Gold-Silver Price Crash: मार्केट खुलते ही धराशायी हुए भाव, देखें नए रेट

Gold-Silver Price Crash: सोना और चांदी की कीमतों में एक बार फिर बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर चांदी ₹24,000 तक सस्ती हुई है जबकि सोना ₹4,500 से ज्यादा फिसला है। जानिए आज के लेटेस्ट रेट, गिरावट की वजह और आगे क्या हो सकता है।

Gold Rate Today
Gold Silver Price Today
locationभारत
userअसमीना
calendar05 Feb 2026 11:02 AM
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सोना और चांदी में निवेश करने वालों के लिए एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। बीते दो दिनों की तेजी के बाद गुरुवार को अचानक Gold-Silver Price Crash देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई। चांदी एक झटके में ₹24,000 से ज्यादा सस्ती हो गई जबकि सोने की कीमत भी ₹4,500 से अधिक फिसल गई। इस गिरावट ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों को चौंका दिया है।

चांदी की कीमत में अचानक बड़ी गिरावट

गुरुवार को एमसीएक्स पर चांदी की कीमत में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। बीते कारोबारी दिन 5 मार्च एक्सपायरी वाली 1 किलो चांदी का वायदा भाव ₹2,68,850 पर बंद हुआ था लेकिन बाजार खुलते ही यह गिरकर ₹2,44,654 प्रति किलो पर आ गया। यानी चांदी की कीमत में सीधे ₹24,196 प्रति किलो की गिरावट देखने को मिली। यह गिरावट हाल के दिनों की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है।

अपने ऑल टाइम हाई से कितनी सस्ती हुई चांदी?

अगर चांदी के रिकॉर्ड स्तर की बात करें तो 29 जनवरी को इसने ₹4,20,048 प्रति किलो का ऐतिहासिक उच्च स्तर छुआ था। इसके बाद से ही चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट का दौर शुरू हो गया था। बजट के आसपास इसमें थोड़ी स्थिरता जरूर दिखी लेकिन अब फिर से तेज फिसलन आई है। मौजूदा भाव की तुलना करें तो चांदी अपने लाइफ टाइम हाई से करीब ₹1,75,394 सस्ती हो चुकी है।

सोने की कीमत में भी बड़ा क्रैश

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी गुरुवार को भारी गिरावट देखी गई। एमसीएक्स पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले 24 कैरेट सोने का भाव बुधवार को ₹1,53,046 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था लेकिन गुरुवार को ओपनिंग के साथ ही यह गिरकर ₹1,48,455 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस तरह सोना एक ही झटके में ₹4,591 प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया।

गोल्ड अपने हाई से कितना नीचे आया?

सोने ने भी 29 जनवरी को अपना ऑल टाइम हाई बनाया था जब इसकी कीमत ₹1,93,096 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई थी। इसके बाद इसमें लगातार गिरावट देखने को मिली थी जो बजट के बाद तक जारी रही। बीच में आई हल्की तेजी भी गुरुवार के क्रैश में खत्म हो गई। फिलहाल सोना अपने रिकॉर्ड हाई से करीब ₹44,641 सस्ता हो चुका है।

निवेशकों और खरीदारों के लिए क्या संकेत?

सोना और चांदी की कीमतों में यह गिरावट निवेशकों के लिए सावधानी का संकेत है जबकि आम खरीदारों के लिए यह एक मौका भी हो सकता है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों, डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की चाल को समझना बेहद जरूरी है।

(नोट- सोना-चांदी या गोल्ड-सिल्वर ETF में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)

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UPSC को लेकर हुआ सबसे बड़ा बदलाव! तारीख निकलने से पहले जान लें

UPSC : संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 (CSE 2026) के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस साल कुल 933 पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। उम्मीदवार 4 फरवरी से 24 फरवरी 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इस साल परीक्षा में कई नए बदलाव और नियम लागू किए गए हैं।

