बड़े नाम, कमजोर डिमांड: ये 5 विदेशी खिलाड़ी रह सकते हैं अनसोल्ड

खासकर वे खिलाड़ी, जिनकी हालिया फॉर्म, उपलब्धता या टी20 प्रभाव को लेकर सवाल हैं, उनके अनसोल्ड रहने की संभावना बढ़ जाती है। आइए जानते हैं ऐसे 5 विदेशी खिलाड़ी, जिन पर इस बार टीमों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है।

कौन बिकेगा, कौन रह जाएगा फैंस की धड़कनें तेज
कौन बिकेगा, कौन रह जाएगा फैंस की धड़कनें तेज
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Dec 2025 01:11 PM
bookmark

IPL 2026 : आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी को लेकर क्रिकेट फैंस में पहले से ही उत्सुकता है। इस बार ऑक्शन में कई बड़े नाम मौजूद हैं और असली दिलचस्पी यही रहेगी कि कौन-सी फ्रेंचाइजी किस खिलाड़ी पर कितना भरोसा जताती है। मिनी ऑक्शन 16 दिसंबर 2025 को अबुधाबी में होना है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस बार 77 स्लॉट भरने के लिए 359 खिलाड़ियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। ऐसे में मुकाबला कड़ा है और यही कारण है कि कुछ बड़े विदेशी नामों को लेकर भी फ्रेंचाइजियां बेहद सतर्क नजर आ सकती हैं। खासकर वे खिलाड़ी, जिनकी हालिया फॉर्म, उपलब्धता या टी20 प्रभाव को लेकर सवाल हैं, उनके अनसोल्ड रहने की संभावना बढ़ जाती है। आइए जानते हैं ऐसे 5 विदेशी खिलाड़ी, जिन पर इस बार टीमों का भरोसा कमजोर पड़ सकता है

1) स्टीव स्मिथ (ऑस्ट्रेलिया)

ऑस्ट्रेलिया के सीनियर बल्लेबाज स्टीव स्मिथ का आईपीएल में पिछला अध्याय काफी पुराना हो चुका है। वे आखिरी बार आईपीएल 2021 में खेले थे, जहां उन्होंने दिल्ली कैपिटल्स का प्रतिनिधित्व किया था। स्मिथ अब भी टी20 खेल रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में आईपीएल फ्रेंचाइजियों के लिए वे “पहली पसंद” की कैटेगरी से बाहर होते दिखे हैं। इसी वजह से इस बार भी उनके लिए खरीदार मिलना मुश्किल माना जा रहा है।

2) डेवोन कॉनवे (न्यूज़ीलैंड)

डेवोन कॉनवे को पिछली बार चेन्नई सुपरकिंग्स ने बड़े दाम पर टीम में लिया था, लेकिन हालिया प्रदर्शन वैसा प्रभाव नहीं छोड़ पाया जिसकी उनसे उम्मीद थी। इस बार सीएसके ने उन्हें रिलीज कर दिया, और खराब फॉर्म के चलते राष्ट्रीय टीम स्तर पर भी उनकी स्थिति कमजोर बताई जा रही है। ऐसे में फ्रेंचाइजियां 2 करोड़ के बेस प्राइस पर भी जोखिम लेने से हिचक सकती हैं।

3) जोश इंग्लिस (ऑस्ट्रेलिया)

विकेटकीपर-बल्लेबाज जोश इंग्लिस को लेकर सबसे बड़ा सवाल उनकी उपलब्धता है। खबरों के मुताबिक वे आगामी सीजन में सिर्फ कुछ ही मैचों के लिए उपलब्ध हो सकते हैं। आईपीएल जैसे टूर्नामेंट में, जहां टीम कॉम्बिनेशन और निरंतरता सबसे बड़ा हथियार है, वहां सीमित उपलब्धता वाला खिलाड़ी फ्रेंचाइजियों के लिए महंगा सौदा साबित हो सकता है। यही वजह है कि इंग्लिस का अनसोल्ड रहना भी संभव माना जा रहा है।

4) डैरिल मिचेल (न्यूज़ीलैंड)

डैरिल मिचेल को आईपीएल में मौके मिले, लेकिन वे अपनी छाप छोड़ने में लगातार जूझते दिखे। आईपीएल 2024 में उन्हें चेन्नई सुपरकिंग्स ने आजमाया था, मगर प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया। फिर आईपीएल 2025 की मेगा नीलामी में भी उन्हें खरीदार नहीं मिला। अब 2 करोड़ के बेस प्राइस पर भी फ्रेंचाइजियां दोबारा दांव लगाने से पहले कई बार सोच सकती हैं।

