छत्रपति संभाजीनगर में मतगणना के दौरान हंगामा, पुलिस का लाठीचार्ज
महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के चुनाव परिणामों की मतगणना के बीच छत्रपति संभाजीनगर में आज शुक्रवार को उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब काउंटिंग सेंटर पर प्रवेश को लेकर पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज को मुख्य मतगणना केंद्र बनाया गया है। सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के प्रतिनिधि और समर्थक केंद्र पर जमा हो गए और इसी दौरान बिना आधिकारिक पहचान पत्र के कुछ कार्यकर्ता अंदर प्रवेश करने की कोशिश करने लगे, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोका और उस पर पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें शिवसेना (शिंदे गुट) के कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
आईडी कार्ड को लेकर बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। आरोप है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।
शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज
स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व महापौर विकास जैन को भी चोट लगने की खबर है। इसके अलावा कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी मामूली चोटें आई हैं।
मंत्री संजय शिरसाट ने उठाए सवाल
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री संजय शिरसाट ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतगणना जैसे महत्वपूर्ण दिन पर कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करना गलत है। पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर। उन्होंने मामले की शिकायत विधान परिषद (MLC) में दर्ज कराने की बात कही है।
फिलहाल काउंटिंग सेंटर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शहर के गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज को मुख्य मतगणना केंद्र बनाया गया है। सुबह 10 बजे से मतगणना शुरू होने से पहले ही बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के प्रतिनिधि और समर्थक केंद्र पर जमा हो गए और इसी दौरान बिना आधिकारिक पहचान पत्र के कुछ कार्यकर्ता अंदर प्रवेश करने की कोशिश करने लगे, जिस पर पुलिस ने उन्हें रोका और उस पर पुलिस और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा, जिसमें शिवसेना (शिंदे गुट) के कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
आईडी कार्ड को लेकर बढ़ा विवाद
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चुनाव आयोग द्वारा जारी आधिकारिक पहचान पत्र को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते धक्का-मुक्की में बदल गई। आरोप है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद हालात बिगड़ गए।
शिंदे गुट के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज
स्थिति बेकाबू होने पर पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हल्का लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई में शिवसेना (शिंदे गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व महापौर विकास जैन को भी चोट लगने की खबर है। इसके अलावा कई अन्य कार्यकर्ताओं को भी मामूली चोटें आई हैं।
मंत्री संजय शिरसाट ने उठाए सवाल
घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के मंत्री संजय शिरसाट ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मतगणना जैसे महत्वपूर्ण दिन पर कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करना गलत है। पुलिस को अपराधियों पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर। उन्होंने मामले की शिकायत विधान परिषद (MLC) में दर्ज कराने की बात कही है।
फिलहाल काउंटिंग सेंटर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और स्थिति को नियंत्रण में बताया जा रहा है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है।












