ट्रंप की एक पोस्ट से मच गई खलबली, क्या भारत में होने वाला है कुछ बड़ा?
Donald Trump के ईरान को लेकर नए टैरिफ ऐलान ने वैश्विक बाजारों में हलचल मचा दी है। अमेरिका द्वारा 25% टैरिफ लगाने की धमकी के बाद भारतीय शेयर बाजार में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली है। सेंसेक्स और निफ्टी की शुरुआती तूफानी तेजी कुछ ही मिनटों में बड़ी कमजोरी में बदल गई है।

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जो अचानक बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला उसने निवेशकों को चौंका दिया। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में जबरदस्त तेजी दिखाई लेकिन कुछ ही देर में यह तेजी भारी गिरावट में बदल गई। इस अचानक बदली चाल के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया टैरिफ ऐलान मानी जा रही है। ईरान को लेकर दी गई डोनाल्ड ट्रंप की सख्त धमकी ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार की भी टेंशन बढ़ा दी है।
क्या है ट्रंप का नया टैरिफ ऐलान?
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ऐलान किया कि अमेरिका, ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश पर 25% टैरिफ लगाएगा। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान से व्यापार करेगा उसे अमेरिका के साथ अपने सभी व्यापार पर तत्काल प्रभाव से 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ देना होगा और यह फैसला अंतिम होगा। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर नई अनिश्चितता पैदा कर दी है।
भारतीय शेयर बाजार पर तुरंत दिखा असर
ट्रंप के इस बयान का असर भारतीय शेयर बाजार पर तुरंत देखने को मिला। बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,878.17 के मुकाबले मजबूती के साथ 84,000 के ऊपर खुला और कुछ ही मिनटों में 84,258 तक पहुंच गया लेकिन अचानक बाजार की दिशा बदली और सेंसेक्स करीब 250 अंक से ज्यादा टूटकर 83,616 के स्तर पर आ गया। वहीं एनएसई का निफ्टी भी 25,897 पर खुलने के बाद फिसलकर 25,709 तक पहुंच गया।
भारत को क्यों सता रहा 75% टैरिफ का खौफ?
असल चिंता की वजह यह है कि अगर अमेरिका ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लागू करता है, तो भारत पर पहले से लागू लगभग 50% टैरिफ बढ़कर 75% तक पहुंच सकता है। हालांकि भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद 2019 से ईरानी तेल का आयात बंद कर दिया है लेकिन इसके बावजूद भारत और ईरान के बीच अन्य कई तरह का व्यापार अब भी जारी है।
भारत-ईरान के बीच क्या-क्या ट्रेड होता है?
भारत ईरान को चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर, इलेक्ट्रिक मशीनरी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी का निर्यात करता है। वहीं ईरान से भारत में सूखे मेवे, ऑर्गेनिक-इनऑर्गेनिक केमिकल्स और कांच के बर्तन आयात किए जाते हैं। ऐसे में अगर अमेरिका की तरफ से अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाता है तो इन सेक्टर्स पर सीधा असर पड़ सकता है।
किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट?
बाजार में आई अचानक गिरावट के चलते कई बड़े, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर दबाव में आ गए। लार्जकैप में L&T, HCL Tech और Bharti Airtel जैसे शेयरों में 1.5% से 2.3% तक की गिरावट देखने को मिली। मिडकैप सेगमेंट में Glenmark, Dixon Tech, Godrej Properties और AU Bank फिसलते नजर आए। वहीं स्मॉलकैप शेयरों में Lotus Chocolate, Jubilant Agri और NEC Life सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में शामिल रहे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
ट्रंप के टैरिफ ऐलान ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में जियो-पॉलिटिकल टेंशन और ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे माहौल में शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे घबराकर फैसले न लें और लंबी अवधि की रणनीति के साथ निवेश करें।
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)
भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को जो अचानक बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला उसने निवेशकों को चौंका दिया। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती कारोबार में जबरदस्त तेजी दिखाई लेकिन कुछ ही देर में यह तेजी भारी गिरावट में बदल गई। इस अचानक बदली चाल के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नया टैरिफ ऐलान मानी जा रही है। ईरान को लेकर दी गई डोनाल्ड ट्रंप की सख्त धमकी ने वैश्विक बाजारों के साथ-साथ भारतीय शेयर बाजार की भी टेंशन बढ़ा दी है।
क्या है ट्रंप का नया टैरिफ ऐलान?
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए ऐलान किया कि अमेरिका, ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश पर 25% टैरिफ लगाएगा। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि जो भी देश इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान से व्यापार करेगा उसे अमेरिका के साथ अपने सभी व्यापार पर तत्काल प्रभाव से 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ देना होगा और यह फैसला अंतिम होगा। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार को लेकर नई अनिश्चितता पैदा कर दी है।
भारतीय शेयर बाजार पर तुरंत दिखा असर
ट्रंप के इस बयान का असर भारतीय शेयर बाजार पर तुरंत देखने को मिला। बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 83,878.17 के मुकाबले मजबूती के साथ 84,000 के ऊपर खुला और कुछ ही मिनटों में 84,258 तक पहुंच गया लेकिन अचानक बाजार की दिशा बदली और सेंसेक्स करीब 250 अंक से ज्यादा टूटकर 83,616 के स्तर पर आ गया। वहीं एनएसई का निफ्टी भी 25,897 पर खुलने के बाद फिसलकर 25,709 तक पहुंच गया।
भारत को क्यों सता रहा 75% टैरिफ का खौफ?
असल चिंता की वजह यह है कि अगर अमेरिका ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25% टैरिफ लागू करता है, तो भारत पर पहले से लागू लगभग 50% टैरिफ बढ़कर 75% तक पहुंच सकता है। हालांकि भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों के बाद 2019 से ईरानी तेल का आयात बंद कर दिया है लेकिन इसके बावजूद भारत और ईरान के बीच अन्य कई तरह का व्यापार अब भी जारी है।
भारत-ईरान के बीच क्या-क्या ट्रेड होता है?
भारत ईरान को चावल, चाय, चीनी, दवाइयां, कृत्रिम फाइबर, इलेक्ट्रिक मशीनरी और आर्टिफिशियल ज्वेलरी का निर्यात करता है। वहीं ईरान से भारत में सूखे मेवे, ऑर्गेनिक-इनऑर्गेनिक केमिकल्स और कांच के बर्तन आयात किए जाते हैं। ऐसे में अगर अमेरिका की तरफ से अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाता है तो इन सेक्टर्स पर सीधा असर पड़ सकता है।
किन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा गिरावट?
बाजार में आई अचानक गिरावट के चलते कई बड़े, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर दबाव में आ गए। लार्जकैप में L&T, HCL Tech और Bharti Airtel जैसे शेयरों में 1.5% से 2.3% तक की गिरावट देखने को मिली। मिडकैप सेगमेंट में Glenmark, Dixon Tech, Godrej Properties और AU Bank फिसलते नजर आए। वहीं स्मॉलकैप शेयरों में Lotus Chocolate, Jubilant Agri और NEC Life सबसे ज्यादा टूटने वाले शेयरों में शामिल रहे।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
ट्रंप के टैरिफ ऐलान ने साफ कर दिया है कि आने वाले समय में जियो-पॉलिटिकल टेंशन और ट्रेड वॉर का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे माहौल में शेयर बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे घबराकर फैसले न लें और लंबी अवधि की रणनीति के साथ निवेश करें।
(नोट- शेयर बाजार में किसी भी तरह के निवेश से पहले अपने मार्केट एक्सपर्ट्स की सलाह जरूर लें।)












