वर्ष-2026 के बजट में रचा जाएगा नया इतिहास, सरकार तैयार
1 फवरी को रविवार होने के बावजूद वर्ष-2026 के बजट को 1 फरवरी के दिन ही संसद में पेश करने का फैसला किया है। भारत के इतिहास में यह ऐतिहासिक घटना होने जा रही है कि भारत सरकार का बजट रविवार के दिन संसद में पेश किया जाएगा। इस मामले में वर्ष-2026 का बजट नया इतिहास रचने जा रहा है।

Budget 2026 : भारत सरकार की तरफ से वर्ष-2026 का वार्षिक बजट एक नया इतिहास बनाएगा। भारत सरकार की तरफ से केन्द्र वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण वर्ष-2026 का बजट पेश करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। केन्द्र सरकार के अंतरंग सूत्रों ने बताया कि वर्ष-2026 के बजट को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वित्त मंत्रालय की एक बहुत बड़ी टीम बजट-2026 को अंतिम रूप देने में लगी हुई है।
इस खास कारण से ऐतिहासिक होगा वर्ष-2026 का बजट
आपको बता दें कि वर्ष-2026 तक भारत सरकार का बजट फरवरी की आखिरी तारीख यानि 28 अथवा 29 फरवरी को संसद में पेश किया जाता था। वर्ष-2017 के बाद भारत सरकार ने केन्द्रीय बजट को फरवरी की पहली तारीख (1 फरवरी) को पेश करना शुरू कर दिया था। वर्ष-2017 से लगातार केन्द्रीय बजट 1 फरवरी को ही संसद में पेश किया जाता रहा है। वर्ष-2017 के बाद यह पहला मौका है कि जब 1 फरवरी को रविवार का दिन पड़ रहा है। 1 फवरी को रविवार होने के बावजूद वर्ष-2026 के बजट को 1 फरवरी के दिन ही संसद में पेश करने का फैसला किया है। भारत के इतिहास में यह ऐतिहासिक घटना होने जा रही है कि भारत सरकार का बजट रविवार के दिन संसद में पेश किया जाएगा। इस मामले में वर्ष-2026 का बजट नया इतिहास रचने जा रहा है।
क्या-क्या खास होगा वर्ष-2026 के बजट में
संसद में पेश होने तक भारत में बजट की व्यवस्था को गोपनीय रखा जाता है। बजट में क्या-क्या नया होने वाला है इस बात की भनक किसी को भी नहीं लगने दी जाती है। यहां तक गोपनीयता बरती जाती है कि बजट से जुड़े अधिकारियों तथा कर्मचारियों को किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने तक नहीं दिया जाता है। इस कारण से वर्ष-2026 के बजट के विषय में कोई भी भविष्यवाणी केवल कोरी कल्पना ही हो सकती है। अत: हम इस विषय में आपको कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं।
भारत के संविधान में जिक्र तक नहीं है बजट का
बजट की चर्चा चल रही है तो आपको बता दें कि भारत के संविधान में कहीं भी बजट का जिक्र तक नहीं है। भारत के संविधान में बजट की जगह अनुच्छेद 112 में जानकारी तो दी गई है लेकिन इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 112 में बजट को बजट नहीं बल्कि वार्षिक वित्तीय विवरण यानी Annual Financia Statement(AFS) कहा जाता है। इसका अर्थ सरकार की अनुमानित आय (इनकम) और व्यय (खर्च) का एक ब्यौरा है. बताया जाता है कि Annual Financia Statement(AFS) शब्द अंग्रेजों की परंपरा से आया हुआ है, जिसे भारत के संविधान बनाने वालों ने 'वार्षिक वित्तीय विवरण' कहा है। मतलब कि आप कह सकते हैं कि संविधान में लिखित 'वार्षिक वित्तीय विवरण' का ही लोकप्रिय नाम बजट है।
लम्बा इतिहास है बजट शब्द का
बजट शब्द के इतिहास की बात करें तो बजट शब्द का इतिहास एक लम्बा इतिहास है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार बजट शब्द कुछ दशक पहले आया है, लेकिन इसकी यात्रा काफी पुरानी है। सबसे पहले हम यहां बात बजट शब्द के आने की करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शब्द लैटिन के 'बुल्गा'(Bulga) से निकला हुआ है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का थैला या बैग। उसके बाद यह फ्रांसीसी रूप में आ गया। मतलब कि लैटिन से फ्रांसीसी में इसे बोजेट (Bougeette) कहा जाने लगा, जिसका अर्थ होता है चमड़े का छोटा थैला. उसके बाद यह शब्द 15वीं शताब्दी में अग्रेजी में एंट्री कर लिया। जी हां, अंग्रेजी में यह पहले बोगेट (Bogget) कहलाया, जो बाद में चलकर बजट (Budget) के रूप में पहचाना गया। भारत में भी इसी बजट शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन देश के संविधान में इस शब्द का जिक्र नहीं है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बजट शब्द कुछ दशक पहले आया है, लेकिन इसकी यात्रा काफी पुरानी है। सबसे पहले हम यहां बात बजट शब्द के आने की करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शब्द लैटिन के 'बुल्गा'(Bulga) से निकला हुआ है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का थैला या बैग। उसके बाद यह फ्रांसीसी रूप में आ गया। मतलब कि लैटिन से फ्रांसीसी में इसे बोजेट (Bougeette) कहा जाने लगा, जिसका अर्थ होता है चमड़े का छोटा थैला। उसके बाद यह शब्द 15वीं शताब्दी में अग्रेजी में एंट्री कर लिया। जी हां, अंग्रेजी में यह पहले बोगेट (Bogget) कहलाया, जो बाद में चलकर बजट (Budget) के रूप में पहचाना गया। भारत में भी इसी बजट शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन देश के संविधान में इस शब्द का जिक्र नहीं है।
सबसे अधिक बजट पेश करने के मामले में पीछे है निर्मला सीतारमण
आपको यह नहीं पता होगा कि भारत में सबसे ज्यादा बजट भारत के किस वित्त म़ंत्री ने पेश किए हैं। यदि आप यह मान रहे हैं कि बजट पेश करने के मामले में भारत की वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नम्बर—1 पर हैं तो आप गलत हैं। हम आपको विस्तार से बताते हैं कि भारत में सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकार्ड किस नेता के नाम पर दर्ज है।
मोरारजी देसाई हैं सबसे अधिक बार बजट पेश करने वाले नेता
भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकार्ड मौजूद है। स्व0 मोरारजी देसाई ने अपने जीवन काल में भारत सरकार के 10 बजट पेश किए थे। मोरारजी देसाई के बाद इस कड़ी में दूसरा नम्बर पूर्व वित्त मंत्री पी.0 चिदम्बरम ने 9 बार भारत का केन्द्रीय बजट संसद में पेश किया था। इस मामले में तीसरा नम्बर प्रणव मुखर्जी का है उन्होंने 8 बार बजट पेश किया था। वर्ष—2025 का बजट पेश करके वर्तमान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण प्रणव मुखर्जी जी बराबरी कर ली थी। निर्मला सीतारमण वर्ष 2026 का बजट पेश करके 9 बार बजट पेश करने वाली वित्त मंत्री बन जाएंगी। Budget 2026
Budget 2026 : भारत सरकार की तरफ से वर्ष-2026 का वार्षिक बजट एक नया इतिहास बनाएगा। भारत सरकार की तरफ से केन्द्र वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण वर्ष-2026 का बजट पेश करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। केन्द्र सरकार के अंतरंग सूत्रों ने बताया कि वर्ष-2026 के बजट को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वित्त मंत्रालय की एक बहुत बड़ी टीम बजट-2026 को अंतिम रूप देने में लगी हुई है।
इस खास कारण से ऐतिहासिक होगा वर्ष-2026 का बजट
आपको बता दें कि वर्ष-2026 तक भारत सरकार का बजट फरवरी की आखिरी तारीख यानि 28 अथवा 29 फरवरी को संसद में पेश किया जाता था। वर्ष-2017 के बाद भारत सरकार ने केन्द्रीय बजट को फरवरी की पहली तारीख (1 फरवरी) को पेश करना शुरू कर दिया था। वर्ष-2017 से लगातार केन्द्रीय बजट 1 फरवरी को ही संसद में पेश किया जाता रहा है। वर्ष-2017 के बाद यह पहला मौका है कि जब 1 फरवरी को रविवार का दिन पड़ रहा है। 1 फवरी को रविवार होने के बावजूद वर्ष-2026 के बजट को 1 फरवरी के दिन ही संसद में पेश करने का फैसला किया है। भारत के इतिहास में यह ऐतिहासिक घटना होने जा रही है कि भारत सरकार का बजट रविवार के दिन संसद में पेश किया जाएगा। इस मामले में वर्ष-2026 का बजट नया इतिहास रचने जा रहा है।
क्या-क्या खास होगा वर्ष-2026 के बजट में
संसद में पेश होने तक भारत में बजट की व्यवस्था को गोपनीय रखा जाता है। बजट में क्या-क्या नया होने वाला है इस बात की भनक किसी को भी नहीं लगने दी जाती है। यहां तक गोपनीयता बरती जाती है कि बजट से जुड़े अधिकारियों तथा कर्मचारियों को किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने तक नहीं दिया जाता है। इस कारण से वर्ष-2026 के बजट के विषय में कोई भी भविष्यवाणी केवल कोरी कल्पना ही हो सकती है। अत: हम इस विषय में आपको कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं।