5) जेसन होल्डर (वेस्टइंडीज)

ऑलराउंडर जेसन होल्डर का अनुभव बड़ा है और वे पहले कई फ्रेंचाइजियों के लिए खेल चुके हैं, लेकिन हाल के समय में उनके प्रदर्शन में वह “गेम-चेंजर” वाली धार नजर नहीं आई। साथ ही वे वेस्टइंडीज की टी20 सेटअप में भी नियमित नाम नहीं रहे हैं। वैश्विक टी20 लीग्स में अपेक्षित प्रभाव न होने के चलते, आईपीएल टीमों का रुख इस बार भी दूरी वाला रह सकता है। IPL 2026

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

फीफा विश्व कप 2026: टिकट की कीमतों ने बढ़ाया फैंस का गुस्सा, फीफा निशाने पर

वहीं फाइनल मुकाबले का सबसे सस्ता टिकट 4,185 डॉलर बताया गया है, जो उच्च श्रेणी में 8,680 डॉलर तक पहुंच रहा है। यह आंकड़े फीफा के पहले के संकेतों से काफी अलग हैं, जहां ग्रुप स्टेज टिकट 60 डॉलर से शुरू होने की बात कही गई थी।

फीफा विश्व कप
फीफा विश्व कप
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar12 Dec 2025 11:48 AM
bookmark

FIFA World Cup 2026 : विश्व कप 2026 के टिकटों की नई कीमतें सामने आते ही फीफा फिर आलोचनाओं के घेरे में आ गया है। फुटबॉल प्रशंसकों का आरोप है कि जिन मैचों को हर वर्ग के दर्शकों के लिए “सुलभ” बताया गया था, वही अब ऊंची कीमतों की वजह से आम समर्थकों की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं। राष्ट्रीय फुटबॉल संघों के जरिए जारी हुई मूल्य-सूचियों के मुताबिक ग्रुप स्टेज के टिकटों की कीमत 180 अमेरिकी डॉलर से शुरू होकर 700 डॉलर तक जाती है। वहीं फाइनल मुकाबले का सबसे सस्ता टिकट 4,185 डॉलर बताया गया है, जो उच्च श्रेणी में 8,680 डॉलर तक पहुंच रहा है। यह आंकड़े फीफा के पहले के संकेतों से काफी अलग हैं, जहां ग्रुप स्टेज टिकट 60 डॉलर से शुरू होने की बात कही गई थी।

‘विश्वासघात’ कहकर भड़के समर्थक संगठन

फुटबॉल समर्थक संगठन Football Supporters Europe (FSE) ने इन दरों को “अत्यधिक” बताते हुए फीफा पर विश्व कप की समावेशी परंपरा से पीछे हटने का आरोप लगाया। संगठन का कहना है कि टिकट नीति ऐसी बन रही है जिसमें प्रशंसकों के योगदान और सांस्कृतिक महत्व को नजरअंदाज किया जा रहा है।

FSE ने मांग की है कि जब तक कोई ऐसा समाधान नहीं निकलता जो विश्व कप की सार्वभौमिकता और परंपरा का सम्मान करे, तब तक राष्ट्रीय संघों के जरिए टिकट बिक्री को रोका जाए। नियम के तहत राष्ट्रीय फुटबॉल संघों को अपनी टीम के मैचों के लिए लगभग 8 प्रतिशत टिकट मिलते हैं, जिन्हें सबसे वफादार समर्थकों तक पहुंचाने का दावा किया जाता है। लेकिन जर्मन फुटबॉल संघ के जरिए सामने आई कीमतों ने बहस को और तेज कर दिया है। उदाहरण के तौर पर ह्यूस्टन में जर्मनी के ग्रुप मैच के लिए न्यूनतम टिकट 180 डॉलर दिखाया गया, जबकि सेमीफाइनल टिकटों की शुरुआती कीमत 920 डॉलर से 1,125 डॉलर तक बताई गई।

फाइनल तक हर मैच देखना पड़ेगा महंगा इंग्लैंड फुटबॉल एसोसिएशन द्वारा इंग्लैंड सपोर्टर्स ट्रैवल क्लब के साथ साझा की गई जानकारी के मुताबिक, अगर कोई प्रशंसक फाइनल तक हर मैच में शामिल होना चाहे, तो उसे कुल लागत 7,000 डॉलर से अधिक तक झेलनी पड़ सकती है।

