ग्रेटर नोएडा। नोएडा कमिश्नरी पुलिस को एक बड़ी कामयाबी मिली है। एसओजी और ग्रेटर नोएडा की पुलिस की टीमों ने मिलकर 300 करोड़ रूपये मूल्य से अधिक की ड्रग्स का जखीरा पकड़ा है। साथ ही ड्रग्स माफिया गिरोह के कई सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है। बाकायदा ग्रेटर नोएडा शहर में ड्रग्स तैयार करने की एक फैक्ट्री चल रही थी। नोएडा पुलिस की इस कार्यवाही को उप्र में ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है।
नोएडा पुलिस की इस कार्रवाई को उत्तर प्रदेश पुलिस की एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पूरे प्रदेश के इतिहास में ड्रग्स की इतनी बड़ी खेप एक ही स्थान पर एक साथ पकड़ी गई है। बीटा-दो थाने में आयोजित प्रेसवार्ता में गौतमबुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने बताया कि सहायक पुलिस आयुक्त ग्रेटर नोएडा प्रथम, स्वाट टीम प्रभारी यतेंद्र कुमार, थाना बीटा—दो प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार, थानाध्यक्ष सुजीत कुमार उपाध्याय और टेक्निकल इंटेलीजेंस की टीम ने सिंथेटिक ड्रग्स के बड़े सिंडीकेट को पकड़ा। पुलिस ने अफ्रीकी मूल के नाइजीरियन नागरिक अनुदुन इमैनुअल, जाजोकू उबाका, डैनिल अजूह, ड्रामेमोमड, लेवी उजोचुक, जैकब एमफिले, कोफी, चिडी अस्बा और अजोकू किलिची को पकड़ा। इन लोगों ने कुछ दिनों पहले ही सूरजपुर थाना क्षेत्र के सेक्टर थीटा—दो में ड्रग्स बनाने की फैक्ट्री डाली थी। इन लोगों से बनी हुई 46 किलो मैथाफीटामाइन ड्रग्स बरामद हुई, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में मूल्य 200 करोड़ रुपये है। वहीं, सिंथेटिक ड्रग्स तैयार करने का रॉ मैटिरियल भी बरामद हुआ। उन्होंने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह इस ड्रग्स की दिल्ली एनसीआर में सप्लाई करते हैं। उन्होंने ग्रेटर नोएडा में अपना बेस बनाया है। यह लोग बिट क्वाइन के जरिये ड्रग्स का भुगतान लेते थे। इनके पास से बड़ी संख्या में सिंथेटिक ड्रग्स बनाने का सामान एक टोयटा इटियोस कार और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इनके सभी फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन, विदेशों से जुड़े तार के बारे में पुलिस जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि स्वाट टीम, एसओजी और ग्रेटर नोएडा थानों की अलग-अलग टीमों ने घेराबंदी करके 300 करोड़ रूपये की ड्रग्स पकड़ी है। इस ड्रग्स में लगभग 200 करोड़ मूल्य की नारकोटिक्स एमडीएमए (MDMA) नामक ड्रग्स बरामद हुई है। इसके अलावा कैमिकल से ड्रग्स बनाने के दूसरे कई कैमिकल और अनेक प्रकार का रॉ मैटेरियल भी पकड़ा गया है। ड्रग्स के इस धंधे को अंजाम देने वाले अफ्रीकी मूल के आधा दर्जन अभियुक्तों को भी पुलिस ने रंगे हाथों दबोचा है। जिन-जिन अभियुक्तों की गिरफ्तारी हुई है। उनके नामों से जल्द ही अवगत कराया जाएगा।
छात्रों के कारण यहां रहती हैं ड्रग्स माफियाओं की नजर
पाठकों को बता दें कि गौतमबुद्धनगर जिले में ग्रेटर नोएडा क्षेत्र पूरे उत्तर भारत का सबसे बड़ा शैक्षणिक केन्द्र है। ग्रेटर नोएडा एक बड़े एजुकेशन हब के रूप में विकसित हुआ है। यहां बड़ी संख्या में विश्व विद्यालय से लेकर स्कूल, कॉलेज व मेडिकल कालेज स्थापित हैं। दुनिया भर के दर्जनों देशों से बड़ी संख्या में छात्र, छात्राएं यहां पढऩे आते हैं। दुनिया भर के ड्रग्स माफियाओं की निगाह छात्र/छात्राओं के "युवा बाजार" पर रहती है। यही कारण है कि ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में गांजा, स्मैक व अफीम जैसे नशीले पदार्थों का धंधा करने वाले पकड़े जाते हैं।किन्तु इस बार पुलिस ने एक ही झटके में बड़ी कार्रवाई कर दी है। 300 करोड़ मूल्य की ड्रग्स पकड़े जाने को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नोएडा पुलिस की पीठ थपथपाई है।
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