नए साल 2026: शराब के जश्न में पीछे रह गई दिल्ली

नए साल 2026 के आंकड़े साफ तौर पर बताते हैं कि शराब की ज्यादा खपत अब सिर्फ दिल्ली या पंजाब तक सीमित नहीं है। दक्षिण भारत के राज्य और उत्तर प्रदेश में तेजी से बढ़ता शहरीकरण, नाइटलाइफ और सेलिब्रेशन कल्चर शराब की बिक्री में बड़ी भूमिका निभा रहे हैं।

India is immersed in celebrations
जश्न में डूबा भारत (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Jan 2026 05:07 PM
bookmark

भारत में नए साल 2026 का जश्न सिर्फ आतिशबाजी, काउंटडाउन पार्टियों और क्लब नाइट्स तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई राज्यों में शराब की रिकॉर्डतोड़ बिक्री भी देखने को मिली। आमतौर पर दिल्ली और पंजाब को सबसे ज्यादा शराब खपत वाले राज्यों में गिना जाता है, लेकिन इस बार के आंकड़ों ने इस सोच को पूरी तरह बदल दिया है।

तेलंगाना रहा टॉप पर

बता दें कि नए साल 2026 के दौरान शराब बिक्री के मामले में तेलंगाना देशभर में सबसे आगे रहा। सिर्फ 30 और 31 दिसंबर को राज्य में 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब की बिक्री दर्ज की गई। वहीं 31 दिसंबर की शाम अकेले करीब 401 करोड़ रुपये शराब पर खर्च किए गए, जो अपने आप में एक बड़ा रिकॉर्ड है।

उत्तर प्रदेश में भी जबरदस्त उछाल

उत्तर प्रदेश में नए साल के जश्न के दौरान शराब की बिक्री लगभग 600 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। राज्य में सामान्य दिनों की तुलना में बिक्री में करीब 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई। कुछ जिलों में तो एक ही दिन में 14 करोड़ रुपये से ज्यादा की शराब की बिक्री हुई।

कर्नाटक: बेंगलुरु की नाइटलाइफ का असर

बेंगलुरु की मशहूर नाइटलाइफ का असर कर्नाटक के आंकड़ों में साफ नजर आया। नए साल की शाम राज्य में 308 करोड़ रुपये की शराब बिक्री हुई, जबकि 28 दिसंबर को यह आंकड़ा 409 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था। इस दौरान राज्य में 4.83 लाख केस भारतीय निर्मित शराब, 2.92 लाख केस बीयर की खपत दर्ज की गई।

आंध्र प्रदेश में 300 करोड़ की बिक्री

आंध्र प्रदेश में नए साल के मौके पर करीब 300 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई। हालांकि यह आंकड़ा पिछले साल से थोड़ा कम रहा, लेकिन फिर भी इसे काफी ज्यादा माना जा रहा है। विशाखापट्टनम अकेले शहर से ही 11 करोड़ रुपये से अधिक का रेवेन्यू मिला।

दिल्ली भी पीछे नहीं

बता दें कि दिल्ली भी पीछे नहीं रही है यहां भी होटल पार्टियों, क्लब इवेंट्स और प्राइवेट गेदरिंग्स की वजह से नए साल पर करीब 400 करोड़ रुपये की शराब बिक्री दर्ज की गई। हालांकि दिल्ली को अक्सर देश के सबसे ज्यादा शराब पीने वाले इलाकों में गिना जाता है, लेकिन इस बार तेलंगाना और उत्तर प्रदेश ने राजधानी को भी पीछे छोड़ दिया।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

इतिहास के सबसे महंगे तलाक, जानकर हो जाएंगे हैरान

दुनिया के सबसे महंगे तलाकों की बात करें, तो बिल गेट्स और मेलिंडा फ्रेंच गेट्स का नाम सबसे ऊपर आता है। इन मामलों ने साबित कर दिया कि जब बात अरबपतियों की हो, तो तलाक भी इतिहास रच सकता है—न सिर्फ रिश्तों में, बल्कि पैसों के मामले में भी।

The divorce that made economic history
दुनिया के सबसे महंगे तलाक (फाइल फोटो)
locationभारत
userऋषि तिवारी
calendar03 Jan 2026 03:26 PM
bookmark

बता दें कि तलाक अब सिर्फ निजी रिश्तों के टूटने तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि कई बार यह आर्थिक इतिहास भी बना देता है। भारत में 2025 के दौरान कई हाई-प्रोफाइल तलाक चर्चा में रहे। क्रिकेटर युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के तलाक की खबरें भी खूब सुर्खियों में रहीं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चहल ने एलिमनी के तौर पर करीब 60 करोड़ रुपये दिए।

