इफ्तार में एक दफा ट्राई करें शाही खजूर की खीर, हर कोई हो जाएगा दीवाना

खजूर की खीर एक स्वादिष्ट और पौष्टिक मिठाई है। यह खास तौर पर रमजान और इफ्तार के लिए बनती है। इसमें खजूर की प्राकृतिक मिठास और दूध का स्वाद मिलता है। खीर बनाने की विधि आसान और समय कम लगने वाली है। आप इसे गरम या ठंडा दोनों तरह परोस सकते हैं।

Khajur Ki Kheer Recipe
खजूर की खीर रेसिपी
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Feb 2026 04:34 PM
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रमजान का महीना आते ही घरों में रौनक बढ़ जाती है। दिनभर के रोज़े के बाद जब इफ्तार का वक्त होता है तो हर घर में कुछ खास बनाने की चाह रहती है। इस पवित्र महीने में खजूर का खास महत्व होता है। पैगंबर साहब की सुन्नत के अनुसार रोज़ा खजूर से खोला जाता है इसलिए इफ्तार की थाली में इसका होना लगभग तय होता है। ऐसे में अगर उसी खजूर से एक स्वादिष्ट और सेहतमंद मिठाई बना ली जाए तो इफ्तार की मिठास दोगुनी हो जाती है। अगर आप भी इस बार कुछ अलग और खास बनाना चाहती हैं तो खजूर की खीर एक बेहतरीन विकल्प है। यह खीर स्वाद में शाही लगती है लेकिन बनाने में बिल्कुल आसान है। चलिए जानते हैं खजूर की खीर बनाने की रेसिपी।

खजूर की खीर की सामग्री

  • 1 लीटर फुल क्रीम दूध
  • 8–10 बीज निकाले हुए खजूर
  • 2 बड़े चम्मच भीगे हुए चावल
  • 1 बड़ा चम्मच घी
  • 8–10 काजू (कटे हुए)
  • 8–10 बादाम (कटे हुए)
  • 1 बड़ा चम्मच पिस्ता (कटे हुए)
  • ½ छोटा चम्मच इलायची पाउडर
  • 1 चुटकी केसर (वैकल्पिक)
  • चीनी (जरूरत हो तो, वरना खजूर की मिठास काफी होती है)

खजूर की खीर बनाने की विधि

  • खजूर की खीर बनाने के लिए सबसे पहले खजूर को अच्छी तरह धोकर उनके बीज निकाल लें। फिर इन्हें आधा कप गर्म दूध में लगभग 15–20 मिनट के लिए भिगो दें ताकि वे नरम हो जाएं।
  • जब खजूर अच्छे से फूल जाएं तो इन्हें मिक्सर में पीसकर पेस्ट तैयार कर लें। अब एक भारी तले के बर्तन में लगभग एक लीटर दूध गरम करें।
  • दूध में उबाल आने पर भीगे हुए चावल डाल दें। आंच धीमी रखें और दूध को तब तक पकने दें जब तक चावल पूरी तरह गल न जाएं और दूध गाढ़ा न हो जाए।
  • जब खीर अच्छी तरह पक जाए तो इसमें खजूर का पेस्ट डालें और लगातार चलाते रहें। धीरे-धीरे खीर का रंग हल्का भूरा होने लगेगा और खुशबू पूरे घर में फैल जाएगी।
  • अब एक छोटे पैन में थोड़ा घी गरम करके कटे हुए बादाम, काजू और पिस्ते हल्के सुनहरे होने तक भून लें। इन्हें खीर में डाल दें। साथ ही इलायची पाउडर और अगर चाहें तो थोड़ा सा केसर वाला दूध भी मिला दें। पांच मिनट धीमी आंच पर पकाकर गैस बंद कर दें।

इफ्तार में जरूर ट्राई करें खजूर की खीर

इसे आप गरमागरम भी परोस सकती हैं लेकिन ठंडा करने के बाद इसका स्वाद और भी निखर जाता है। मिट्टी के छोटे बर्तनों में भरकर फ्रिज में ठंडा करें और ऊपर से थोड़ा पिस्ता या चांदी का वर्क सजा दें। इस रमजान, अपनी इफ्तार की मेज पर खजूर की यह शाही खीर जरूर शामिल करें। यकीन मानिए एक बार जो इसका स्वाद चखेगा वह बार-बार इसे बनाने की फरमाइश करेगा। स्वाद, सेहत और सादगी का ऐसा मेल बहुत कम मिठाइयों में देखने को मिलता है।

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बार-बार बन रहा है ओवरी सिस्ट? तुरंत हो जाएं अलर्ट

