मऊ जिले से सामने आए यौन शोषण के एक गंभीर मामले ने प्रदेश की कानून व्यवस्था और सियासत दोनों को हिलाकर रख दिया है। वहीं कुछ भाजपा नेताओं के पीड़िता के घर पहुंचने और उसके वीडियो के वायरल होने के बाद सियासी माहौल गरम हुआ ।

UP News : उत्तर प्रदेश के मऊ जिले से सामने आए यौन शोषण के एक गंभीर मामले ने कानून व्यवस्था के साथ-साथ प्रदेश की राजनीति में भी उबाल ला दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद मामला शांत होता नजर आ रहा था, लेकिन पीड़िता के घर कुछ भाजपा नेताओं के पहुंचने और कथित रूप से मुकदमा वापस लेने का दबाव बनाने के वीडियो के वायरल होते ही विवाद ने तूल पकड़ लिया है।
मामला उत्तर प्रदेश के मऊ जिले के थाना सराय लखंसी क्षेत्र का है। डूडा विभाग में तैनात इंजीनियर अंकित सिंह पर उसकी पूर्व महिला सहकर्मी ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने 23 जनवरी को मुकदमा दर्ज कर त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद यह माना जा रहा था कि मामला अब आगे नहीं बढ़ेगा, लेकिन कुछ दिनों बाद नया मोड़ तब आया जब आरोपी के समर्थन में कुछ भाजपा नेताओं के पीड़िता के घर पहुंचने का आरोप लगा।
आरोप है कि भाजपा से जुड़े कुछ नेता पीड़िता के घर पहुंचे और उस पर केस वापस लेने का दबाव बनाने लगे। पीड़िता ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जिसे बाद में सोशल मीडिया पर साझा किया गया। वीडियो के वायरल होते ही मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया।
वीडियो वायरल होने के बाद समाजवादी पार्टी ने इसे बड़ा मुद्दा बनाते हुए योगी सरकार पर सीधा हमला बोला। सपा ने अपने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से एक विवादित पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछे। सपा के पोस्ट में कहा कि मुख्यमंत्री महोदय, अगर कोडीन या कोई अन्य नशा उतर गया हो तो कृपया इस घटना पर शर्म कर लीजिए। क्या अब भाजपा नेताओं को रेप सेटलमेंट की ड्यूटी दे दी गई है? कोई शर्म है या सब बेच खाए हैं भाजपाई?
समाजवादी पार्टी के इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। विपक्षी दलों के साथ-साथ आम लोग भी सोशल मीडिया पर खुलकर पीड़िता के समर्थन में सामने आ रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच तथा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं। फिलहाल यह मामला केवल एक आपराधिक प्रकरण नहीं, बल्कि कानून, सत्ता और नैतिकता के बीच खड़े एक बड़े सवाल के रूप में देखा जा रहा है। प्रशासन की अगली कार्रवाई और सरकार की प्रतिक्रिया पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। UP News