हुगली में पीएम मोदी का ममता सरकार पर हमला

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल के दौरे के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। सिंगूर और हुगली में आयोजित दो जनसभाओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं को जनता तक पहुंचने से रोक रही है और बंगाल के लोगों के साथ दुश्मनी का व्यवहार कर रही है।

Prime Minister Narendra Modi, West Bengal
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पश्चिम बंगाल में (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar18 Jan 2026 05:26 PM
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प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूर्वी भारत, खासकर पश्चिम बंगाल का विकास बेहद जरूरी है और केंद्र सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा, “मैं बंगाल के नौजवानों, किसानों और माताओं-बहनों की हर संभव सेवा करना चाहता हूं, लेकिन यहां की TMC सरकार केंद्र की योजनाओं को आप तक नहीं पहुंचने देती।”

रेल और कनेक्टिविटी परियोजनाओं का जिक्र

बता दें कि पीएम मोदी ने बताया कि पश्चिम बंगाल से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की शुरुआत हो चुकी है। इसके साथ ही राज्य को कई नई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें मिली हैं। रविवार को तीन और अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई गई, जिनमें से एक ट्रेन वाराणसी और बंगाल के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और ग्रीन मोबिलिटी पर विशेष जोर दे रही है, जिसके तहत बंदरगाहों, नदी जलमार्गों, हाइवे और हवाई अड्डों को आपस में जोड़ा जा रहा है।

श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट और सागरमाला योजना

बता दें कि प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में केंद्र सरकार ने श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट की क्षमता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया है। सागरमाला योजना के तहत पोर्ट की कनेक्टिविटी सुधारने के लिए सड़कें बनाई गई हैं, जिसके सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। उन्होंने बालागढ़ में बनने वाले एक्सटेंडेड पोर्ट गेट सिस्टम को क्षेत्र के लिए नए अवसरों का द्वार बताया।

नेताजी और राष्ट्रीय प्रतीकों का उल्लेख

बता दें कि पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सम्मान में कई अहम फैसले लिए हैं। कर्तव्य पथ पर नेताजी की प्रतिमा की स्थापना, लाल किले से आज़ाद हिंद फौज को सम्मान और अंडमान-निकोबार में द्वीपों का नामकरण इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। उन्होंने बताया कि अब गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम 23 जनवरी, नेताजी की जयंती से शुरू होकर 30 जनवरी, महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर समाप्त होते हैं।

‘वंदे मातरम्’ और विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री ने कहा कि हुगली और ‘वंदे मातरम्’ का विशेष संबंध है। उन्होंने आह्वान किया कि जैसे वंदे मातरम् स्वतंत्रता संग्राम का उद्घोष बना, वैसे ही उसे विकसित भारत और विकसित बंगाल का मंत्र बनाया जाना चाहिए।

जूट, कृषि और ‘जंगलराज’ पर बयान

बता दें कि पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार बनने पर प्लास्टिक के विकल्प के रूप में जूट पैकेजिंग को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे राज्य के जूट उद्योग को मजबूती मिलेगी। उन्होंने हुगली में आलू, प्याज और सब्जी उत्पादन का जिक्र करते हुए कहा कि भारतीय किसानों के लिए वैश्विक बाजार में अपार संभावनाएं हैं।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश “महा जंगलराज” से मुक्ति चाहता है। उन्होंने दावा किया कि बिहार में जंगलराज को रोका गया है और अब पश्चिम बंगाल में भी TMC के “महा जंगलराज” को बदलने के लिए भाजपा तैयार है।

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बैंकों के बजाय अब पोस्ट आफिस स्कीम्स में निवेश का बढ़ रहा क्रेज

हाल ही में कई बड़े सरकारी और निजी बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरें घटा दी हैं। पहले एफडी निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश के साथ सम्मानजनक रिटर्न का जरिया था, लेकिन अब यह केवल पैसा सुरक्षित रखने तक सीमित नजर आता है। इसके अलावा, आने वाले समय में बड़ी वृद्धि की संभावना भी कम है।

post office
पोस्ट आफिस स्कीम
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar17 Jan 2026 05:29 PM
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Interest Rates : बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) पर मिलने वाली ब्याज दरें घट गई हैं, जिसके कारण आम निवेशक सुरक्षित और अच्छे रिटर्न वाले विकल्प की तलाश में हैं। इस समय पोस्ट आॅफिस की सरकारी योजनाएं 7% से 8.2% तक का आकर्षक ब्याज दे रही हैं। इन योजनाओं में निवेश न सिर्फ सुरक्षित है, बल्कि टैक्स लाभ और नियमित आय के विकल्प भी मिलते हैं।

बैंक एफडी क्यों कम आकर्षक हैं?