UPSC
IAS, IPS और IFS के लिए नया नियम
locationभारत
userअसमीना
calendar05 Feb 2026 10:38 AM
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संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 (CSE 2026) के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस साल परीक्षा के लिए कुल 933 पदों उपलब्ध हैं। उम्मीदवार 4 फरवरी से 24 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म भर सकते हैं। UPSC की यह परीक्षा भारत की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षा मानी जाती है और इसके नियम हर साल अपडेट होते रहते हैं। इस आर्टिकल में हम आपको UPSC 2026 के नए बदलाव, नियम और आवेदन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाएंगे।

UPSC CSE 2026 के लिए महत्वपूर्ण तारीखें

इस साल UPSC परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया 4 फरवरी से शुरू होकर 24 फरवरी 2026 तक चलेगी। इसके बाद उम्मीदवार सीधे प्रीलिम्स और मेन्स की तैयारी में लग सकते हैं। सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि से पहले जल्दी से जल्दी फॉर्म भर दें ताकि किसी तकनीकी या अन्य समस्या की वजह से आवेदन रद्द न हो।

इस साल के पद और योग्यता

2026 में कुल 933 पदों पर भर्ती की जा रही है। पदों के अनुसार उम्मीदवारों की योग्यता इस प्रकार है:

IAS (Indian Administrative Service): किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से बैचलर डिग्री अनिवार्य है।

IFS (Indian Forest Service): बैचलर डिग्री जरूरी है विषय जैसे एनिमल हसबेंडरी, वेटरनरी साइंस, बॉटनी, केमिस्ट्री, जियोलॉजी, मैथमेटिक्स, फिजिक्स, स्टैटिस्टिक्स, जूलॉजी और एग्रीकल्चर।

UPSC में नए बदलाव और नियम

UPSC ने इस साल CSE के लिए कई नए नियम और पाबंदियां लागू की हैं। मुख्य बदलाव इस प्रकार हैं:

1. फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य

इस साल परीक्षा केंद्र पर AI-बेस्ड फेस रिकॉग्निशन किया जाएगा। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र पर अपना चेहरा वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य होगा ताकि किसी भी प्रकार की पहचान चोरी या नकल की संभावना को रोका जा सके।

2. पहले से नियुक्त उम्मीदवारों के लिए नियम

जो उम्मीदवार पहले से IAS, IFS या IPS में चयनित हैं वे इस बार जारी पदों पर आवेदन नहीं कर सकते। यदि किसी उम्मीदवार का चयन प्रीलिम्स के बाद और मेन्स से पहले होता है तो उसे मेन्स देने की अनुमति नहीं मिलेगी।

IPS के लिए जो उम्मीदवार पहले किसी परीक्षा के आधार पर चयनित हो चुके हैं वे 2026 में दोबारा IPS विकल्प नहीं चुन पाएंगे।

3. ग्रुप A सेवा में चयनित उम्मीदवार

अगर उम्मीदवार 2026 में चयनित होते हैं और फिर से परीक्षा देना चाहते हैं तो उन्हें ट्रेनिंग में शामिल न होने की छूट प्राप्त होनी चाहिए। अगर छूट नहीं मिले और वे ट्रेनिंग में शामिल नहीं होते तो उनका आवेदन रद्द कर दिया जाएगा। भविष्य में सफल होने पर उन्हें केवल एक ही सेवा चुननी होगी।

4. वन-टाइम अपॉर्चुनिटी

जो उम्मीदवार CSE 2025 या उससे पहले चयनित हो चुके हैं उन्हें अपने बचे हुए अटेम्प्ट्स के लिए 2026 और 2027 में अंतिम मौका मिलेगा। 2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए उम्मीदवार को अपनी वर्तमान पोस्ट से इस्तीफा देना होगा।

डिजिटल सुरक्षा और आवेदन प्रक्रिया

इस बार आधार लिंक्ड और AI-बेस्ड वेरिफिकेशन अनिवार्य किया गया है। पुराने OTR सिस्टम की जगह अब एक चार-चरणों वाला डिजिटल पोर्टल है जहां उम्मीदवार केवल आधार वेरिफिकेशन के जरिए फॉर्म भर सकेंगे। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना है।

