Congress President Election : तो क्या गांधी परिवार के इस दांव से खत्म हो गया जी-23 का खेल!
So did the game of G-23 end with this bet of Gandhi family!
भारत
चेतना मंच
01 Oct 2022 04:42 PM
New Delhi : नई दिल्ली। तो क्या यह मान लिया जाए कि गांधी परिवार के इस दांव से जी-23 के नेताओं का खेल खत्म हो गया। वाइल्ड कार्ड उम्मीदवार मल्लिकार्जुन खड़गे के समर्थन में उन नेताओं का खड़े होना ही इस बात की ओर इशारा कर रहा है कि अब सब कुछ ठीक हो गया।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का काम पूरा हो चुका है। मैदान में कुल तीन उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं। मुकाबला वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे, शशि थरूर और झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी के बीच है। चुनाव में खड़गे को भले ही सबसे मजबूत उम्मीदवार माना जा रहा है, लेकिन शशि थरूर ने नामांकन वापसी से इंकार करके खड़गे समर्थकों की चिंता बढ़ा दी है।
Congress President Election :
शशि थरूर ने अपने प्रस्तावकों के नाम सार्वजनिक न करके भी खड़गे के सामने मजबूत चुनौती पेश कर दी है। अभी तक माना जा रहा था कि खड़गे को गांधी परिवार का आंतरिक समर्थन प्राप्त है और वह आसानी से इस रेस को जीत लेंगे, लेकिन नए विजन की बात करने वाले थरूर के पास भी समर्थकों की लंबी सूची है।
कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव में मल्लिकार्जुन खड़गे ने 14 पन्नों में प्रस्तावकों की सूची सौंपी है। वहीं, थरूर ने पांच पेज में प्रस्तावकों की सूची सौंपी है। हालांकि, उन्होंने प्रस्तावकों के नाम सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया है। रिपोर्ट्स की मानें तो थरूर के कुछ प्रस्तावकों का कहना है कि उन पर नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है। थरूर के प्रस्तावकों में सांसद कार्ति चिदंबरम, मोहम्मद जावेद, प्रद्युत बोरदोलोई जैसे नाम हैं।
Congress President Election :
अगर खड़गे के नामांकन पत्र की बात करें तो उनके पास प्रस्तावकों की एक लंबी सूची है। खड़गे के प्रस्तावकों में गांधी परिवार को वफादारों के अलावा कांग्रेस में बदलाव की मांग करने वाले जी-23 समूह के नेताओं का भी समर्थन है। खड़गे के प्रस्तावकों में जहां एके एंटनी, अंबिका सोनी, अशोक गहलोत, दिग्विजय सिंह जैसे नाम हैं, वहीं जी-23 के नेता मुकुल वासनिक, भूपेंद्र सिंह हुड्डा, आनंद शर्मा, मनीष तिवारी जैसे नेता भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि खड़गे का नाम आगे करके गांधी परिवार ने बड़ी चाल चली है और जी-23 नेताओं को भी उनका समर्थन करने पर मजबूर कर दिया है।