हाल ही में कई बड़े सरकारी और निजी बैंकों ने एफडी पर ब्याज दरें घटा दी हैं। पहले एफडी निवेशकों के लिए सुरक्षित निवेश के साथ सम्मानजनक रिटर्न का जरिया था, लेकिन अब यह केवल पैसा सुरक्षित रखने तक सीमित नजर आता है। इसके अलावा, आने वाले समय में बड़ी वृद्धि की संभावना भी कम है।

पोस्ट आफिस स्कीम्स की ताकत

पोस्ट आफिस की सभी छोटी बचत योजनाओं में सरकार की 100% गारंटी होती है। इसका मतलब है कि आपका निवेश पूरी तरह सुरक्षित है। साथ ही, कुछ योजनाओं में टैक्स में छूट भी मिलती है। सरकार ब्याज दरों की समीक्षा तिमाही आधार पर करती है, जिससे रिटर्न बाजार की स्थितियों के अनुरूप संतुलित रहते हैं।

लोकप्रिय योजनाएं और ब्याज दरें

े योजना                 ब्याज दर खासियत                     

े सीनियर सिटिजन सेविंग्स स्कीम    8.2%   तिमाही आधार पर ब्याज, बुजुर्गों के लिए आकर्षक 

े मंथली इनकम अकाउंट          7.4%   हर महीने निश्चित आय की सुविधा         

े नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट       7.7%   टैक्स सेविंग के साथ सुरक्षित रिटर्न     

े पब्लिक प्रोविडेंट फंड           7.10%  लंबी अवधि में टैक्स-फ्री रिटर्न       

े किसान विकास पत्र            7.5%   115 महीनों में निवेश राशि दोगुना होने का वादा

े महिला सम्मान बचत पत्र         7.5%   महिलाओं के लिए विशेष योजना          

े सुकन्या समृद्धि योजना          8.2%   बेटियों के भविष्य के लिए उच्चतम ब्याज दर   

टाइम डिपॉजिट विकल्प

* 2 साल की ऊ पर 7% ब्याज

* 3 साल की ऊ पर 7.1% ब्याज

* 5 साल की ऊ पर 7.5% ब्याज

बैंक एफडी की तुलना में पोस्ट आॅफिस की स्कीम्स निवेशकों को सुरक्षित, स्थिर और आकर्षक रिटर्न प्रदान करती हैं। टैक्स लाभ, सरकारी गारंटी और नियमित आय जैसी सुविधाएं इन्हें और भी लोकप्रिय बनाती हैं।



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मुंबई की सत्ता पर सियासी गणित, शिंदे सेना की भाजपा से बड़ी मांग

बीएमसी में सत्ता गठन को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चुनाव में दूसरे स्थान पर रही एकनाथ शिंदे गुट की शिवसेना ने अब मेयर पद को लेकर भाजपा के सामने 50-50 पावर शेयरिंग का प्रस्ताव रखा है। इस फॉर्मूले के तहत मुंबई के मेयर का कार्यकाल ढाई-ढाई साल के लिए दोनों दलों में बांटने की मांग की गई है।

Coalition government in BMC
बीएमसी में गठबंधन की सरकार (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar17 Jan 2026 04:51 PM
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शिंदे गुट के नेताओं और नवनिर्वाचित पार्षदों का कहना है कि बीएमसी में एक स्थिर और मजबूत सरकार बनाने के लिए यह सबसे व्यावहारिक रास्ता है। पार्टी का तर्क है कि सत्ता गठन में उसकी निर्णायक भूमिका है, ऐसे में मेयर पद पर भागीदारी उसका हक बनता है। शिंदे सेना इस मांग को भावनात्मक मुद्दे से भी जोड़ रही है। पार्टी चाहती है कि बालासाहेब ठाकरे की जन्मशती वर्ष में मुंबई का मेयर शिवसेना (शिंदे गुट) से हो। नेताओं का कहना है कि शिवसेना की पहचान और मुंबई से उसका ऐतिहासिक रिश्ता मेयर पद से गहराई से जुड़ा रहा है।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि बालासाहेब ठाकरे का पूरा राजनीतिक जीवन मुंबई और बीएमसी से जुड़ा रहा है। ऐसे में जन्मशती वर्ष में मेयर पद पर शिवसेना का प्रतिनिधि होना कार्यकर्ताओं और समर्थकों के लिए बेहद अहम है।

भाजपा–शिंदे गुट के बीच बातचीत जारी

सूत्रों के मुताबिक, 50-50 फॉर्मूले को लेकर भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के शीर्ष नेताओं के बीच लगातार बातचीत चल रही है। हालांकि अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। दोनों पक्ष सीटों के गणित और भविष्य की राजनीतिक स्थिरता को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग विकल्पों पर मंथन कर रहे हैं।भाजपा के लिए यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निकाय है और यहां सत्ता का असर सीधे तौर पर महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ता है।

फैसला भाजपा हाईकमान के हाथ में

शिंदे गुट ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मसले पर अंतिम निर्णय भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को लेना है। अब सभी की निगाहें भाजपा हाईकमान पर टिकी हैं कि वह इस प्रस्ताव को स्वीकार कर बीएमसी में मजबूत गठबंधन बनाता है या किसी वैकल्पिक रास्ते की ओर बढ़ता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि 50-50 फॉर्मूले पर सहमति बन जाती है तो बीएमसी में सत्ता संघर्ष थम सकता है, लेकिन मांग ठुकराए जाने की स्थिति में गठबंधन के भीतर तनाव बढ़ सकता है।

बीएमसी चुनाव के नतीजे में चुनावी गणित

मुंबई नगर निगम के 227 सीटों वाले सदन में बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत है। चुनाव परिणामों में बीजेपी–शिंदे गुट गठबंधन को कुल 118 सीटें मिली हैं। इसमें बीजेपी ने 89 और शिंदे गुट की शिवसेना ने 29 सीटों पर जीत दर्ज की। वहीं उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) को 65, कांग्रेस को 24, AIMIM को 8, मनसे को 6 और समाजवादी पार्टी को 2 सीटें मिली हैं।