ है।

water crisis in delhi
Delhi Water Crisis
locationभारत
userअसमीना
calendar23 Jan 2026 01:04 PM
bookmark

दिल्लीवासियों को अगले कुछ दिनों तक पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। यमुना नदी में अमोनिया का स्तर बढ़कर 6 पीपीएम हो गया है, जिससे वजीराबाद और चंद्रावल वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों का पानी उत्पादन पहले से ही कम हो गया है। साथ ही, हरियाणा के मुनक नहर से दिल्ली को मिलने वाला पानी आधा रह गया है क्योंकि नहर की रिपेयरिंग चल रही है। इसके कारण नॉर्थ, नॉर्थ-वेस्ट, साउथ और साउथ-वेस्ट दिल्ली में पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है।

मुनक नहर से पानी की स्थिति

दिल्ली जल बोर्ड के अनुसार, दिल्ली को जितने पानी की जरूरत है उसका लगभग 80% हरियाणा से मुनक नहर के जरिए आता है। मुनक नहर दो ब्रांच में बंटती है पहला करियर लाइन चैनल (CLC) से 440 एमजीडी और दूसरा दिल्ली सब-ब्रांच (DSB) से 227 एमजीडी। कुल मिलाकर दिल्ली को 667 एमजीडी पानी मिलता है लेकिन रिपेयरिंग के कारण अब सिर्फ आधा पानी ही मिल रहा है।

पांच मुख्य वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए

इस स्थिति से पांच मुख्य वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रभावित हुए हैं। हैदरपुर प्लांट-1 से शालीमार बाग, पीतमपुरा, लॉरेंस रोड, मंगोलपुरी और रोहिणी सेक्टर-29 जैसे इलाके प्रभावित होंगे। हैदरपुर प्लांट-2 के कारण रोहिणी सेक्टर-7, 11, 17, 18 और 19, मायापुरी, जनकपुरी, दिल्ली कैंट और वसंत विहार में पानी की कमी रहेगी। द्वारका प्लांट से द्वारका के सभी सेक्टर, मधुविहार और एयरपोर्ट क्षेत्र प्रभावित होंगे। बवाना प्लांट से सुल्तानपुर डबास, कुतुबगढ़ और बवाना एरिया में कमी होगी। वजीराबाद प्लांट की कमी मजनूं का टीला, आईटीओ, राजघाट, सुभाष पार्क और पंजाबी बाग जैसे इलाकों में नजर आएगी।

अधिक पानी छोड़ने की अपील

अमोनिया के बढ़ते स्तर के कारण दिल्ली सरकार ने हरियाणा को पत्र लिखा है और हथिनी कुंड बैराज से यमुना में अधिक पानी छोड़ने की अपील की है। इसके साथ ही ईस्टर्न और वेस्टर्न कैनाल का पानी यमुना में डायवर्ट करने की भी मांग की गई है। इससे यमुना में पानी की मात्रा बढ़कर अमोनिया का स्तर कम हो सकेगा और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों का उत्पादन धीरे-धीरे सामान्य होगा।

दिल्लीवालों के लिए जरूरी सूचना

दिल्लीवासियों के लिए जरूरी है कि वे पानी की बचत करें। बड़े पैमाने पर पानी भरने के बजाय केवल जरूरी कामों में ही इस्तेमाल करें। बोतल और स्टोर का इंतजाम पहले से कर लें और सरकारी सूचना और अपडेट्स पर नजर रखें। इस समय दिल्लीवासियों को संयम और सतर्कता की आवश्यकता है। मुनक नहर की रिपेयरिंग और यमुना में अमोनिया के बढ़ते स्तर के कारण यह संकट पैदा हुआ है। प्रशासन हर संभव उपाय कर रहा है लेकिन नागरिकों का सहयोग ही इस चुनौती का समाधान कर सकता है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

बजट सत्र 2026:बजट सत्र की तैयारियों के बीच केंद्र का बड़ा कदम

राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दोनों सदनों में चर्चा होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों सदनों में अपनी राय रखेंगे।

Budget Session 2026
बजट सत्र 2026 में योजनाओं पर हो सकती है चर्चा (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar22 Jan 2026 07:54 PM
bookmark

केंद्र सरकार ने आगामी बजट सत्र से पहले सभी राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई है। यह बैठक 27 जनवरी सुबह 11 बजे संसद भवन में आयोजित की जाएगी, जिसमें विधायी कार्यों, बजट से जुड़ी योजनाओं और संसद में होने वाले अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। उल्लेखनीय है कि संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हो रहा है। पहले दिन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में अपना अभिभाषण देंगे, जिसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण भी प्रस्तुत किया जाएगा।

बजट का ऐलान 1 फरवरी को

बता दें कि बजट सत्र का पहला भाग 28 जनवरी से शुरू होकर 13 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर दोनों सदनों में चर्चा होगी, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों सदनों में अपनी राय रखेंगे। सत्र का दूसरा हिस्सा 9 मार्च से शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न विधेयकों पर चर्चा और मतदान होगा।

बिजली कंपनियों को मिलेगी राहत?  

