एलपीजी सिलेंडर के आज क्या हैं रेट, सप्लाई पर क्या है बड़ा अपडेट?
देशभर में 24 मार्च को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत बनी हुई है और गैस पुराने रेट पर ही मिल रही है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात ने ऊर्जा बाजार की बेचैनी बढ़ा दी है।

LPG Price Today : देशभर में 24 मार्च को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत बनी हुई है और गैस पुराने रेट पर ही मिल रही है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात ने ऊर्जा बाजार की बेचैनी बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बने संकट ने भारत की एलपीजी सप्लाई को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले दिनों में रसोई गैस और महंगी हो सकती है।
मध्य पूर्व के तनाव का भारत की गैस सप्लाई पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर अब ईंधन आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। अनुमान है कि देश की करीब 60 से 65 फीसदी एलपीजी मांग आयात के जरिए पूरी होती है, और इसमें भी अधिकांश सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आती है। यही वजह है कि इस समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह का संकट भारत के लिए चिंता का कारण बन जाता है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
मार्च की शुरुआत में बढ़े थे गैस के दाम
स्थिति को संतुलित रखने के लिए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो, इस पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। वहीं कमर्शियल उपभोक्ताओं की सप्लाई को सीमित दायरे में रखा गया है, ताकि घरेलू खपत पर कोई दबाव न पड़े। सरकार का मकसद साफ है संकट की घड़ी में आम घरों की रसोई पर असर नहीं पड़ना चाहिए।एलपीजी कीमतों में आखिरी बार बदलाव मार्च की शुरुआत में हुआ था। 7 मार्च को घरेलू सिलेंडर के दाम में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹115 बढ़ाई गई थी। इसके बाद से अब तक कोई नई बढ़ोतरी या कटौती नहीं की गई है।
आज देश के बड़े शहरों में एलपीजी के रेट
देश के प्रमुख शहरों में आज घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:
नई दिल्ली: घरेलू ₹913 | कमर्शियल ₹1,884.50
मुंबई: घरेलू ₹912.50 | कमर्शियल ₹1,836
कोलकाता: घरेलू ₹939 | कमर्शियल ₹1,988.50
चेन्नई: घरेलू ₹928.50 | कमर्शियल ₹2,043.50
हैदराबाद: घरेलू ₹965 | कमर्शियल ₹2,105.50
लखनऊ: घरेलू ₹950.50 | कमर्शियल ₹2,007
बेंगलुरु: घरेलू ₹915.50 | कमर्शियल ₹1,958
पटना: घरेलू ₹1,002.50 | कमर्शियल ₹2,133.50
सरकार सप्लाई व्यवस्था मजबूत करने में जुटी
एलपीजी सप्लाई को लंबे समय तक स्थिर बनाए रखने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। शहरी गैस वितरण परियोजनाओं को तेज किया जा रहा है। पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG को बढ़ावा देने के साथ-साथ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स को जल्द मंजूरी देने पर भी जोर है। सरकार चाहती है कि बड़े शहरों में कमर्शियल जरूरतों के लिए एलपीजी पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो, ताकि दबाव कम किया जा सके। मौजूदा हालात ने यह भी साफ कर दिया है कि सिर्फ सीमित स्टॉक पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। अभी तेल कंपनियों के पास बहुत कम अवधि का परिचालन स्टॉक रहता है, जो किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान पर्याप्त नहीं माना जाता। इसी को देखते हुए सरकार अब एलपीजी के दीर्घकालिक भंडारण और भूमिगत स्टोरेज ढांचे को विकसित करने की योजना पर विचार कर रही है।
भारत नए आयात विकल्पों पर भी कर रहा काम
सप्लाई जोखिम को कम करने के लिए भारत अब पारंपरिक स्रोतों से आगे बढ़कर दूसरे देशों की ओर भी देख रहा है। अमेरिका और कनाडा जैसे देशों से एलपीजी आयात बढ़ाने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसी रणनीति के तहत भारतीय कंपनियां नए समझौते कर रही हैं, ताकि एक ही क्षेत्र पर निर्भरता कम हो और संकट के समय आपूर्ति बनी रहे। LPG Price Today