भारत के संविधान में जिक्र तक नहीं है बजट का
बजट की चर्चा चल रही है तो आपको बता दें कि भारत के संविधान में कहीं भी बजट का जिक्र तक नहीं है। भारत के संविधान में बजट की जगह अनुच्छेद 112 में जानकारी तो दी गई है लेकिन इस शब्द का इस्तेमाल नहीं किया गया है। संविधान के अनुच्छेद 112 में बजट को बजट नहीं बल्कि वार्षिक वित्तीय विवरण यानी Annual Financia Statement(AFS) कहा जाता है। इसका अर्थ सरकार की अनुमानित आय (इनकम) और व्यय (खर्च) का एक ब्यौरा है. बताया जाता है कि Annual Financia Statement(AFS) शब्द अंग्रेजों की परंपरा से आया हुआ है, जिसे भारत के संविधान बनाने वालों ने 'वार्षिक वित्तीय विवरण' कहा है। मतलब कि आप कह सकते हैं कि संविधान में लिखित 'वार्षिक वित्तीय विवरण' का ही लोकप्रिय नाम बजट है।
लम्बा इतिहास है बजट शब्द का
बजट शब्द के इतिहास की बात करें तो बजट शब्द का इतिहास एक लम्बा इतिहास है। अब तक मिली जानकारी के अनुसार बजट शब्द कुछ दशक पहले आया है, लेकिन इसकी यात्रा काफी पुरानी है। सबसे पहले हम यहां बात बजट शब्द के आने की करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शब्द लैटिन के 'बुल्गा'(Bulga) से निकला हुआ है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का थैला या बैग। उसके बाद यह फ्रांसीसी रूप में आ गया। मतलब कि लैटिन से फ्रांसीसी में इसे बोजेट (Bougeette) कहा जाने लगा, जिसका अर्थ होता है चमड़े का छोटा थैला. उसके बाद यह शब्द 15वीं शताब्दी में अग्रेजी में एंट्री कर लिया। जी हां, अंग्रेजी में यह पहले बोगेट (Bogget) कहलाया, जो बाद में चलकर बजट (Budget) के रूप में पहचाना गया। भारत में भी इसी बजट शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन देश के संविधान में इस शब्द का जिक्र नहीं है। विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बजट शब्द कुछ दशक पहले आया है, लेकिन इसकी यात्रा काफी पुरानी है। सबसे पहले हम यहां बात बजट शब्द के आने की करते हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह शब्द लैटिन के 'बुल्गा'(Bulga) से निकला हुआ है, जिसका अर्थ होता है चमड़े का थैला या बैग। उसके बाद यह फ्रांसीसी रूप में आ गया। मतलब कि लैटिन से फ्रांसीसी में इसे बोजेट (Bougeette) कहा जाने लगा, जिसका अर्थ होता है चमड़े का छोटा थैला। उसके बाद यह शब्द 15वीं शताब्दी में अग्रेजी में एंट्री कर लिया। जी हां, अंग्रेजी में यह पहले बोगेट (Bogget) कहलाया, जो बाद में चलकर बजट (Budget) के रूप में पहचाना गया। भारत में भी इसी बजट शब्द का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन देश के संविधान में इस शब्द का जिक्र नहीं है।
सबसे अधिक बजट पेश करने के मामले में पीछे है निर्मला सीतारमण
आपको यह नहीं पता होगा कि भारत में सबसे ज्यादा बजट भारत के किस वित्त म़ंत्री ने पेश किए हैं। यदि आप यह मान रहे हैं कि बजट पेश करने के मामले में भारत की वर्तमान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नम्बर—1 पर हैं तो आप गलत हैं। हम आपको विस्तार से बताते हैं कि भारत में सबसे अधिक बजट पेश करने का रिकार्ड किस नेता के नाम पर दर्ज है।
मोरारजी देसाई हैं सबसे अधिक बार बजट पेश करने वाले नेता
भारत के भूतपूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के नाम सबसे अधिक बार बजट पेश करने का रिकार्ड मौजूद है। स्व0 मोरारजी देसाई ने अपने जीवन काल में भारत सरकार के 10 बजट पेश किए थे। मोरारजी देसाई के बाद इस कड़ी में दूसरा नम्बर पूर्व वित्त मंत्री पी.0 चिदम्बरम ने 9 बार भारत का केन्द्रीय बजट संसद में पेश किया था। इस मामले में तीसरा नम्बर प्रणव मुखर्जी का है उन्होंने 8 बार बजट पेश किया था। वर्ष—2025 का बजट पेश करके वर्तमान वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण प्रणव मुखर्जी जी बराबरी कर ली थी। निर्मला सीतारमण वर्ष 2026 का बजट पेश करके 9 बार बजट पेश करने वाली वित्त मंत्री बन जाएंगी। Budget 2026