डायनामिक प्राइसिंग और नई बिक्री प्रक्रिया

फीफा पहले ही साफ कर चुका है कि इस बार पहली बार “डायनामिक प्राइसिंग” लागू होगी यानी जैसे-जैसे मांग बढ़ेगी, टिकटों की कीमतें भी उसी रफ्तार से ऊपर-नीचे होंगी। इसी बीच आयोजकों ने टिकट बिक्री का तीसरा चरण खोल दिया है, जहां फैंस “रैंडम सिलेक्शन ड्रॉ” के जरिए चुनिंदा मुकाबलों के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 13 जनवरी 2026 रखी गई है। इस चरण में नियम भी सख्त हैं एक परिवार को प्रति मैच अधिकतम 4 टिकट, और पूरे टूर्नामेंट में कुल 40 टिकट तक की सीमा तय की गई है। जिन आवेदकों का चयन होगा, उन्हें फरवरी में ईमेल से सूचना मिलेगी और भुगतान प्रक्रिया में सबसे बड़ा ट्विस्ट यह है कि पेमेंट अपने-आप कट जाएगा। उधर, फाइनल टिकटों को लेकर चिंता और गहरी है। मेटलाइफ स्टेडियम में होने वाले 2026 फाइनल के टिकट सेकेंडरी प्लेटफॉर्म पर अभी से 11,000 डॉलर से ऊपर दिखाई दे रहे हैं। फीफा ने अपना रीसेल प्लेटफॉर्म भी शुरू कर दिया है, लेकिन यहां भी खरीद-फरोख्त पर रीसेल कीमत का 15% शुल्क तय किया गया है यानी टिकट सिर्फ महंगे नहीं, “फीस के साथ और महंगे” होते जा रहे हैं।

महंगाई की रफ्तार तेज

टिकट महंगाई का ट्रेंड पिछले टूर्नामेंटों में भी दिखा है। 1994 में अमेरिका में विश्व कप के टिकट 25 डॉलर से 475 डॉलर तक थे, जबकि कतर 2022 में शुरुआती कीमतें लगभग 70 डॉलर से 1,600 डॉलर तक गई थीं। अब 2026 की नई दरों ने बहस को और गर्म कर दिया है कि क्या विश्व कप धीरे-धीरे “जन-टूर्नामेंट” से “प्रीमियम इवेंट” बनता जा रहा है। FIFA World Cup 2026

संबंधित खबरें

अगली खबर पढ़ें

दाएं कान की लाइन पर आउट, आउट… क्या बाउंसर ने पकड़ ली अभिषेक शर्मा की नस?

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न में उन्होंने 68 रन की दमदार पारी खेली, बाकी 6 पारियों में शुरूआती पावर हिटिंग के बाद जल्दी विकेट गंवा बैठे। यानी फॉर्म, टाइमिंग और इंटेंट सब दुरुस्त, लेकिन कहीं न कहीं एक तकनीकी कमी उन्हें लंबी पारी से रोक रही है।

अभिषेक शर्मा
अभिषेक शर्मा
locationभारत
userअभिजीत यादव
calendar11 Dec 2025 04:54 PM
bookmark

Abhishek Sharma : टी20 क्रिकेट में इस वक्त अगर किसी बल्लेबाज के छक्कों की सबसे ज्यादा चर्चा है, तो वो नाम है अभिषेक शर्मा। नंबर-1 टी20 बल्लेबाज के रूप में जब वो क्रीज पर उतरते हैं तो पहली ही गेंद से बॉलर पर हावी होने की कोशिश करते हैं। लेकिन उनकी इसी धुआंधार बैटिंग के बीच अब एक ऐसी तकनीकी कमजोरी साफ नजर आने लगी है, जिसे ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने खूब भुनाया और अब वही ‘फॉर्मूला’ साउथ अफ्रीकी पेसर भी अपनाने लगे हैं।

सात पारियां सिर्फ एक बड़ी पारी

आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर और साफ हो जाती है। पिछली 7 टी20 पारियों में अभिषेक शर्मा ने हर मैच में तेज शुरुआत तो की, लेकिन बड़ी पारी में उन्हें सिर्फ एक बार ही तब्दील कर पाए। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मेलबर्न में उन्होंने 68 रन की दमदार पारी खेली, बाकी 6 पारियों में शुरूआती पावर हिटिंग के बाद जल्दी विकेट गंवा बैठे। यानी फॉर्म, टाइमिंग और इंटेंट सब दुरुस्त, लेकिन कहीं न कहीं एक तकनीकी कमी उन्हें लंबी पारी से रोक रही है।

दाएं कान की ओर आती गेंद पर क्यों फंस रहे हैं अभिषेक?

