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UP News : उत्तर प्रदेश के बहराइच जनपद के कैसरगंज थाने के गोहडिया गांव में सुहागरात की रात हुई दुल्हा व दुल्हन की मौत एक ऐसी मिस्ट्री बन चुकी है, जिसने सभी के दिमाग को हिलाकर दिया है। जिस कमरे में दोनों की मौत हुई वह कमरा भी रहस्यमय बना हुआ है। पुलिस जहां मौत के कारणों को जानने में उलझी हुई है, वहीं दूल्हा दुल्हन की मौत मेडिकल जगत के लिए भी शोध का विषय बन चुकी है। डाक्टर भी हैरान हैं कि एक कमरे के भीतर कैसे कपल को हार्ट अटैक हो सकता है। बरहाल, इस मामले से न केवल दूल्हे के गांव में तीन दिन से पूरी तरह से मातम पसरा हुआ है, बल्कि आसपास के गांवों में भी दंपत्ति की मौत से शोक व्याप्त है। दंपत्ति की मौत पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है।
आपको बता दें कि यूपी के बहराइच जिले के कैसरगंज थाना इलाके के गोडहिया गांव में बीती एक जून की सुबह नवविवाहित प्रताप और पुष्पा अपने बेड पर मृत मिले थे। 22 वर्षीय प्रताप यादव की 30 मई 2023 को क्षेत्र के मंगल मेला गांव में शादी हुई थी। खुशियों भरे माहौल में 31 मई को प्रताप अपनी दुल्हन को विदा कराकर घर लाया था। घर में महिलाओं ने मंगल गीत गाकर दूल्हा-दुल्हन की अगवानी की। देर रात तक घर में जश्न मनाया गया। इसके बाद दूसरे दिन बेड पर दोनों की लाश मिली। पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई तो चौंकाने वाली बात सामने आई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, दूल्हा-दुल्हन की मौत हार्टअटैक से हुई थी।
मृतक प्रताप के पिता सुंदरलाल आज ही अपने बहू-बेटे की अस्थियों को गंगा में प्रवाहित कर लौटे हैं। बुजुर्ग सुंदरलाल ने रुंधे गले से बताया कि एक ही रात में उनकी तो पूरी दुनिया ही उजड़ गई। उनके 3 बेटे हैं लेकिन प्रताप ही घर चलाने वाला सबसे होनहार बेटा था। सुंदर लाल ने बताया कि उस रात देर तक घर में जश्न जैसा माहौल था। घर में भाई-बहनों के साथ दूल्हा-दुल्हन आंगन में बिखरे गेहूं पर जमकर नाचे थे। उस समय तक किसी को भी इस घटना का अंदाजा तक नहीं था।
प्रताप की मां जिन्होंने लंबा घूंघट डालकर आई बहू को खुशी-खुशी पारिवारिक रस्मों के साथ बांह पकड़कर उसके कमरे तक पहुंचाया था, उन्हें उस मनहूस घड़ी को याद करने से भी डर लगता है।
प्रताप की मां ने पथराई आंखों से कि मैंने अपनी पुरानी रिश्तेदारी में ही यह शादी तय की थी। बेटा-बहू भी एक-दूसरे को पहले से जानते थे। प्रताप और पुष्पा शादी से दोनों खुश थे। रिश्तेदार या परिवार के किसी भी सदस्य किसी को इस शादी से कोई आपत्ति नहीं थी। उस रात देर तक नाच गाना चला। सभी ने देर रात खाना खाया।
बहू-बेटा भी देर रात सोने के लिए अपने कमरे में गए। हालांकि, थोड़ी देर बाद प्रताप कमरे से बाहर भी आया। लेकिन मर्यादा के चलते मां ने उससे कोई बात नहीं की। अपने गांव जा रहे मामा को रुकने की बात कहकर प्रताप दोबारा अपने कमरे में सोने चला गया।
सुबह बेटा और बहू को इसलिए जल्दी नहीं जगाया क्योंकि शादी की थकान के चलते दोनों दो दिन से सोए नहीं थे। लेकिन जब ज्यादा देर हो गई तो उन्होंने कमरे की खिड़की पर पड़े पर्दे को हटाकर अंदर झांका तो दोनों पति-पत्नी सोते दिखे। आवाज देकर उन्हें जगाने की कोशिश की, लेकिन जब उनके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई तो फिर कुछ शक हुआ। फिर एक छोटी बच्ची को खिड़की से कमरे में कुदाया। तब उसने अंदर से बंद उनके कमरे का दरवाजा खोला और जब नजदीक से देखा गया तो सुहाग की सेज पर मुंह के बल लेटी बहू और उसके बगल पड़ा बेटा मरे पड़े थे।
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घटना के बाद पुलिस ने उस कमरे में ताला लगा दिया है। कमरे के भीतर अभी भी दुल्हन का बेड और मायके से मिला सारा दहेज का सामान अब अपने असल वारिस के बिना सूना पड़ा है। एक कोने में विवाह मंडप पर दान में मिले दर्जनों स्टील के बर्तन भी रखे हैं।
मृतक प्रताप के उस कमरे में एक बात बेहद चौंकाने वाली दिखाई दी। दरअसल, कमरे में हवा पास होने के लिए एक छोटी खिड़की के सिवाय कोई अन्य रास्ता नहीं है और घर में बिजली भी नहीं है। उस रात भी शर्म के मारे नवविवाहित जोड़े ने दरवाजे के पास वाली छोटी-सी खिड़की को भी पूरी तरह पर्दे से बंद कर रखा था।
गांव के ग्राम प्रधान पवन यादव ने बताया कि घटना के दिन दोपहर में जब वो पुलिस इंस्पेक्टर के साथ उस बंद कमरे में दाखिल हुए, तो पता चला कि विवाह के कुछ दिन पहले ही उस कमरे का ताजा ताजा पेंट हुआ था। उसमें पेंट की बेइंतहा गंध भरी हुई थी। उस कमरे में इतनी अधिक गर्मी थी कि उसमें कुछ मिनट भी ठहरना मुश्किल था। UP News
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