नगर निकाय चुनाव से पहले वसई-पालघर इलाके में सियासी माहौल उस समय गरमा गया, जब वसई फाटा क्षेत्र में पैसे बांटने का आरोप सामने आया। बहुजन विकास आघाड़ी और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं ने देर रात कुछ लोगों को कथित तौर पर नकदी बांटते हुए रंगेहाथ पकड़ने का दावा किया है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और बड़ी मात्रा में नकदी जब्त की। पुलिस ने इस मामले में एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है। इस घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी और चर्चा का माहौल बना रहा।
बता दें कि पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वसई फाटा में पकड़े गए मामले की जांच जारी है। नकदी कहां से लाई गई और किस उद्देश्य से बांटी जा रही थी, इसकी जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है।
बता दें कि प्रचार समाप्त होने के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोरहे ने बताया कि कौसरबाग, कोंढवा और कटराज जैसे इलाकों में शिवसेना उम्मीदवारों के खिलाफ खड़े प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों द्वारा मतदाताओं को पैसे बांटे गए और डराने-धमकाने की कोशिश की गई।
बता दें कि यह भी आरोप लगाया कि कुछ वार्डों में शिवसेना के कार्यकर्ताओं को प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों और उनके समर्थकों द्वारा धमकाया गया। गोरहे ने कहा कि इस तरह की घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा हैं और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाती हैं।
शिवसेना नेता ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि इन सभी शिकायतों का संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो सकें।