लेकिन अगर बात भारत से बाहर की करें, तो दुनिया में ऐसे कई तलाक हुए हैं जिनमें करोड़ नहीं, बल्कि अरबों डॉलर की संपत्ति का बंटवारा हुआ। आइए जानते हैं दुनिया के सबसे महंगे तलाक और उनसे जुड़े बड़े नाम।

बिल गेट्स–मेलिंडा फ्रेंच गेट्स: दुनिया का सबसे महंगा तलाक

माइक्रोसॉफ्ट के को-फाउंडर बिल गेट्स और मेलिंडा फ्रेंच गेट्स ने 27 साल की शादी के बाद साल 2021 में तलाक लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह अब तक का सबसे महंगा तलाक माना जाता है। अनुमान है कि इस सेटलमेंट में करीब 76 अरब डॉलर की संपत्ति का बंटवारा हुआ। मेलिंडा को भारी रकम के साथ-साथ अरबों डॉलर के शेयर भी मिले। उस समय बिल गेट्स दुनिया के सबसे अमीर लोगों में शामिल थे, जिससे यह तलाक आर्थिक रूप से ऐतिहासिक बन गया।

जेफ बेजोस–मैकेंजी स्कॉट

अमेजन के फाउंडर जेफ बेजोस का 2019 में मैकेंजी स्कॉट से तलाक हुआ। सेटलमेंट के तहत मैकेंजी को अमेजन के 4 फीसदी शेयर मिले, जिनकी कीमत उस वक्त करीब 38 अरब डॉलर आंकी गई थी। इस तलाक के बाद मैकेंजी स्कॉट दुनिया की सबसे अमीर महिलाओं में शामिल हो गईं।

एलेक विल्डनस्टीन–जोसालिन विल्डनस्टीन

फ्रेंच-अमेरिकन बिजनेसमैन एलेक विल्डनस्टीन का 1999 में जोसलिन विल्डनस्टीन से तलाक हुआ। 21 साल की शादी के बाद जोसलिन को करीब 3.8 अरब डॉलर की एलिमनी मिली। उस दौर में इसे दुनिया के सबसे महंगे तलाकों में गिना गया।

रूपर्ट मर्डोक का तलाक

मीडिया इंडस्ट्री के दिग्गज रूपर्ट मर्डोक ने 1999 में अपनी पत्नी से तलाक लिया। इस सेटलमेंट में उनकी पत्नी को करीब 1.7 अरब डॉलर की संपत्ति मिली। अपने समय में यह तलाक भी काफी चर्चा में रहा।

बिल ग्रॉस

पैसिफिक इन्वेस्टमेंट मैनेजमेंट कंपनी (PIMCO) के को-फाउंडर बिल ग्रॉस का 2017 में तलाक हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेटलमेंट के तहत उनकी पत्नी को करीब 1.3 अरब डॉलर मिले। यह मामला लंबे समय तक विवादों और सुर्खियों में बना रहा।

बर्नी एक्लेस्टोन–स्लाविका रैडिक

फॉर्मूला वन के पूर्व बॉस बर्नी एक्लेस्टोन का स्लाविका रैडिक से तलाक भी बेहद महंगा साबित हुआ। सेटलमेंट में स्लाविका को करीब 1.2 अरब डॉलर मिले, जिसके बाद वह ब्रिटेन की सबसे अमीर महिलाओं में शामिल हो गईं।

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

दिल्ली में परेड देखने का है प्लान? टिकट बुकिंग, समय और रेट जान लीजिए

खास बात यह है कि गणतंत्र दिवस परेड के टिकट रोजाना तय कोटे के हिसाब से जारी होंगे। इसलिए अगर आप कर्तव्य पथ पर देश का सबसे भव्य समारोह नजदीक से देखने का प्लान बना रहे हैं, तो देरी नहीं टिकट समय पर लेना ही सबसे सुरक्षित कदम होगा।

कर्तव्य पथ पर Republic Day 2026 की तैयारी
कर्तव्य पथ पर Republic Day 2026 की तैयारी
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar03 Jan 2026 12:48 PM
bookmark

Republic Day 2026 : दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस 2026 के भव्य आयोजनों को नजदीक से देखने का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। रक्षा मंत्रालय ने टिकटों की बिक्री का शेड्यूल और दरें आधिकारिक तौर पर जारी कर दी हैं। इसके तहत 26 जनवरी 2026 की गणतंत्र दिवस परेड, 28 जनवरी को होने वाली बीटिंग रिट्रीट की फुल ड्रेस रिहर्सल और 29 जनवरी के मुख्य बीटिंग रिट्रीट समारोह के टिकट 5 जनवरी 2026 से बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे। यानी अब दर्शक समय रहते टिकट लेकर देश के सबसे प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समारोहों का रोमांच लाइव देख सकेंगे।

कब से कब तक मिलेंगे टिकट?

