एक ही छत के नीचे होगी पिज्जा हट और KFC की दुनिया, होगी सबसे बड़ी डील
भारत के फास्ट-फूड मार्केट में केएफसी और पिज़्ज़ा हट की ऑपरेटर कंपनी का ऐतिहासिक मर्जर होने जा रहा है। देवयानी इंटरनेशनल और सफायर फूड्स के विलय से देश का सबसे बड़ा क्विक‑सर्विस रेस्टोरेंट ऑपरेटर बन जाएगा। इस डील से शेयर बाजार में तेजी देखी गई है और निवेशकों की नजरें अब इस मुनाफे के अवसर पर टिकी हैं।

भारत के फास्ट-फूड बाजार में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। केएफसी और पिज्जा हट की ऑपरेटर कंपनी सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड जल्द ही देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड में मर्जर होने जा रही है। यह डील फास्ट-फूड इंडस्ट्री के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा मर्जर माना जा रहा है।
खबरों के मुताबिक, यह मर्जर ऐसे समय हो रहा है जब भारत में फास्ट-फूड फ्रेंचाइजी घटती बिक्री और घटते मार्जिन के दबाव का सामना कर रही हैं। बढ़ती महंगाई के चलते ग्राहक बाहर खाने की बजाय घर पर ही खाना ऑर्डर करना पसंद कर रहे हैं।
जारी की जाएगी 177 शेयर
डील के तहत देवयानी इंटरनेशनल, सफायर फूड्स के प्रत्येक 100 शेयरों के बदले 177 शेयर जारी करेगी। कंपनी को ज्वॉइंट यूनिट के ऑपरेशन के दूसरे पूरे वर्ष से 210 करोड़ रुपए से 225 करोड़ रुपए तक का सालाना फायदा मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्रुप की कंपनी आर्कटिक इंटरनेशनल मौजूदा प्रमोटरों से सफायर फूड्स की लगभग 18.5 प्रतिशत पेड-अप इक्विटी खरीदने जा रही है। इस प्रक्रिया में वित्तीय निवेशक को हिस्सेदारी सौंपने का विकल्प भी शामिल है।
मर्जर की मंजूरी और समयसीमा
प्रस्तावित मर्जर को लागू होने के लिए कई नियामक और वैधानिक स्वीकृतियों की जरूरत है। इसमें स्टॉक एक्सचेंज, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण और दोनों कंपनियों के शेयरधारक तथा लेनदार शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सभी स्वीकृतियां प्राप्त करने में लगभग 12 से 15 महीने का समय लगेगा जिसके बाद मर्जर प्रभावी हो जाएगा।
भारत में सबसे बड़ा क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR)
लेनदेन पूरा होने के बाद देवयानी इंटरनेशनल दोनों कंपनियों के संचालन को मिलाकर भारत के सबसे बड़े क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट संचालकों में शामिल हो जाएगी। देवयानी इंटरनेशनल के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष रवि जयपुरिया ने कहा, "यह मर्जर हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है। अब डीआईएल को पूरे भारतीय बाजार में केएफसी और पिज्जा हट ब्रांडों के लिए फ्रेंचाइज अधिकार मिल गए हैं। इसके साथ ही हमारी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति, विशेषकर श्रीलंका में और भी मजबूत होगी।"
शेयर बाजार में तेजी
इस ऐलान के तुरंत बाद देवयानी इंटरनेशनल के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का शेयर करीब 8% बढ़कर 159.45 रुपए पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार के दौरान यह 156.90 रुपए पर खुला था। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मर्जर से कंपनी की बाजार स्थिति और वित्तीय मजबूती में काफी सुधार आएगा।
भारत के फास्ट-फूड बाजार में एक बड़ा बदलाव होने वाला है। केएफसी और पिज्जा हट की ऑपरेटर कंपनी सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड जल्द ही देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड में मर्जर होने जा रही है। यह डील फास्ट-फूड इंडस्ट्री के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा मर्जर माना जा रहा है।
खबरों के मुताबिक, यह मर्जर ऐसे समय हो रहा है जब भारत में फास्ट-फूड फ्रेंचाइजी घटती बिक्री और घटते मार्जिन के दबाव का सामना कर रही हैं। बढ़ती महंगाई के चलते ग्राहक बाहर खाने की बजाय घर पर ही खाना ऑर्डर करना पसंद कर रहे हैं।
जारी की जाएगी 177 शेयर
डील के तहत देवयानी इंटरनेशनल, सफायर फूड्स के प्रत्येक 100 शेयरों के बदले 177 शेयर जारी करेगी। कंपनी को ज्वॉइंट यूनिट के ऑपरेशन के दूसरे पूरे वर्ष से 210 करोड़ रुपए से 225 करोड़ रुपए तक का सालाना फायदा मिलने की उम्मीद है। साथ ही ग्रुप की कंपनी आर्कटिक इंटरनेशनल मौजूदा प्रमोटरों से सफायर फूड्स की लगभग 18.5 प्रतिशत पेड-अप इक्विटी खरीदने जा रही है। इस प्रक्रिया में वित्तीय निवेशक को हिस्सेदारी सौंपने का विकल्प भी शामिल है।
मर्जर की मंजूरी और समयसीमा
प्रस्तावित मर्जर को लागू होने के लिए कई नियामक और वैधानिक स्वीकृतियों की जरूरत है। इसमें स्टॉक एक्सचेंज, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण और दोनों कंपनियों के शेयरधारक तथा लेनदार शामिल हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सभी स्वीकृतियां प्राप्त करने में लगभग 12 से 15 महीने का समय लगेगा जिसके बाद मर्जर प्रभावी हो जाएगा।
भारत में सबसे बड़ा क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट (QSR)
लेनदेन पूरा होने के बाद देवयानी इंटरनेशनल दोनों कंपनियों के संचालन को मिलाकर भारत के सबसे बड़े क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट संचालकों में शामिल हो जाएगी। देवयानी इंटरनेशनल के गैर-कार्यकारी अध्यक्ष रवि जयपुरिया ने कहा, "यह मर्जर हमारी विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक कदम है। अब डीआईएल को पूरे भारतीय बाजार में केएफसी और पिज्जा हट ब्रांडों के लिए फ्रेंचाइज अधिकार मिल गए हैं। इसके साथ ही हमारी अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति, विशेषकर श्रीलंका में और भी मजबूत होगी।"
शेयर बाजार में तेजी
इस ऐलान के तुरंत बाद देवयानी इंटरनेशनल के शेयरों में जबरदस्त तेजी देखने को मिली। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का शेयर करीब 8% बढ़कर 159.45 रुपए पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार के दौरान यह 156.90 रुपए पर खुला था। विशेषज्ञ मानते हैं कि इस मर्जर से कंपनी की बाजार स्थिति और वित्तीय मजबूती में काफी सुधार आएगा।












