आईसीसी की मीटिंग से गायब मोहसिन नकवी? बीसीसीआई की चेतावनी से डरा पाकिस्तान
भारत
चेतना मंच
04 Nov 2025 05:32 PM
भारत और पाकिस्तान के बीच एशिया कप 2025 की ट्रॉफी को लेकर जारी विवाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ता जा रहा है। टीम इंडिया को ट्रॉफी जीते हुए एक महीना बीत चुका है, लेकिन अब तक एशियन क्रिकेट काउंसिल (एसीसी) की ओर से ट्रॉफी सौंपने की औपचारिकता पूरी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि एसीसी के चेयरमैन और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख मोहसिन नकवी खुद इस ट्रॉफी को देने पर अड़े हुए हैं और यही विवाद अब आईसीसी (आईसीसी) की बड़ी मीटिंग तक पहुंच गया है। Asia Cup Trophy Controversy 2025 :
बीसीसीआई ने जताई नाराजगी, आईसीसी में उठेगा मुद्दा
सूत्रों के अनुसार, बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने इस मामले में एसीसी को औपचारिक रूप से पत्र भेजा है और ट्रॉफी को मुंबई मंगवाने की मांग की है। बीसीसीआई अधिकारियों का कहना है कि विजेता टीम को सम्मानपूर्वक ट्रॉफी सौंपना क्रिकेट की परंपरा है, इसे व्यक्तिगत विवाद का विषय नहीं बनाया जा सकता। आईसीसी की दुबई में चल रही चार दिवसीय मीटिंग में भारत इस मुद्दे को औपचारिक रूप से उठाने जा रहा है। क्रिकेट जगत में यह चर्चा तेज है कि अगर नकवी इस बैठक में शामिल नहीं होते, तो यह पाकिस्तान की राजनैतिक बचाव रणनीति के तौर पर देखा जाएगा।
नकवी मीटिंग से दूर रहने की तैयारी में?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि मोहसिन नकवी इस मीटिंग में शरीक नहीं होंगे। उनकी जगह बोर्ड के चीफ आॅपरेटिंग आॅफिसर सुमैर सैयद सीईओ मीटिंग में हिस्सा लेंगे। हालांकि, सात नवंबर को होने वाली मुख्य बोर्ड मीटिंग में नकवी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हो सकते हैं। अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि नकवी की गैरहाजिरी का एक कारण यह भी हो सकता है कि भारत और अन्य सदस्य देशों की ओर से ट्रॉफी विवाद को लेकर उन पर दबाव बढ़ गया है।
एशिया कप फाइनल के बाद शुरू हुआ विवाद
दरअसल, सितंबर के अंत में हुए एशिया कप 2025 फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को हराकर खिताब अपने नाम किया था। लेकिन मैच के बाद एक अभूतपूर्व घटना हुई टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने मोहसिन नकवी के हाथों से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इसका कारण नकवी के पिछले भारत विरोधी बयानों को माना गया। नतीजा यह हुआ कि नकवी ट्रॉफी को अपने साथ दुबई ले गए और अब तक वह एसीसी मुख्यालय में बंद है।
भारत-पाक रिश्तों में नई तल्खी
क्रिकेट को लेकर यह विवाद अब दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों तक पहुंच गया है। बीसीसीआई का रुख साफ है कि खेल को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि ट्रॉफी सौंपने की प्रक्रिया सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि प्रतीकात्मक भी है। कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह विवाद आईसीसी स्तर पर नहीं सुलझा, तो भविष्य में भारत और पाकिस्तान के बीच किसी भी बहु-पक्षीय टूनार्मेंट की मेजबानी पर असर पड़ सकता है।
क्रिकेट के साथ राजनीति का घालमेल
गौरतलब है कि मोहसिन नकवी न सिर्फ पीसीबी चेयरमैन हैं, बल्कि पाकिस्तान सरकार में गृह मंत्री का पद भी संभाल रहे हैं। कहा जा रहा है कि जय शाह के आईसीसी चेयरमैन बनने के बाद से नकवी किसी भी आईसीसी मीटिंग में शामिल नहीं हुए हैं। ऐसे में उनकी इस बार की अनुपस्थिति ने और भी अटकलों को जन्म दे दिया है कि क्या नकवी क्रिकेट डिप्लोमेसी के इस नए दौर से पीछे हटना चाहते हैं?
एशिया कप की यह ट्रॉफी जंग अब महज एक खेल विवाद नहीं रही, बल्कि यह भारत-पाक क्रिकेट संबंधों में नई दरार की गवाही दे रही है। अब सबकी निगाहें 7 नवंबर की आईसीसी बोर्ड मीटिंग पर टिकी हैं, जहां तय होगा कि क्या टीम इंडिया को आखिरकार उसकी जीती हुई ट्रॉफी मिलेगी, या फिर यह विवाद और गहराएगा।