प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मदर आफ आल डील्स बताया। इस समझौते के लागू होने से भारतीय बाजार में यूरोपियन कारों की कीमतों में भारी गिरावट आने की संभावना है। इस डील के बाद विशेषज्ञ यह कहने लगे हैं कि ट्रंप देखते रहे और कारवां गुजर गया।

Trade Agreement : भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) ने कई सालों की बातचीत के बाद आखिरकार मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मदर आफ आल डील्स बताया। इस समझौते के लागू होने से भारतीय बाजार में यूरोपियन कारों की कीमतों में भारी गिरावट आने की संभावना है। इस डील के बाद विशेषज्ञ यह कहने लगे हैं कि ट्रंप देखते रहे और कारवां गुजर गया।
फॉक्सवैगन, रेनो, मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियां। इन कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में अपने उत्पाद पेश करना अब आसान और किफायती होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को छूट नहीं होगी। इस डील में ईवी शामिल नहीं हैं। टेस्ला और अन्य यूरोपीय इलेक्ट्रिक कार निर्माता अभी भी पुराने टैक्स नियमों के अनुसार ही शुल्क देंगे।
2007 में बातचीत शुरू हुई थी। 2013 में यह ठप हो गई। 2022 में पुन: शुरू हुई और 2026 में फाइनल हुई। इस डील के साथ भारत जापान और दक्षिण कोरिया के बाद तीसरा एशियाई देश बन गया जिसने ईवी समेत यूरोप के साथ एफटीए किया। भारत-ईयू का व्यापार 2024-25 में लगभग 190 अरब डॉलर था। नए समझौते से यह और बढ़ने की उम्मीद है। वैश्विक सप्लाई चेन मजबूत होगी और निवेशकों का भारत में भरोसा बढ़ेगा। लग्जरी और प्रीमियम यूरोपियन कारें अब भारतीय बाजार में सस्ती और अधिक उपलब्ध होंगी। यह कदम भारत को वैश्विक व्यापार में और मजबूत स्थिति दिलाएगा।