UPSC CSE 2026 के लिए तैयारी के टिप्स

  • आवेदन की अंतिम तिथि से पहले फॉर्म भरें।
  • पात्रता और योग्यता की जांच अवश्य करें।
  • फेस ऑथेंटिकेशन और डिजिटल वेरिफिकेशन के लिए सभी दस्तावेज तैयार रखें।
  • नए नियमों के अनुसार, यदि आप पहले से किसी सेवा में हैं तो आवेदन से पहले छूट की प्रक्रिया समझ लें।
  • समय पर परीक्षा की तैयारी शुरू करें और पिछले वर्ष के पेपर और सिलेबस का अध्ययन करें।

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पहले चरण में नहीं होगी जाति गणना, सरकार ने स्पष्ट की पूरी टाइमलाइन

राज्यसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण घरों/मकानों से जुड़ी सूचनाओं का होगा, जबकि जाति गणना दूसरे चरण में होगी।

पहले फेज में नहीं होगी जाति गणना
पहले फेज में नहीं होगी जाति गणना
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar05 Feb 2026 10:04 AM
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Caste census भारत की आगामी जनगणना को लेकर केंद्र सरकार ने संसद में स्थिति साफ कर दी है। सरकार ने कहा है कि जनगणना शुरू होते ही जाति गणना पहले चरण में नहीं होगी। जाति से जुड़े सवाल दूसरे चरण (Population Enumeration) से पहले तय कर अधिसूचित किए जाएंगे। राज्यसभा में पूछे गए सवाल के लिखित जवाब में गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने यह जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, जनगणना दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण घरों/मकानों से जुड़ी सूचनाओं का होगा, जबकि जाति गणना दूसरे चरण में होगी। गृह मंत्रालय ने यह भी कहा कि जनगणना की प्रक्रिया और तारीखों से जुड़ी जानकारी पहले ही सार्वजनिक की जा चुकी है, फिर भी कुछ लोग भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं इसी कारण सरकार ने दोबारा पूरी प्रक्रिया स्पष्ट की है।

दो चरणों में होगी जनगणना

जनगणना की पूरी कवायद इस बार दो हिस्सों में आगे बढ़ेगी। पहले चरण में 1 अप्रैल से 30 सितंबर के बीच देशभर में हाउस-लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस कराया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में असली जनसंख्या गणना की शुरुआत फरवरी 2027 से होगी, जब देशभर में आबादी की गिनती का मुख्य काम किया जाएगा। वहीं मौसम और भौगोलिक चुनौती को देखते हुए लद्दाख और बर्फीले/दुर्गम इलाकों जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ क्षेत्रों में यह प्रक्रिया सितंबर 2026 से पहले ही शुरू कर दी जाएगी, ताकि सर्दियों से पहले पूरी तैयारी के साथ गिनती का काम कराया जा सके।

पहले चरण में क्या पूछा जाएगा?

सरकार ने पहले चरण के लिए 33 प्रश्न अधिसूचित किए हैं। इस चरण में प्राथमिक तौर पर हाउसलिस्टिंग के जरिए घर और आवासीय सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। यानी शुरुआत में जोर परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति के संकेत देने वाले घर, संसाधन और बुनियादी सुविधाओं पर रहेगा।

पहले चरण में जिन प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी ली जाएगी, उनमें शामिल हैं -

  1. मकान/घर की बनावट और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री
  2. घर में रहने वाले विवाहित जोड़ों की संख्या
  3. परिवार/घर के मुखिया का लिंग
  4. परिवार में उपभोग किए जाने वाले अनाज का प्रकार
  5. बुनियादी और आधुनिक सुविधाओं तक पहुंच (जैसे अलग-अलग सेवाएं/सुविधाएं)
  6. घर में उपलब्ध वाहन और अन्य परिसंपत्तियों/संसाधनों से जुड़ी जानकारी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि हाउसलिस्टिंग शुरू होने से 15 दिन पहले नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन (खुद जानकारी भरने) का विकल्प उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लोग पहले से अपने स्तर पर विवरण भर सकें और प्रक्रिया अधिक सहज हो सके। Caste census

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