52 लाख लोगों का राशन कार्ड रद्द! जल्दी जान लें जरूरी अपडेट

बिहार के राशन कार्डधारकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। सरकार ने राशन कार्ड eKYC कराने की अंतिम तारीख 28 फरवरी तय की है। समय पर eKYC नहीं कराने पर मुफ्त राशन बंद हो सकता है। जानें राशन कार्ड eKYC ऑनलाइन और ऑफलाइन करने का आसान तरीका। मोबाइल से घर बैठे eKYC कैसे करें पूरी जानकारी यहां पढ़ें।

Bihar Ration Card eKYC
बिहार राशन कार्ड eKYC को लेकर सरकार का नया आदेश
locationभारत
userअसमीना
calendar07 Feb 2026 02:04 PM
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अगर आप बिहार में रहते हैं और आपके पास राशन कार्ड है तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। क्या आपने हाल ही में अपना राशन कार्ड चेक किया है? कहीं ऐसा तो नहीं कि आपके परिवार के किसी सदस्य का नाम कट गया हो या फिर पूरा राशन कार्ड ही अमान्य हो गया हो? बिहार सरकार ने राशन कार्ड से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है जिसके तहत eKYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर आपने तय तारीख तक यह काम नहीं कराया तो आपको सरकारी राशन मिलना बंद हो सकता है।

बिहार सरकार ने क्यों जारी किया eKYC का नोटिस?

बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने हाल ही में एक अहम नोटिस जारी किया है। इस नोटिस के अनुसार, राज्य में राशन कार्डधारकों की जांच के दौरान कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि बड़ी संख्या में ऐसे नाम राशन कार्ड में जुड़े हैं जो या तो अपात्र हैं या फिर गलत तरीके से लाभ ले रहे हैं। इसी वजह से अब तक 52 लाख से ज्यादा लोगों के नाम राशन कार्ड की सूची से हटाए जा चुके हैं। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ सही और पात्र लोगों तक ही पहुंचे। इसी कारण अब सभी राशन कार्डधारकों का eKYC अनिवार्य कर दिया गया है।

राशन कार्ड eKYC की आखिरी तारीख क्या है?

बिहार सरकार ने राशन कार्ड eKYC कराने के लिए 28 फरवरी तक का समय दिया है। इस तारीख से पहले सभी राशन कार्डधारकों को ऑनलाइन या ऑफलाइन किसी भी तरीके से eKYC पूरा करना होगा। अगर तय समयसीमा तक eKYC नहीं कराया गया तो राशन कार्ड से मिलने वाला मुफ्त या सस्ता अनाज बंद हो सकता है।

राशन दुकान पर जाकर eKYC कैसे कराएं?

जो लोग मोबाइल से eKYC नहीं कर पाते हैं वे नजदीकी जन वितरण प्रणाली (PDS) दुकान पर जाकर यह काम आसानी से करा सकते हैं। इसके लिए आपको अपना आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ ले जाना होगा। दुकानदार e-POS मशीन के जरिए आपका बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन करेगा जो उंगलियों के निशान या आंखों की पुतलियों से होगा। ध्यान रखें इस प्रक्रिया के लिए कोई भी फीस नहीं ली जाती है। अगर कोई दुकानदार पैसे मांगता है तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं।

मोबाइल से घर बैठे राशन कार्ड eKYC कैसे करें?

  • अगर आपके पास स्मार्टफोन है तो आप बिना कहीं जाए घर बैठे खुद ही राशन कार्ड eKYC कर सकते हैं। इसके लिए आपको कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे।
  • सबसे पहले अपने मोबाइल में ‘मेरा KYC’ और Aadhaar FaceRD ऐप डाउनलोड करें। इसके बाद मोबाइल की लोकेशन ऑन करके ‘मेरा KYC’ ऐप खोलें और राज्य के रूप में बिहार चुनें। अब ‘Verify Location’ पर क्लिक करें। इसके बाद अपना आधार नंबर और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर डालकर OTP से वेरिफिकेशन करें।
  • वेरिफिकेशन के बाद आपकी जानकारी स्क्रीन पर आ जाएगी। नीचे Face eKYC का विकल्प दिखाई देगा। इस पर क्लिक करते ही मोबाइल कैमरा ऑन हो जाएगा। कैमरे में दिख रहे सर्कल के अंदर अपना चेहरा रखें। जैसे ही सर्कल हरा (Green) हो जाएगा आपका eKYC सफलतापूर्वक पूरा हो जाएगा। स्टेटस चेक करने पर अगर Y लिखा आता है तो समझिए आपका काम हो गया।

राशन कार्ड eKYC क्यों है इतना जरूरी?

