1.26 करोड़ महिलाओं के लिए बड़ी खबर, जल्दी जान लें

Ladli Behna Yojana: मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए खुशखबरी है। लाडली बहना योजना की 32वीं किस्त इस बार जनवरी में आ सकती है। अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी राशि कब आएगी और स्टेटस कैसे चेक करें तो पूरी जानकारी पढ़ें।

Ladli Behna Yojana
लाडली बहना योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar09 Jan 2026 04:22 PM
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मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 32वीं किस्त इस बार जनवरी महीने में जारी होने वाली है। अगर आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं और जानना चाहती हैं कि आपके खाते में कब पैसा आएगा तो यह आर्टिकल आपके लिए है।

लाडली बहना योजना 32वीं किस्त कब आएगी?

लाडली बहना योजना की पिछली 31वीं किस्त 9 दिसंबर को जारी हुई थी, जिसमें महिलाओं के खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। अब इस बार 32वीं किस्त में भी प्रत्येक पात्र महिला के खाते में 1500 रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार, इस बार 32वीं किस्त 15 जनवरी, 2026 (गुरुवार) को महिलाओं के खाते में पहुंच सकती है। हालांकि, योजना की अंतिम रूपरेखा अभी पूरी तरह तैयार नहीं है लेकिन आधिकारिक अनुमान यही है कि इस तारीख तक पैसा सभी पात्र महिलाओं के खाते में जमा हो जाएगा।

कितनी महिलाएं लाभार्थी हैं?

मध्य प्रदेश में इस योजना के तहत लगभग 1.26 करोड़ महिलाएं लाभान्वित हो रही हैं। हर पात्र महिला को इस योजना के तहत 1500 रुपये की राशि प्राप्त होगी।

लाडली बहना योजना का स्टेटस कैसे चेक करें?

अगर आप जानना चाहती हैं कि आपकी किस्त आपके खाते में आएगी या नहीं तो यह प्रक्रिया बहुत आसान है-

1. सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं।

2. यहां ‘आवेदन एवं भुगतान की स्थिति’ वाले सेक्शन में क्लिक करें।

3. अपना आवेदन नंबर या समग्र आईडी नंबर डालें।

4. कैप्चा कोड भरें और सबमिट करें।

इसके बाद आपके सामने आपके खाते में राशि आने की स्थिति दिखाई दे जाएगी।

बढ़ सकती है लाडली बहना योजना की राशि

मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने पहले ही ऐलान किया था कि योजना की राशि धीरे-धीरे बढ़ाई जाएगी और 2028 तक इसे 3000 रुपये तक किया जाएगा। पिछले साल नवंबर में राशि बढ़ाकर 1500 रुपये कर दी गई थी। इस साल नए वित्त वर्ष में भी इसमें बढ़ोतरी की संभावना है।

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आयुष्मान भारत का बड़ा सच आया सामने! जानकर चौंक जाएंगे

Ayushman Bharat Scheme: ज्वाइंट फैमिली और 70 साल से ऊपर के सीनियर सिटीजन्स को आयुष्मान भारत योजना में कितना हेल्थ कवर मिलता है इसे लेकर बड़ा कन्फ्यूजन है। क्या दादा-दादी और नाना-नानी सभी को अलग-अलग 5 लाख रुपये मिलते हैं या कुल लिमिट कुछ और है।

Ayushman Bharat Scheme
आयुष्मान भारत योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar08 Jan 2026 01:00 PM
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आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) को लेकर इन दिनों ज्वाइंट फैमिली और 70 साल से अधिक उम्र के सीनियर सिटीजन्स के बीच काफी भ्रम बना हुआ है। कई लोग यह मान रहे हैं कि अगर एक ही घर में दादा-दादी और नाना-नानी सभी साथ रहते हैं तो हर बुजुर्ग को अलग-अलग 5 लाख रुपये का हेल्थ कवर मिलेगा और कुल कवरेज 15 लाख रुपये तक पहुंच जाएगा। लेकिन सच्चाई यह है कि आयुष्मान भारत योजना में ऐसा कोई नियम नहीं है और यह धारणा पूरी तरह गलत है।

आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य

केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों को महंगे इलाज के खर्च से बचाना है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर दिया जाता है। यह कवर सेकेंडरी और टर्शियरी हॉस्पिटलाइजेशन के लिए मान्य होता है और देशभर के सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में लागू होता है।

पूरे परिवारे के लिए होता है 5 लाख का कवर

PM-JAY की सबसे अहम बात यह है कि इसमें मिलने वाला 5 लाख रुपये का कवर पूरे परिवार के लिए होता है न कि किसी एक व्यक्ति के लिए। परिवार में कितने भी सदस्य क्यों न हों, उनकी उम्र या जेंडर कुछ भी हो, सभी इसी एक लिमिट में कवर रहते हैं। यानी पति-पत्नी, बच्चे, माता-पिता और बुजुर्ग सदस्य सभी को मिलाकर सालाना 5 लाख रुपये तक का ही इलाज मुफ्त होता है।

PM-JAY में सालाना 5 लाख रुपये का फ्री इलाज कैसे मिलता है?

सरकार ने अक्टूबर 2024 में इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए 70 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सभी सीनियर सिटीजन्स को भी शामिल किया। इसके तहत आयुष्मान वय वंदना योजना लागू की गई। इस योजना के अनुसार, अगर कोई परिवार पहले से आयुष्मान भारत PM-JAY में शामिल है और उसमें 70 साल से ऊपर के सदस्य हैं तो ऐसे बुजुर्गों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप हेल्थ कवर दिया जाता है। इसका मतलब साफ है कि ऐसे परिवारों को 5 लाख रुपये का रेगुलर फैमिली कवर और 5 लाख रुपये का सीनियर सिटिजन टॉप-अप मिलता है। यानी कुल मिलाकर अधिकतम 10 लाख रुपये तक का हेल्थ कवरेज मिलता है। इससे ज्यादा कवर मिलने का कोई नियम योजना में मौजूद नहीं है।

किनको मिलता है फायदा?

ज्वाइंट फैमिली में सबसे बड़ा कन्फ्यूजन यहीं से शुरू होता है। कई लोग यह समझ लेते हैं कि दादा-दादी को अलग 5 लाख और नाना-नानी को अलग 5 लाख मिलेगा। इस तरह रेगुलर फैमिली कवर जोड़कर कुल 15 लाख रुपये तक का फायदा मिलेगा। लेकिन आयुष्मान भारत पोर्टल के आधिकारिक FAQs के मुताबिक, वय वंदना योजना के तहत मिलने वाला सीनियर सिटिजन कवर परिवार के आधार पर दिया जाता है न कि प्रति व्यक्ति या प्रति जोड़े के हिसाब से।

10 लाख रुपये तक ही सीमित

चाहे घर में एक बुजुर्ग हों या कई सीनियर सिटीजन्स सभी 70 साल से ऊपर के सदस्यों के लिए मिलने वाला टॉप-अप कवर कुल मिलाकर सिर्फ 5 लाख रुपये ही होता है। अगर आप जॉइंट फैमिली में रहते हैं और घर में दादा-दादी और नाना-नानी सभी साथ हैं तब भी आयुष्मान भारत योजना के तहत अधिकतम हेल्थ कवरेज 10 लाख रुपये तक ही सीमित रहेगा।

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रेहड़ी-पटरी वालों को लौटाए जाएंगे करोड़ों रुपये, एक साथ मिलेंगे कई फायदे

PM Svanidhi Yojana: पीएम स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी वालों को बड़ी राहत मिली है। पहले जिन लाभार्थियों से बैंक ने ब्याज काट लिया था उन्हें वह राशि वापस की जाएगी। इस फैसले से स्ट्रीट वेंडर्स का भरोसा बढ़ेगा और छोटे कारोबारियों को आर्थिक सहारा मिलेगा।

