मेरठ में सीएम योगी का इशारा बना चर्चा का विषय, संगीत सोम को हटने को कहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य हर हाल में 31 मई तक पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित समय पर शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सके।

UP News : मेरठ के सलावा क्षेत्र में निर्माणाधीन खेल विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक छोटा-सा इशारा राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का कारण बन गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक संगीत सोम को पीछे हटने का संकेत दिया और मौके पर मौजूद एक राज्यमंत्री को अपने पास बुलाया। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सीएम योगी खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य हर हाल में 31 मई तक पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित समय पर शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सके।
सीएम ने संगीत सोम पीछे हटने को कहा
निरीक्षण के समय पूर्व विधायक संगीत सोम मुख्यमंत्री के काफी नजदीक खड़े दिखाई दिए। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने हाथ के इशारे से उन्हें पीछे रहने को कहा और यह स्पष्ट किया कि मंत्री को आगे खड़ा किया जाए। इसके बाद राज्य सरकार में मंत्री दिनेश खटीक आगे आए और मुख्यमंत्री के पास खड़े हो गए, जबकि संगीत सोम पीछे हट गए। यह दृश्य वहां मौजूद मीडिया कैमरों में कैद हो गया। वीडियो सामने आते ही इसे सोशल मीडिया पर साझा किया जाने लगा, जिसके बाद राजनीतिक चचार्एं तेज हो गईं। जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह कदम केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि यह प्रशासनिक मर्यादा और पद की गरिमा को रेखांकित करने वाला संदेश भी था।
संगीत सोम पहले भी विवादों में आ चुके हैं
गौरतलब है कि संगीत सोम वर्तमान में न तो विधायक हैं और न ही सरकार में किसी पद पर हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री का यह व्यवहार राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे पहले भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान संगीत सोम को लेकर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज नजर आए थे और पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस की चर्चा हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन और प्रशासनिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ इसे अनुशासन का स्पष्ट संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। भले ही यह घटना कुछ क्षणों की रही हो, लेकिन इसका असर गहरा माना जा रहा है और मेरठ की राजनीति में इसे एक अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।
UP News : मेरठ के सलावा क्षेत्र में निर्माणाधीन खेल विश्वविद्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक छोटा-सा इशारा राजनीतिक गलियारों में बड़ी चर्चा का कारण बन गया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायक संगीत सोम को पीछे हटने का संकेत दिया और मौके पर मौजूद एक राज्यमंत्री को अपने पास बुलाया। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
सीएम योगी खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खेल विश्वविद्यालय परियोजना की प्रगति का जायजा लेने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य हर हाल में 31 मई तक पूरा किया जाए, ताकि निर्धारित समय पर शैक्षणिक सत्र शुरू किया जा सके।
सीएम ने संगीत सोम पीछे हटने को कहा
निरीक्षण के समय पूर्व विधायक संगीत सोम मुख्यमंत्री के काफी नजदीक खड़े दिखाई दिए। इसी दौरान मुख्यमंत्री ने हाथ के इशारे से उन्हें पीछे रहने को कहा और यह स्पष्ट किया कि मंत्री को आगे खड़ा किया जाए। इसके बाद राज्य सरकार में मंत्री दिनेश खटीक आगे आए और मुख्यमंत्री के पास खड़े हो गए, जबकि संगीत सोम पीछे हट गए। यह दृश्य वहां मौजूद मीडिया कैमरों में कैद हो गया। वीडियो सामने आते ही इसे सोशल मीडिया पर साझा किया जाने लगा, जिसके बाद राजनीतिक चचार्एं तेज हो गईं। जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह कदम केवल औपचारिक नहीं था, बल्कि यह प्रशासनिक मर्यादा और पद की गरिमा को रेखांकित करने वाला संदेश भी था।
संगीत सोम पहले भी विवादों में आ चुके हैं
गौरतलब है कि संगीत सोम वर्तमान में न तो विधायक हैं और न ही सरकार में किसी पद पर हैं। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर मुख्यमंत्री का यह व्यवहार राजनीतिक रूप से अहम माना जा रहा है। इससे पहले भी कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के दौरान संगीत सोम को लेकर एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराज नजर आए थे और पुलिस अधिकारियों से उनकी बहस की चर्चा हुई थी। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन और प्रशासनिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। कुछ इसे अनुशासन का स्पष्ट संकेत मान रहे हैं, तो कुछ इसे आने वाले समय की राजनीतिक रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। भले ही यह घटना कुछ क्षणों की रही हो, लेकिन इसका असर गहरा माना जा रहा है और मेरठ की राजनीति में इसे एक अहम घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है।

