Ovarian Cyst: ओवेरियन सिस्ट आजकल महिलाओं में एक आम समस्या बनती जा रही है, लेकिन सही जानकारी और समय पर ध्यान देने से इसे मैनेज किया जा सकता है। इस आर्टिकल में जानिए ओवरी में सिस्ट क्यों होता है, इसके शुरुआती लक्षण क्या हैं, किन योगासन और लाइफस्टाइल बदलाव से राहत मिल सकती है।

ovarian cyst
ओवेरियन सिस्ट क्या है
locationभारत
userअसमीना
calendar21 Feb 2026 04:03 PM
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आजकल ओवेरियन सिस्ट की समस्या काफी आम हो गई है। कई महिलाएं अचानक पेट के निचले हिस्से में दर्द, पीरियड्स में गड़बड़ी या भारीपन महसूस करती हैं और जांच में सिस्ट का पता चलता है। ऐसे में घबराना स्वाभाविक है लेकिन हर सिस्ट खतरनाक नहीं होता। ज्यादातर सिस्ट फंक्शनल होते हैं जो पीरियड्स साइकिल का हिस्सा होते हैं और समय के साथ अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। हालांकि, अगर सिस्ट बार-बार बन रहे हैं या ज्यादा दर्द दे रहे हैं तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मेडिकल ट्रीटमेंट के साथ-साथ कुछ योगासन और लाइफस्टाइल बदलाव इस समस्या को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। आइए समझते हैं कि आप क्या-क्या कर सकती हैं।

कोमल हिप-ओपनिंग योगासन करें

कुछ ऐसे योगासन हैं जो पेल्विक एरिया में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाते हैं और तनाव कम करते हैं। इससे ओवरी और आसपास की मांसपेशियों को राहत मिल सकती है। सुप्त बद्ध कोणासन पेल्विक हिस्से में रक्त प्रवाह बढ़ाता है और शरीर को रिलैक्स करता है। इसे करने के लिए पीठ के बल लेटकर पैरों के तलवों को आपस में मिलाएं और घुटनों को बाहर की ओर ढीला छोड़ दें। मलासन एक डीप स्क्वैट पोज है जो हिप्स और पेल्विक फ्लोर को खोलने में मदद करता है। सेतु बंधासन पेल्विक अंगों को मजबूती देता है और ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है। इन आसनों को धीरे-धीरे और आराम से करें। अगर दर्द महसूस हो तो तुरंत रुक जाएं।

हेल्दी और हार्मोन-फ्रेंडली डाइट लें

डाइट का सीधा असर हार्मोन पर पड़ता है। बहुत ज्यादा ठंडा या कच्चा खाना कम करें खासकर अगर शरीर पहले से सेंसिटिव है। गर्म, ताजा और संतुलित भोजन लेना बेहतर होता है। घी, नट्स और एवोकाडो जैसे हेल्दी फैट्स शामिल करें। पत्तागोभी, फूलगोभी और ब्रोकोली जैसी सब्जियां शरीर से अतिरिक्त एस्ट्रोजन को बाहर निकालने में मदद करती हैं जिससे हार्मोन संतुलन बेहतर हो सकता है।

प्राणायाम से करें हार्मोन बैलेंस

तनाव ओवेरियन सिस्ट की समस्या को बढ़ा सकता है। ऐसे में कुछ खास प्राणायाम फायदेमंद हो सकते हैं। नाड़ी शोधन प्राणायाम मन को शांत करता है और हार्मोनल संतुलन में मदद करता है। भ्रामरी प्राणायाम तनाव कम करता है और नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करता है।

रोजाना कुछ मिनट प्राणायाम करने से मन और शरीर दोनों को राहत मिलती है।

तनाव कम करना है जरूरी

लगातार तनाव हार्मोनल असंतुलन को और बिगाड़ सकता है। इसलिए मेडिटेशन को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। रोज कुछ मिनट शांति से बैठकर गहरी सांस लें। अपनी पसंद की एक्टिविटी के लिए समय निकालें। चाहे वह किताब पढ़ना हो, म्यूजिक सुनना हो या हल्की वॉक करना हो। पर्याप्त नींद लेना भी बेहद जरूरी है।