PM Svanidhi Yojana
पीएम स्वनिधि योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar08 Jan 2026 12:36 PM
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देश के करोड़ों रेहड़ी-पटरी वालों और छोटे स्ट्रीट वेंडर्स के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM Svanidhi Scheme) के तहत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस योजना से जुड़े लाभार्थियों को राहत देते हुए बड़ा फैसला लिया है। अब पीएम स्वनिधि योजना के तहत अधिकतम 14 प्रतिशत ब्याज दर पर ही लोन मिलेगा। इसके साथ ही जिन स्ट्रीट वेंडर्स से बैंकों ने पहले ही ब्याज काट लिया था उन्हें वह पूरी राशि वापस लौटाई जाएगी। सरकार के अनुसार, यह ब्याज वापसी करीब 120 करोड़ रुपये की होगी। यह फैसला उन हजारों छोटे व्यापारियों के लिए राहत लेकर आया है जो कोरोना काल के बाद से आर्थिक संकट से जूझ रहे थे और ऊंचे ब्याज के कारण योजना से दूर हो रहे थे।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मुताबिक, सरकार के पास लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कई बैंक पीएम स्वनिधि योजना के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। कुछ बैंकों ने लोन देते समय ही ब्याज की रकम काट ली जिससे लाभार्थियों को तय राशि से कम पैसा मिला। कई मामलों में ब्याज दर 20 से 25 प्रतिशत तक वसूली गई जो योजना की भावना के खिलाफ थी। इसी वजह से राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से संपर्क कर ब्याज दर पर सीमा तय करने और गलत तरीके से काटी गई राशि वापस दिलाने की मांग की।

क्या है पीएम स्वनिधि योजना?

प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना केंद्र सरकार की एक खास योजना है जिसे छोटे रेहड़ी-पटरी वालों, ठेला लगाने वालों और स्ट्रीट वेंडर्स को फिर से आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू किया गया था। इस योजना के तहत बिना किसी गारंटी के लोन दिया जाता है ताकि वे अपना छोटा कारोबार दोबारा खड़ा कर सकें। इस योजना में केंद्र सरकार 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देती है जबकि बाकी ब्याज का भार राज्य सरकार उठाती है। इस तरह नियमों के अनुसार लाभार्थी को किसी भी तरह का ब्याज नहीं देना होता।

पीएम स्वनिधि योजना के तहत कितना लोन मिलता है?

पीएम स्वनिधि योजना में लोन की राशि चरणों में दी जाती है। पहली बार योजना का लाभ लेने पर लाभार्थी को ₹10,000 तक का लोन मिलता है। यदि वह तय समय में इस लोन की राशि चुका देता है तो अगली बार उसे ₹20,000 तक का लोन मिल सकता है। दूसरी बार का लोन समय पर चुकाने पर तीसरे चरण में ₹50,000 तक का लोन लेने की सुविधा मिलती है। समय पर भुगतान करने वालों को आगे चलकर कैशबैक, डिजिटल ट्रांजैक्शन पर इनाम और क्रेडिट कार्ड जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाती हैं।

अब क्या बदलेगा पीएम स्वनिधि योजना में?

केंद्र सरकार की सहमति के बाद अब यह साफ कर दिया गया है कि कोई भी बैंक पीएम स्वनिधि योजना के तहत 14 प्रतिशत से ज्यादा ब्याज नहीं ले सकेगा। लोन की पूरी राशि सीधे लाभार्थी को मिलेगी और पहले काटी गई ब्याज की रकम वापस की जाएगी। इसके अलावा, योजना को और मजबूत बनाने के लिए लोन की राशि बढ़ाई गई है और समय पर भुगतान करने वालों को ज्यादा फायदे दिए जाएंगे।

स्ट्रीट वेंडर्स को क्या होगा फायदा?

सरकार का कहना है कि इन बदलावों से स्ट्रीट वेंडर्स पर पड़ रहा दोहरा आर्थिक बोझ खत्म होगा। उन्हें अब बिना किसी डर और भ्रम के योजना का लाभ मिल सकेगा। इससे न सिर्फ उनका भरोसा दोबारा मजबूत होगा बल्कि छोटे कारोबारियों को आत्मनिर्भर बनने में भी मदद मिलेगी। पीएम स्वनिधि योजना में किया गया यह बदलाव लाखों रेहड़ी-पटरी वालों के लिए राहत की सांस है और आने वाले समय में यह योजना और ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती है।