एपस्टीन फाइल्स में नया खुलासा, अब नोबेल वैज्ञानिक की तस्वीर सामने आई

इन दस्तावेजों में एक पुरानी तस्वीर सामने आई है जिसमें प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक जेम्स वॉटसन दिखाई दे रहे हैं। वह वही वैज्ञानिक हैं जिन्होंने डीएनए की संरचना (डबल हेलिक्स) की खोज की थी, जो जैविक विज्ञान और चिकित्सा अनुसंधान में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हुई।

apstean
वैज्ञानिक जेम्स वॉटसन
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar18 Feb 2026 05:01 PM
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Epstein Files : हाल ही में अमेरिकी न्याय विभाग ने डेविड नेटवर्क से जुड़े लाखों दस्तावेज, ईमेल और तस्वीरें सार्वजनिक किए हैं, जिन्हें मीडिया एपस्टीन फाइल्स कह रहा है। इन दस्तावेजों में एक पुरानी तस्वीर सामने आई है जिसमें प्रतिष्ठित नोबेल पुरस्कार विजेता वैज्ञानिक जेम्स वॉटसन दिखाई दे रहे हैं। वह वही वैज्ञानिक हैं जिन्होंने डीएनए की संरचना (डबल हेलिक्स) की खोज की थी, जो जैविक विज्ञान और चिकित्सा अनुसंधान में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर साबित हुई। 

तस्वीर का विवरण

इस तस्वीर में वॉटसन को जेफ्री एपस्टीन के न्यूयॉर्क स्थित घर में तीन महिलाओं के साथ खड़ा दिखाया गया है। तस्वीर का मूल संदर्भ, तारीख और उसमें शामिल व्यक्तियों की पहचान स्पष्ट रूप से सार्वजनिक फाइलों से पुष्टि नहीं हुई है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह फोटो एपस्टीन से जुड़े एक संग्रह का हिस्सा है, जिसमें कई प्रकार की तस्वीरें और दस्तावेज हैं। 

वॉटसन कौन हैं?

जेम्स डब्ल्यू. वॉटसन को 1962 में डीएनए की डबल हेलिक्स आकृति की खोज के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

उनकी यह खोज विज्ञान और आनुवंशिकी की दुनिया में अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है और उसने आधुनिक चिकित्सा अनुसंधान के रास्ते बदल दिए हैं। 

क्या इससे कोई आपराधिक आरोप साबित होता है?

अब तक उपलब्ध जानकारी से ऐसा कोई सबूत नहीं मिला है जो दशार्ता हो कि वॉटसन ने किसी आपराधिक कृत्य में शामिल था।

तस्वीर खींची गई थी, इसका केवल एक दृश्य दस्तावेज के रूप में उपयोग हुआ है लेकिन किसी आरोपी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्यवाही के लिए यह पर्याप्त नहीं है। मीडिया और समाज में चर्चा इसी तस्वीर के आधार पर हो रही है, न कि किसी जांच प्रक्रिया में। 

पूरा मामला क्या है?

एपस्टीन फाइल्स का उदय ऐसे विशाल दस्तावेजों और मीडिया फोटोज के सार्वजनिक होने के कारण हुआ है, जिनमें प्रतिष्ठित लोगों के नाम, चित्र और ईमेल शामिल हैं। इन फाइलों से जुड़ी जानकारी को कई देशों और मीडिया संस्थानों द्वारा खोजा और प्रकाशित किया जा रहा है, जिससे वैश्विक राजनीति और समाज में बहस बढ़ रही है।


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पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में सैनिक चेक पोस्ट पर विस्फोट, 11 जवानों की मौत

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blast
चेक पोस्ट के पास विस्फोट
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Feb 2026 05:19 PM
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Pakistani Blast : पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आतंकवादियों ने बारूद से भरी गाड़ी के माध्यम से चेक पोस्ट को निशाना बनाया। इस हमले में कम से कम 11 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। यह घटना उस क्षेत्र में लगातार बढ़ते आतंकवादी खतरों को उजागर करती है। आतंकियों ने विस्फोटक वाहन को चेक पोस्ट के पास विस्फोट करवा दिया। विस्फोट में क्षेत्र में अफरातफरी मच गई और तुरंत बचाव एवं राहत कार्य शुरू कर दिए गए। 

सुरक्षा बलों की प्रतिक्रिया

स्थानीय पुलिस और सुरक्षा बलों ने मौके पर तुरंत पहुंचकर राहत कार्य शुरू किया और घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया। साथ ही इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बढ़ा दी गई है। इस हमले ने खैबर पख्तूनख्वा में सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं। इस क्षेत्र में आतंकवादियों द्वारा रह रहकर सैनिकों के ऊपर हमला करके उन्हें लगातार नुकसान पहुंचा रहे हैं।

सुनियोजित तरीके से हमले को दिया अंजाम

अधिकारियों ने चेताया है कि आगे भी इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी और आतंकवादी गिरोहों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि हमले को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। बड़े ही सुनियोजित तरीके से आतंकियों ने बारूद से भरी गाड़ी से चेक पोस्ट को निशानाा बनाया।


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जर्मनी में आसिम मुनीर की बेइज्जती, सिक्योरिटी गार्ड ने रोका

वीडियो में सुरक्षा अधिकारी उनसे बैज को सीधा करने के लिए कहते हैं ताकि उस पर लिखा नाम और विवरण स्पष्ट रूप से देखा जा सके। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही है।

aasim munir
आसिम मुनीर की सुरक्षा जांच
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar15 Feb 2026 02:24 PM
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Munich Security Conference : पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर का एक वीडियो जर्मनी से सामने आया है, जिसमें म्यूनिख सिक्योरिटी कांफ्रेंस के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा जांच के दौरान अपना पहचान-पत्र दिखाते दिखाई देते हैं। वीडियो में सुरक्षा अधिकारी उनसे बैज को सीधा करने के लिए कहते हैं ताकि उस पर लिखा नाम और विवरण स्पष्ट रूप से देखा जा सके। यह क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से साझा की जा रही है।

क्या यह असाधारण घटना थी?

अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा होती है। ऐसे आयोजनों में हर प्रतिनिधि की एंट्री से पहले पहचान की पुष्टि की जाती है। सुरक्षा कर्मी बैज या आईडी को स्पष्ट दिखाने के लिए कह सकते हैं। पद या रैंक की परवाह किए बिना सभी प्रतिभागियों पर एक जैसी प्रक्रिया लागू होती है। इसलिए उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह घटना नियमित सुरक्षा जांच जैसी ही प्रतीत होती है, हालांकि सोशल मीडिया पर इसे अलग-अलग नजरिए से पेश किया जा रहा है।

सम्मेलन के बाहर विरोध

जर्मनी में सक्रिय सिंधी संगठन जिये सिंध मुत्तहिदा महाज (जेएसएमएम) ने सम्मेलन स्थल के बाहर प्रदर्शन किया। संगठन के प्रतिनिधियों ने पाकिस्तान में मानवाधिकार मुद्दों को उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की। म्यूनिख सिक्योरिटी कांफ्रेंस विश्व स्तर का वार्षिक मंच है, जहाँ विभिन्न देशों के नेता, सैन्य अधिकारी और रणनीतिक विशेषज्ञ वैश्विक सुरक्षा, कूटनीति और शांति से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श करते हैं। इस स्तर के आयोजन में सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होना सामान्य बात है।


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