टिकट खरीदने की प्रक्रिया भी इस बार दर्शकों के लिए काफी सहज रखी गई है। 5 जनवरी से 14 जनवरी 2026 तक टिकटों की बिक्री जारी रहेगी और इसे ऑनलाइन व ऑफलाइन—दोनों माध्यमों से खरीदा जा सकेगा। खास बात यह है कि गणतंत्र दिवस परेड के टिकट रोजाना तय कोटे के हिसाब से जारी होंगे। इसलिए अगर आप कर्तव्य पथ पर देश का सबसे भव्य समारोह नजदीक से देखने का प्लान बना रहे हैं, तो देरी नहीं टिकट समय पर लेना ही सबसे सुरक्षित कदम होगा।

टिकट की कीमत कितनी होगी?

टिकटों की कीमत भी आम दर्शकों की पहुंच में रखी गई है। 26 जनवरी की गणतंत्र दिवस परेड के लिए टिकट दो श्रेणियों में उपलब्ध होंगे। वहीं, 28 जनवरी को होने वाली बीटिंग रिट्रीट की फुल ड्रेस रिहर्सल देखने के लिए दर्शकों को सिर्फ ₹20 का टिकट लेना होगा। जबकि 29 जनवरी को मुख्य बीटिंग रिट्रीट समारोह के टिकट ₹100 में मिलेंगे। यानी कम बजट में भी आप देश की सैन्य शान, बैंड्स की धुनों और समारोह की भव्यता को लाइव महसूस कर सकते हैं।

बीटिंग रिट्रीट कहां होता है?

बीटिंग रिट्रीट का मुख्य समारोह कर्तव्य पथ के विजय चौक पर आयोजित होता है, जहां माहौल किसी संगीत-उत्सव से कम नहीं होता। जैसे ही शाम ढलती है, भारतीय सैन्य बैंड्स की अनुशासित धुनें पूरे परिसर को देशभक्ति के रंग में रंग देती हैं। पारंपरिक मार्च से लेकर सुरों की भव्य संगत तक यह कार्यक्रम न सिर्फ भारतीय दर्शकों, बल्कि विदेशी मेहमानों के लिए भी भारत की सैन्य संस्कृति, गरिमा और परंपरा की एक यादगार झलक बन जाता है।

टिकट ऑनलाइन मिलेंगे या ऑफलाइन?

रक्षा मंत्रालय ने टिकट खरीदने की व्यवस्था को इस बार और ज्यादा सुविधाजनक बनाया है, ताकि दर्शकों को लाइन और झंझट से राहत मिल सके। टिकट ऑनलाइन और ऑफलाइन—दोनों विकल्पों में उपलब्ध रहेंगे। जो लोग घर बैठे बुकिंग करना चाहते हैं, वे रक्षा मंत्रालय के ‘आमंत्रण’ पोर्टल www.aamantran.mod.gov.in के जरिए टिकट ले सकते हैं। वहीं, ऑफलाइन खरीदारी के लिए दिल्ली में 6 तय काउंटर बनाए गए हैं सेना भवन, शास्त्री भवन, जंतर-मंतर, संसद भवन रिसेप्शन, राजीव चौक मेट्रो स्टेशन और कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन।

ऑफलाइन काउंटर का समय क्या रहेगा?

ऑफलाइन टिकट लेने वालों के लिए 5 जनवरी से 14 जनवरी तक काउंटरों पर तय समय के अनुसार बिक्री होगी। टिकट काउंटर सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक खुले रहेंगे, जबकि दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक फिर से टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे। यानी दर्शक अपनी सुविधा के मुताबिक दो शिफ्टों में काउंटर पर पहुंचकर टिकट खरीद सकते हैं

टिकट खरीदने के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी?

टिकट खरीदते समय सुरक्षा और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर भी नियम साफ हैं। काउंटर पर टिकट लेते वक्त आपको किसी एक वैध फोटो पहचान पत्र - जैसे आधार कार्ड/वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस/पैन कार्ड, पासपोर्ट या केंद्र/राज्य सरकार द्वारा जारी कोई अधिकृत फोटो आईडी दिखाना अनिवार्य होगा। सबसे अहम बात यह है कि जिस आईडी के आधार पर टिकट बनेगा, वही आईडी आपको परेड, फुल ड्रेस रिहर्सल और बीटिंग रिट्रीट के दिन भी साथ रखनी होगी। यानी टिकट के साथ आपकी पहचान भी आपकी एंट्री का पास बनेगी, इसलिए बिना आईडी के निकलने की गलती बिल्कुल न करें। Republic Day 2026

संबंधित खबरें