पिछले कुछ मुकाबलों में एक पैटर्न बिल्कुल साफ़ दिखने लगा है – हेलमेट के आस–पास उठती शॉर्ट गेंदें अभिषेक शर्मा की रफ्तार पर सीधा ब्रेक लगा रही हैं।

ऑफ स्टंप के बाहर पिच होने वाली शॉर्ट बॉल पर वो बेखौफ कट, पुल और हुक से रन लूट लेते हैं, मानो सब कंट्रोल में हो। लेकिन जैसे ही गेंद सीधी दाएं कान की लाइन पकड़कर चढ़ती है, वहां उनका गेम अचानक लड़खड़ाता नजर आता है। शरीर को निशाना बनाती, दाएं कान की ऊंचाई के आसपास फटने वाली गेंदों पर कभी उनका फुटवर्क धीमा पड़ जाता है, कभी बैलेंस बिगड़ जाता है, तो कई बार शॉट लेट हो जाने या टाइमिंग गड़बड़ाने की वजह से गेंद सीधी फील्डर के हाथों में जा पहुंचती है। यानी, इसी एक एंगल पर आने वाली शॉर्ट गेंदें अभी अभिषेक की पूरी धुआंधार बैटिंग के बीच सबसे बड़ा सवाल बनकर खड़ी हैं।

ऑस्ट्रेलिया ने खोजी साउथ अफ्रीका ने अपना ली ‘कुंजी’

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टी20 सीरीज में कंगारू पेसर्स ने अभिषेक शर्मा के लिए बाकायदा ‘शिकार प्लान’ तैयार किया हुआ था। पूरी सीरीज़ के दौरान एक ही पैटर्न बार–बार दिखा बाउंसर जो सीधे हेलमेट की तरफ उठती और लगभग हर बार गेंद की ट्रैजेक्टरी दाएं कान के इर्द–गिर्द घूमती। कुछ मौकों पर अभिषेक ने इन गेंदों पर रन जरूर बटोरे, लेकिन जैसे–जैसे ओवर आगे बढ़े, यही रणनीति उनकी लय तोड़ने लगी। अब हालत ये है कि कंगारू गेंदबाज़ों का ये टेस्टेड प्लान साउथ अफ्रीकी तेज गेंदबाज़ भी हूबहू कॉपी कर रहे हैं और हर मैच में उन्हें उसी ‘हॉटस्पॉट’ पर परखने उतर जाते हैं।

कटक टी20 में फिर उजागर हुई पुरानी कमजोरी

कटक टी20 में भी अभिषेक शर्मा की यही कमजोरी दुश्मन टीम के लिए तैयार प्लान बनकर सामने आई। सातवें ओवर में सिपामला ने उन्हें एक सोची-समझी स्लोअर शॉर्ट गेंद थमाई। अभिषेक ने फाइन लेग की दिशा में फ्लिक तो लगाया, लेकिन शॉट पर उनका दबदबा दिखा ही नहीं। गेंद हवा में तैरती हुई गई और मार्को यानसन ने डाइव लगाकर ऐसा कैच लपका कि अभिषेक की पारी फिर से अच्छी शुरुआत के बाद बीच राह में रुक गई। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जो कहानी बाउंसरों से शुरू हुई थी, कटक में वह दोबारा रिप्ले हो गई – छोटी गेंद, दाएं कान के पास आती लाइन और विकेट हवा में उड़ता हुआ। यही नहीं, पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज़ उमर गुल भी पहले ही इस तकनीकी खामी की तरफ इशारा कर चुके हैं। उनके मुताबिक – अभिषेक बल्ले को काफ़ी ऊपर से पकड़ते हैं, लॉन्ग हैंडल ग्रिप की वजह से उनका बैलेंस शॉर्ट बॉल पर थोड़ा गड़बड़ा जाता है,खासकर जब गेंद सीधे दाएं कान की तरफ उठती है, तो उनके शॉट पर कंट्रोल ढीला पड़ जाता है। अब हालात ये हैं कि दुनिया भर के तेज गेंदबाज उमर गुल की इसी ऑब्ज़र्वेशन को ताकतवर हथियार बनाकर इस्तेमाल कर रहे हैं और अभिषेक शर्मा की परीक्षा लगातार बाउंसरों से ले रहे हैं। Abhishek Sharma


संबंधित खबरें