
Sweet Potato : भारत में कन्द (तना), मूल (जड़) तथा फल की चर्चा खूब होती है। हमारे तमाम ऋषि मुनि कन्द, मूल तथा फल खाकर ही सैकड़ों वर्षों तक स्वस्थ्य जीवन जीते थे। आज हम आपको ऐसी ही एक चमत्कारिक जड (मूल) के विषय में बता रहे हैं। सर्दी के मौसम में मिलने वाली यह जड़ एक रामबाण दवाई है।
आप भारत के किसी भी कोने में रहते हों अथवा रहे हों आपने शकरकंद का नाम जरूर सुना होगा। कुछ क्षेत्रों में शकरकंद को शकरकंदी भी कहते हैं। शकरकंद एक जड़ वाली सब्जी है। इस सब्जी को सीधे उबालकर तथा भूनकर खाया जाता है। भारत के अलग-अलग हिस्सों में नारंगी, सफेद, बैंगनी तथा दूसरे अनेक रंग की शकरकंद मिलती है। आयुर्वेद के जानकारों का दावा है कि सर्दी के मौसम में नियमित रूप से शकरकंद खाने वाला व्यक्ति कभी बीमार नहीं होता है। शकरकंद में सैकड़ों लाभदायक तत्व पाए जाते हैं।
डाक्टरों का कहना है कि मानव शरीर के हर अंग के लिए शकरकंद बेहद फायदेमंद सब्जी (जड) है। शकरकंद में विटामिन-ए, विटामिन-सी तथा विटामिन बी-6 पर्याप्त मात्रा में मिलता है। इसी प्रकार शकरकंद में पोटेशियम तथा मैगनीज मिनरल पाए जाते हैं। शकरकंद में बीटा कैरोटीन नामक खास किस्म का एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। शकरकंद खाने से ब्रेन (मस्तिष्क) मजबूत होता है।
आंखों की रोशनी बढ़ती है। पाचन तंत्र मजबूत होता है। साथ ही शकरकंद खाने से मानव शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। यानि इम्यून सिस्टम मजबूत होता है। यह जड़ ब्लड प्रेशर को ठीक रखने में भी मदद करती है। इतना ही नहीं सबसे बड़ा फायदा शकरकंद वेट मेंटेन करने में मिलता है। इसके इस्तेमाल से आपके शरीर का वनज नहीं बढ़ता है। कुल मिलाकर शकरकंद खाने के ढेर सारे फायदे हैं। यदि आपने अभी तक शकरकंद को नहीं खाया है तो खाना शुरू कर दें और फिर देखें इस छोटी सी जड़ यानि शकरकंद का कमाल ही कमाल।