इधर, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के घाटे को कम करने के लिए नई योजना का संकेत दिया है। उन्होंने बताया कि विद्युत संशोधन विधेयक के माध्यम से लागत-अनुरूप शुल्क की अवधारणा को शामिल किया गया है, जिसे बजट सत्र के दौरान संसद में पेश किया जाएगा। उन्होंने यह बात अखिल भारतीय बिजली वितरण कंपनियों के संघ (एआईडीए) के वार्षिक सम्मेलन ईडीआईसीओएन 2026 को संबोधित करते हुए कही।

बजट सत्र में पारित कराने का लक्ष्य

मनोहर लाल ने कहा कि बिजली सप्लाई की श्रृंखला में ट्रांसमिशन, प्रोडक्शन और डिस्ट्रीब्यूशन को मिलाकर बिजली वितरण कंपनियां अहम भूमिका निभाती हैं। ये कंपनियां ही उपभोक्ताओं को बी2सी (व्यवसाय-से-उपभोक्ता) सेवाएं प्रदान करती हैं। उन्होंने बताया कि इन कंपनियों को होने वाले घाटे को कम करने के लिए नई प्रावधान लाए जा रहे हैं, जिसमें सभी लागतों को बिजली शुल्क में शामिल किया जाएगा। इस विधेयक को इस बजट सत्र में पारित कराने का लक्ष्य है।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

जामिया मिलिया में फैकल्टी पर एसटी कर्मचारी का गंभीर आरोप

मीणा ने पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत में बताया कि 13 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन उनके डेस्क पर आए और उन्हें अपमानजनक शब्दों से अभद्र भाषा का शिकार बनाया। 16 जनवरी को कथित तौर पर प्रोफेसर ने फिर मीणा के कार्यालय में आकर उन पर हमला किया और जातिसूचक गालियाँ दीं।

Working Scheduled Tribes
जामिया प्रशासन पर भी सवाल (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar20 Jan 2026 06:55 PM
bookmark

जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। विश्वविद्यालय के पॉलिटेक्निक विभाग में कार्यरत अनुसूचित जनजाति (ST) कर्मचारी राम फूल मीणा ने आरोप लगाया है कि सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रियाजुद्दीन ने उनके साथ कार्यालय में हिंसक व्यवहार किया और उन पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव डाला है।

हिंसक व्यवहार और गालियाँ

बता दें कि मीणा ने पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत में बताया कि 13 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन उनके डेस्क पर आए और उन्हें अपमानजनक शब्दों से अभद्र भाषा का शिकार बनाया। 16 जनवरी को कथित तौर पर प्रोफेसर ने फिर मीणा के कार्यालय में आकर उन पर हमला किया और जातिसूचक गालियाँ दीं। शिकायत में कहा गया है कि प्रोफेसर ने कहा, "तुम्हारी औकात कैसे हुई कि तुम मेरे खिलाफ शिकायत करो? तुम आदिवासी जंगली हो, मुसलमानों के इदारे में रहकर मेरे खिलाफ शिकायत करने की जुर्रत कैसे की?"

धर्म परिवर्तन का दबाव

राम फूल मीणा ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय से इस्लाम अपनाने के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से दबाव डाला गया। उनका कहना है कि उन्हें परिसर में कई बार काफिर कहकर अपमानित किया गया और केवल उनकी हिंदू व आदिवासी पहचान के कारण निशाना बनाया गया।

तबादले का आरोप

बता दें कि मीणा ने बताया कि उन्होंने रजिस्ट्रार ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन प्रशासन ने उसी दिन यानी 16 जनवरी 2026 को उन्हें दंडात्मक तबादले का आदेश जारी कर दिया। मीणा का कहना है कि यह कार्रवाई सच को दबाने की कोशिश है।

छात्र पर हिंसा का वीडियो वायरल

सिविल इंजीनियरिंग विभाग के आरोपी प्रोफेसर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, जिसमें वह क्लासरूम में एक छात्र को लात मारते दिखाई दे रहे हैं। यह वीडियो विश्वविद्यालय में उनके व्यवहार पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

पुलिस जांच जारी

दिल्ली पुलिस ने राम फूल मीणा की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली है और मामले की छानबीन जारी है। फिलहाल आरोपी प्रोफेसर की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संबंधित खबरें