Nepal News : दोनों पांव नहीं, फिर भी चढ़े हिमालय की सबसे ऊंची चोटी
No both legs, still climbed the highest peak of the Himalayas
भारत
चेतना मंच
21 May 2023 03:45 PM
Nepal News : काठमांडू। कहते हैं, पंखों से नहीं हौसलों से उड़ान होती है। ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है दोनों पैरों से अशक्त एक पूर्व नेपाली सैनिक ने। उन्होंने कृत्रिम पैरों से दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह कर एक नया और नायाब इतिहास रच दिया।
यह इतिहास रचने वाले दुनिया के पहले व्यक्ति
अफगानिस्तान में 2010 में जंग लड़ते हुए दोनों पैरों से अशक्त हो गये एक पूर्व ब्रिटिश गोरखा सैनिक ने माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया। वह कृत्रिम पैरों से दुनिया की सबसे ऊंची पर्वत चोटी पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पूर्व सैनिक पर्वतारोही हरि बुधमागर (43) ने शुक्रवार दोपहर 8848.86 मीटर ऊंची पर्वत चोटी फतह की।
साल 2010 में जंग में हो गए थे दोनों पैरों से अशक्त
पर्यटन विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि दोनों पैरों से अशक्त पूर्व सैनिक हरि बुधमागर ने शुक्रवार को माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया। वह इस श्रेणी में विश्व की सबसे ऊंची पर्वत चोटी फतह करने वाले पहले व्यक्ति हैं। बुधमागर ने 2010 में अफगानिस्तान युद्ध में ब्रिटिश गोरखा के एक सैनिक के रूप में ब्रिटेन सरकार के लिए लड़ते हुए अपने दोनों पैर गंवा दिए थे। इसके बावजूद उनके हौसले में कोई कमी नहीं आई।
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