
Exclusive Chetna Manch: हापुड़ (उत्तर प्रदेश) । उत्तर प्रदेश सरकार ने धौलाना विधानसभा क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में हुए 1 हजार करोड़ रूपये से भी अधिक के भूमि घोटाले की जांच के लिए एसआईटी (Special Investigative Team) का गठन किया है।
यह जानकारी उ.प्र. के गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने दी है। संजय प्रसाद ने बताया कि हापुड़ तथा गाजियाबाद जिले में फैले हुए धौलाना विधानसभा क्षेत्र में बड़े भूमि घोटाले की जानकारी मिली है। पता चला है कि कुछ सरकारी अधिकारियों व कर्मचारियों ने सांठ-गांठ करके अरबों रूपये की सरकारी जमीनों के फर्जी पट्टे बनाकर बेच डाली है। इस फर्जीवाड़े से सरकार को अरबों रूपये का नुकसान हुआ है। इस पूरे प्रकरण की गहनता से जांच करने के मकसद से एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है।
इस SIT में तीन सदस्य बनाए गए हैं जिनमें मेरठ मंडल के मंडलायुक्त, उत्तर प्रदेश शासन के राजस्व सचिव एवं मेरठ के पुलिस महानिरीक्षक को शामिल किया गया है। मंडलायुक्त को SIT का अध्यक्ष नामित किया गया है। यहां यह बताना आवश्यक है कि इस एसआईटी का गठन भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व सांसद प्रो. रमेश चंद तोमर द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र के आधार पर किया गया है।
श्री तोमर ने अपने पत्र में आरोप लगाया था कि धौलाना में स्थित लॉर्ड कृष्णा इंजीनियरिंग कॉलेज में 90 बीघे के फर्जी पट्टे करके सरकारी जमीन हथियाई गई है। धौलाना गांव समाज के खसरा नं0 252घ में स्थित एसएमसी की 40 बीघा जमीन के फर्जी पट्टे करके भू-माफियाओं ने अरबों रूपये के वारे-न्यारे कर लिए हैं। इसी प्रकार भोवापुर गांव के खसरा नं0-387 में स्थित 150 बीघा जमीन, धौलाना के ही खिचरा गांव में खसरा नं0-649 में दर्ज 100 बीघा से अधिक एलएमसी की जमीन, ग्राम हिंडालपुर के खसरा सं0-1 पर दर्ज डेढ हेक्टेयर जमीन, आनंदा फैक्टरी की चकरोड़, ग्राम खेड़ा में स्थित एलएमसी की 100 बीघा जमीन तथा ग्राम सिकैड़ा में भी कई बीघा सरकारी जमीन की बंदरबांट करके भू-माफियाओं ने 100 करोड़ से भी अधिक की सरकारी जमीनों को कब्जा रखा है।
पत्र में श्री तोमर का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बाद भी हापुड़ के जिलाधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। श्री तोमर के इसी पत्र के आधार पर उत्तर प्रदेश के गृह विभाग ने एसआईटी का गठन किया है।