बिहार के सभी 38 जिलों में राशन कार्ड की जांच के दौरान बड़ी संख्या में गलत एंट्री सामने आई हैं। इसी वजह से सरकार अब लगभग 6 करोड़ 74 लाख लाभार्थियों का eKYC कराना चाहती है। राज्य में कुल मिलाकर 2 करोड़ 10 लाख से ज्यादा राशन कार्ड हैं। eKYC से सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ सिर्फ सही लोगों को मिले और फर्जी लाभार्थियों को हटाया जा सके।

राशन कार्ड eKYC से जुड़ी हेल्पलाइन

अगर आपको eKYC कराने में कोई परेशानी आ रही है या कोई जानकारी चाहिए तो आप सरकार द्वारा जारी टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। आप 1800-3456-194, 14445 या 1967 पर कॉल करके मदद ले सकते हैं।

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यूपी सरकार भरेगी किसानों के लोन का ब्याज! जानिए पूरा प्लान

उत्तर प्रदेश सरकार किसानों के लोन का ब्याज भरेगी और Kisan Credit Card के जरिए अब सिर्फ 5 मिनट में लोन मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने e-KCC, कम ब्याज दर, 3 लाख करोड़ के कृषि लोन लक्ष्य और किसानों को मिलने वाली नई सुविधाओं की पूरी जानकारी दी है।

Kisan Credit Card Loan Yojana
किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
locationभारत
userअसमीना
calendar06 Feb 2026 02:38 PM
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उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी घोषणा की है। अब किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के जरिए लोन लेने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ई-केसीसी (e-KCC) व्यवस्था को मजबूत किया है जिससे अब मात्र 5 मिनट में लोन स्वीकृत किया जा रहा है। इसके साथ ही सरकार किसानों के लोन पर ब्याज का बड़ा हिस्सा खुद वहन करेगी ताकि किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो और वे आत्मनिर्भर बन सकें।

पहले और अब में बड़ा फर्क

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले जब कोई किसान किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लोन लेने जाता था तो उसे 25 दिन से लेकर एक महीने तक इंतजार करना पड़ता था। इस प्रक्रिया में कागजी कार्रवाई ज्यादा थी और कई बार किसान हतोत्साहित हो जाता था। लेकिन अब डिजिटल और ई-केसीसी सिस्टम के जरिए यह प्रक्रिया बेहद सरल, तेज और पारदर्शी हो गई है। यही सुशासन का उदाहरण है जहां योजनाएं जमीन पर असर दिखा रही हैं।

2026-27 में कृषि लोन का बड़ा लक्ष्य

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 3 लाख करोड़ रुपये के कृषि लोन का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य पहले की तुलना में लगभग 13 प्रतिशत ज्यादा है। इसका सीधा लाभ प्रदेश के छोटे, सीमांत और मध्यम किसानों को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य है कि किसान समय पर लोन लेकर खेती में निवेश करें और उनकी आय बढ़े।

किसानों को सिर्फ 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पहले किसानों को लगभग 11 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन लेना पड़ता था जिससे वे कर्ज के बोझ में दब जाते थे। अब सरकार ने निर्देश दिए हैं कि लघु और सीमांत किसानों को 5 से 6 प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दिया जाए। बाकी ब्याज का भुगतान सरकार करेगी। इससे किसानों को राहत मिलेगी और बैंकिंग सिस्टम भी मजबूत होगा।

AI और तकनीक से बदलेगी खेती

योगी सरकार खेती में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से केंद्रीय बजट में AI एग्रीकल्चर प्लेटफॉर्म की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है जिससे फसल उत्पादन, लागत नियंत्रण और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

FPO बने यूपी की नई ताकत

फार्मर प्रोड्यूसर ऑर्गनाइजेशन (FPO) को प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दिव्यांगों द्वारा संचालित कसया मिल्क प्रोड्यूसर FPO और महिलाओं द्वारा संचालित मथुरा की सरसों उत्पादन कंपनी की सराहना की। ये FPO पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बन चुके हैं और दिखा रहे हैं कि संगठित खेती कैसे सफलता दिला सकती है।

MSME और ODOP से बदली प्रदेश की पहचान

उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला-एक उत्पाद (ODOP) योजना ने MSME सेक्टर को नई पहचान दी है। आज प्रदेश में लगभग 96 लाख MSME यूनिट्स काम कर रही हैं जिनसे करीब 3 करोड़ परिवार जुड़े हैं। सरकार 5 लाख रुपये तक का सुरक्षा बीमा भी दे रही है। टेक्नोलॉजी, पैकेजिंग और डिजाइनिंग से ODOP को एक मजबूत ब्रांड बनाया गया है जिससे प्रदेश का निर्यात तेजी से बढ़ा है।