LPG Price Today : देशभर में 24 मार्च को घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी फिलहाल उपभोक्ताओं को राहत बनी हुई है और गैस पुराने रेट पर ही मिल रही है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय हालात ने ऊर्जा बाजार की बेचैनी बढ़ा दी है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और होर्मुज स्ट्रेट के आसपास बने संकट ने भारत की एलपीजी सप्लाई को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है। ऐसे में सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले दिनों में रसोई गैस और महंगी हो सकती है।
मध्य पूर्व के तनाव का भारत की गैस सप्लाई पर असर
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष का असर अब ईंधन आपूर्ति पर भी दिखने लगा है। भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से मंगाता है। अनुमान है कि देश की करीब 60 से 65 फीसदी एलपीजी मांग आयात के जरिए पूरी होती है, और इसमें भी अधिकांश सप्लाई होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते आती है। यही वजह है कि इस समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह का संकट भारत के लिए चिंता का कारण बन जाता है। हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल देश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आम उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।
मार्च की शुरुआत में बढ़े थे गैस के दाम
स्थिति को संतुलित रखने के लिए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने की रणनीति अपनाई है। इसके तहत रसोई गैस की उपलब्धता प्रभावित न हो, इस पर सबसे ज्यादा जोर दिया जा रहा है। वहीं कमर्शियल उपभोक्ताओं की सप्लाई को सीमित दायरे में रखा गया है, ताकि घरेलू खपत पर कोई दबाव न पड़े। सरकार का मकसद साफ है संकट की घड़ी में आम घरों की रसोई पर असर नहीं पड़ना चाहिए।एलपीजी कीमतों में आखिरी बार बदलाव मार्च की शुरुआत में हुआ था। 7 मार्च को घरेलू सिलेंडर के दाम में ₹60 की बढ़ोतरी की गई थी, जबकि 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹115 बढ़ाई गई थी। इसके बाद से अब तक कोई नई बढ़ोतरी या कटौती नहीं की गई है।
आज देश के बड़े शहरों में एलपीजी के रेट
देश के प्रमुख शहरों में आज घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतें इस प्रकार हैं:
नई दिल्ली: घरेलू ₹913 | कमर्शियल ₹1,884.50
मुंबई: घरेलू ₹912.50 | कमर्शियल ₹1,836
कोलकाता: घरेलू ₹939 | कमर्शियल ₹1,988.50
चेन्नई: घरेलू ₹928.50 | कमर्शियल ₹2,043.50
हैदराबाद: घरेलू ₹965 | कमर्शियल ₹2,105.50
लखनऊ: घरेलू ₹950.50 | कमर्शियल ₹2,007
बेंगलुरु: घरेलू ₹915.50 | कमर्शियल ₹1,958
पटना: घरेलू ₹1,002.50 | कमर्शियल ₹2,133.50
सरकार सप्लाई व्यवस्था मजबूत करने में जुटी
एलपीजी सप्लाई को लंबे समय तक स्थिर बनाए रखने के लिए सरकार कई स्तरों पर काम कर रही है। शहरी गैस वितरण परियोजनाओं को तेज किया जा रहा है। पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG को बढ़ावा देने के साथ-साथ सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन प्रोजेक्ट्स को जल्द मंजूरी देने पर भी जोर है। सरकार चाहती है कि बड़े शहरों में कमर्शियल जरूरतों के लिए एलपीजी पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो, ताकि दबाव कम किया जा सके। मौजूदा हालात ने यह भी साफ कर दिया है कि सिर्फ सीमित स्टॉक पर निर्भर रहना जोखिम भरा हो सकता है। अभी तेल कंपनियों के पास बहुत कम अवधि का परिचालन स्टॉक रहता है, जो किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान पर्याप्त नहीं माना जाता। इसी को देखते हुए सरकार अब एलपीजी के दीर्घकालिक भंडारण और भूमिगत स्टोरेज ढांचे को विकसित करने की योजना पर विचार कर रही है।
भारत नए आयात विकल्पों पर भी कर रहा काम
सप्लाई जोखिम को कम करने के लिए भारत अब पारंपरिक स्रोतों से आगे बढ़कर दूसरे देशों की ओर भी देख रहा है। अमेरिका और कनाडा जैसे देशों से एलपीजी आयात बढ़ाने की दिशा में प्रयास तेज किए जा रहे हैं। इसी रणनीति के तहत भारतीय कंपनियां नए समझौते कर रही हैं, ताकि एक ही क्षेत्र पर निर्भरता कम हो और संकट के समय आपूर्ति बनी रहे। LPG Price Today












