Hindi kavita – मन की बात
जो किसी ने सोचा ना था, आज भारत वो मन की बात कहता है,
प्रधानसेवक अपने मन और भारत की बात कहता है।
हर भारतीय को भारत पर गर्व और, त्याग की बात कहता है,
भारत को आगे बढ़ाने की बात कहता है।
एक आम नागरिक को भारत के शहीदों के बलिदान की बात कहता है।
मैंने सोचा मैं भी कुछ मन की बात कहूं,
प्रधानसेवक का तहेदिल दिल से धन्यवाद करूं।
जटिलता से भरे कार्यों को आप कितनी सरलता से कर गए,
एक श्रेष्ठ भारत के हर नागरिक से जुड़ गए।
छोटे बड़े का भेद भाव सब खत्म कर दिया, मन की बात से सबको एक कर दिया।
आज मन की बात को शतक लगा, भारत ने दिल से नमन किया।
मेरा नमन भी आप स्वीकार करें,
इतना चाहूंगी की आप सदा भारत के हित में यूंही निरंन्तर काम करें।
वंदना गुप्ता
ट्रस्टी – सोच फाउंडेशन
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