
दरअसल हिजरा फेस्टिवल अन्य त्योहारों की तरह किसी जश्न या सेलिब्रेशन वाला त्यौहार नहीं है। यह त्यौहार एक तरह से एक विशेष समुदाय की पीड़ा को दर्शाने के लिए मनाया जाने वाला त्यौहार। पाकिस्तान में हिजड़ा फेस्टिवल (Hijra Festival) ट्रांसजेंडर समुदाय की मुश्किलों के बारे में लोगों को बताने के उद्देश्य से मनाया गया। इस खास त्यौहार में पाकिस्तान के ट्रांसजेंडरों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आम ट्रांसजेंडर के साथ-साथ ट्रांसजेंडर गुरु भी इस फेस्टिवल में शरीक हुए। इस समय पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान देश के अल्पसंख्यक, महिला के साथ-साथ ट्रांसजेंडर समुदाय के हक की लिए लड़ रहा है। इसी लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए यहां पर हिजरा फेस्टिवल मनाया गया जिसमें कराची शहर में देश के पहले ट्रांस मॉडल, ट्रांस डॉक्टर और ट्रांस वकील द्वारा एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हिजरा फेस्टिवल के दौरान बड़ी संख्या में ट्रांसजेंडर अपने हक की लड़ाई के लिए हाथों में पोस्टर लिए सड़कों पर उतरे और 'ट्रांसजेंडर को न्याय दो ' और 'तेरा बाप भी देगा आजादी' जैसे नारे भी लगाए।View this post on Instagram