कैस्टर ऑयल पैक का इस्तेमाल

कुछ लोग पेट के निचले हिस्से पर कैस्टर ऑयल पैक का उपयोग करते हैं जिससे सूजन और दर्द में राहत मिल सकती है। यह लिम्फेटिक सिस्टम को एक्टिव करने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल हमेशा किसी एक्सपर्ट की सलाह से ही करें। गलत तरीके से उपयोग करने पर फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है। इन सभी उपायों को अपनाने से ओवेरियन सिस्ट को मैनेज करने में मदद मिल सकती है लेकिन अगर तेज दर्द, लगातार ब्लीडिंग या सिस्ट का आकार बढ़ रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। सही समय पर इलाज और संतुलित लाइफस्टाइल से इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।

 

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Extrovert Personality के 6 बड़े सीक्रेट, जानकर घूम जाएगा दिमाग

Extrovert Personality: एक्सट्रोवर्ट पर्सनालिटी सिर्फ ज्यादा बोलने तक सीमित नहीं होती। यह पर्सनालिटी लोगों के साथ जुड़कर पॉजिटिव एनर्जी महसूस करने, टीमवर्क में बेहतर प्रदर्शन करने और माहौल को एक्टिव बनाने की होती है। इस आर्टिकल में हम आपको एक्सट्रोवर्ट पर्सनालिटी के 6 प्रमुख साइन बताएंगे।

Extrovert Personality
Extrovert Personality Signs
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userअसमीना
calendar21 Feb 2026 02:00 PM
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अक्सर लोग सोचते हैं कि एक्सट्रोवर्ट पर्सनालिटी का मतलब बस बहुत ज्यादा बोलना और हर वक्त लोगों के बीच रहना है लेकिन सच यह है कि एक्सट्रोवर्ट होना सिर्फ बातूनी होने तक सीमित नहीं है। यह एक ऐसी पर्सनालिटी होती है जिसमें व्यक्ति लोगों के साथ जुड़कर खुद को ज्यादा एनर्जेटिक, मोटिवेटेड और पॉजिटिव महसूस करता है। कई बार एक्सट्रोवर्ट लोग ज्यादा शोर-शराबा नहीं करते फिर भी बातचीत, टीमवर्क और सामाजिक माहौल से उनकी एनर्जी बढ़ती है।

लोगों के बीच एनर्जी का एहसास

एक्सट्रोवर्ट पर्सनालिटी वाले लोग अकेले रहने की बजाय दूसरों के साथ समय बिताकर खुश और एनर्जेटिक महसूस करते हैं। दोस्तों, परिवार या ऑफिस के लोगों के साथ बातचीत करना उन्हें मेंटली रिफ्रेश करता है। ऐसे लोग अकेले रहकर जल्दी बोर या घबराए हुए महसूस कर सकते हैं।

अपनी बात खुलकर रखना

वे अपने ओपिनियन और फीलिंग्स को छुपाकर नहीं रखते। जो कुछ महसूस करते हैं या सोचते हैं, उसे बता देते हैं। उनका खुलापन उनके रिश्तों को मजबूत बनाता है और आसपास के लोगों के साथ कनेक्शन बढ़ाता है।

नए लोगों से बेझिझक मिलना

एक्सट्रोवर्ट लोग नए लोगों से बातचीत में सहज होते हैं और जल्दी कंफर्टेबल हो जाते हैं। नई जगह या नया माहौल उनके लिए डर या नर्वेसनेस पैदा नहीं करता। वे बातचीत का रास्ता खुद बनाकर आसानी से एडजस्ट कर लेते हैं।

टीमवर्क पसंद करना

टीमवर्क उनकी ताकत होता है। वे ग्रुप में आइडिया शेयर करना, डिस्कशन करना और मिलकर काम करना पसंद करते हैं। इससे उनका परफॉर्मेंस बेहतर होता है और पर्सनल या प्रोफेशनल लाइफ दोनों में सभी को साथ लेकर चलना पसंद करते हैं।

बातों करके प्रॉब्लम से बाहर निकालना

जब कोई परेशानी आती है तो एक्सट्रोवर्ट लोग उसे अकेले झेलने की बजाय दूसरों से बात करना ज्यादा सही समझते हैं। बातचीत उनके लिए स्ट्रेस कम करने और सॉल्यूशन ढूंढने का जरिया होती है। ऐसे लोग कम ही डिप्रेशन में जाते हैं।

माहौल को पॉजिटिव बनाना

जहां भी वे होते हैं वहां एक्टिवनेस और पॉजिटिव एनर्जी ले आते हैं। उनकी मौजूदगी से माहौल फ्रेंडली, खुला और लाइवली फील होने लगता है। कुल मिलाकर, एक्सट्रोवर्ट पर्सनालिटी वाले लोग जहां भी जाते हैं वहां Main Character एनर्जी बन ही जाते हैं।

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