मुफ्त बिजली और सिंचाई से किसानों को राहत

उत्तर प्रदेश देश ही नहीं बल्कि दुनिया का पहला ऐसा राज्य बन गया है जहां 86 प्रतिशत भूमि सिंचित है। प्रदेश में 16 लाख ट्यूबवेल को मुफ्त बिजली दी जा रही है और नहरों से सिंचाई भी मुफ्त है। इसके अलावा एक लाख से ज्यादा किसानों को सोलर पैनल दिए जा चुके हैं जिससे खेती की लागत काफी कम हुई है।

बैंकों से शर्तें आसान करने की अपील

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैंकों से अपील की है कि वे लोन की शर्तों को सरल बनाएं और किसानों, FPO, MSME और सहकारिता से जुड़े लोगों को सकारात्मक सहयोग दें। योजनाओं का असली लाभ तभी मिलेगा जब वे जमीन पर सही तरीके से लागू हों और किसानों तक आसानी से पहुंचें।

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ममता बनर्जी ने महिलाओं-युवाओं के लिए खोला खजाना, हर महीने मिलेंगे पैसे

पश्चिम बंगाल बजट 2026-27 में ममता बनर्जी सरकार ने चुनाव से पहले महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े ऐलान किए हैं। लक्ष्मी भंडार योजना के तहत अब SC/ST महिलाओं को 1700 रुपये और सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये हर महीने मिलेंगे।

Laxmi Bhandar Scheme
लक्ष्मी भंडार योजना
locationभारत
userअसमीना
calendar06 Feb 2026 01:56 PM
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चुनावी माहौल के बीच पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने जनता को बड़ी राहत दी है। गुरुवार को पेश किए गए 2026-27 के अंतरिम बजट में महिलाओं, युवाओं और श्रमिक वर्ग के लिए कई अहम घोषणाएं की गई हैं। कुल 4.06 लाख करोड़ रुपये के इस बजट को चुनाव से पहले सरकार का मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस बजट में सीधे आम लोगों की जेब से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया है जिससे इसका असर हर घर तक पहुंचने की उम्मीद है।

लक्ष्मी भंडार योजना में बड़ा इजाफा

महिलाओं के लिए चलाई जा रही लोकप्रिय लक्ष्मी भंडार योजना में ममता सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। अब तक इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1000 से 1200 रुपये प्रति माह मिलते थे लेकिन बजट 2026-27 में इसमें 500 रुपये महीने की बढ़ोतरी की घोषणा कर दी गई है। अब SC/ST वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये प्रति माह और सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह योजना 25 से 60 वर्ष की उन महिलाओं के लिए है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) में आती हैं। इस फैसले से लाखों महिलाओं को सीधी आर्थिक राहत मिलने वाली है।

बेरोजगार युवाओं को भी मिलेगा लाभ

महिलाओं के साथ-साथ सरकार ने बेरोजगार युवाओं पर भी बड़ा दांव खेला है। बजट में ‘युवा साथी योजना’ का ऐलान किया गया है जिसके तहत 21 से 40 वर्ष तक के बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। यह बेरोजगारी भत्ता युवाओं को तब तक मिलेगा जब तक उन्हें नौकरी नहीं मिल जाती या फिर अधिकतम 5 साल तक। सरकार का कहना है कि इस योजना का मकसद युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और नौकरी की तलाश के दौरान आर्थिक सहारा देना है।

आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में भी बढ़ोतरी

बजट 2026-27 में स्वास्थ्य और बाल विकास से जुड़ी जमीनी कार्यकर्ताओं को भी राहत दी गई है। आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के भत्ते में 1000 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है। इससे इन कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को काफी हद तक पूरा किया गया है।

कुल बजट और सरकार की रणनीति

वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य द्वारा पेश किए गए इस अंतरिम बजट का कुल आकार 4.06 लाख करोड़ रुपये है। बजट से साफ है कि ममता बनर्जी सरकार का फोकस इस बार महिलाओं, युवाओं और निम्न-आय वर्ग पर है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि ये घोषणाएं आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर की गई हैं।

पश्चिम बंगाल में चुनाव कब होंगे?

पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल मई 2026 में समाप्त हो रहा है। ऐसे में मार्च-अप्रैल 2026 के बीच विधानसभा चुनाव होने की पूरी संभावना है। राज्य में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं जिन पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। चुनाव से पहले राज्य का राजनीतिक माहौल और भी गर्म हो गया है। SIR मुद्दे को लेकर ममता बनर्जी सरकार और चुनाव आयोग के बीच टकराव चल रहा है। इस मामले में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया है। शीर्ष अदालत ने चुनाव आयोग और पश्चिम बंगाल के निर्वाचन आयोग से 9 फरवरी तक जवाब मांगा है।

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